आसमान की ऊंचाइयों पर सफर कर रहे यात्रियों के लिए तब एक पल के लिए सांसें थम गईं जब विमान के भीतर एक मुसाफिर की अचानक तबीयत बिगड़ गई। मामला दिल्ली से आइजोल जा रही इंडिगो एयरलाइंस की एक उड़ान (फ्लाइट 6E 291) का है। 30 हजार फीट की ऊंचाई पर जब मौत और जिंदगी के बीच खेल चल रहा था, तब विमान में मौजूद एक शख्स ने देवदूत बनकर उस यात्री की जान बचा ली। यह घटना इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है और सोशल मीडिया पर भी इसकी जमकर सराहना हो रही है।
30 हजार फीट की ऊंचाई पर अचानक मचा हड़कंप
मिली जानकारी के अनुसार, इंडिगो की यह उड़ान अपनी तय दिशा में आगे बढ़ रही थी कि तभी अचानक विमान के भीतर एक यात्री को सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी। देखते ही देखते उसकी हालत बिगड़ने लगी और वह बेहोशी की कगार पर पहुंच गया। इस अचानक हुई आपातकालीन स्थिति (Medical Emergency) से केबिन क्रू के सदस्यों के हाथ-पांव फूल गए। विमान के भीतर मौजूद अन्य यात्री भी सहम गए। क्रू मेंबर्स ने तुरंत अनाउंसमेंट कर पूछा कि क्या फ्लाइट में कोई डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल्स मौजूद है।
हवाई सफर के दौरान इस तरह की स्थिति से निपटना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि जमीन से मीलों दूर तुरंत अस्पताल या डॉक्टर की सुविधा मिलना नामुमकिन होता है। ऐसे में समय की हर एक सेकंड की कीमत बहुत ज्यादा होती है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री बने मसीहा, आगे बढ़कर संभाली कमान
विमान में जब मदद के लिए अनाउंसमेंट हुआ, तो उसी उड़ान में यात्रा कर रहे पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और पेशे से डॉक्टर भागवत कराड (Dr. Bhagwat Karad) फौरन अपनी सीट से उठे। उन्होंने बिना एक पल गंवाए स्थिति की गंभीरता को समझा और पीड़ित यात्री के पास पहुंच गए। डॉ. कराड ने बिना समय गंवाए मरीज का प्राथमिक परीक्षण किया।
यात्री को सांस लेने में आ रही भारी दिक्कत को देखते हुए डॉ. कराड ने तत्काल ऑक्सीजन सपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उनके पेशेवर अनुभव और सूझबूझ से क्रू मेंबर्स ने तुरंत ऑक्सीजन सिलेंडर और मेडिकल किट का इंतजाम किया। डॉ. कराड ने खुद अपनी देखरेख में यात्री को ऑक्सीजन दी और उसकी नब्ज व ब्लड प्रेशर की लगातार निगरानी करते रहे।
सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
डॉ. भागवत कराड के त्वरित और प्रभावी मेडिकल हस्तक्षेप के कुछ ही मिनटों बाद यात्री की हालत में सुधार होना शुरू हो गया। उस यात्री ने राहत की सांस ली और विमान में मौजूद सभी लोगों ने भगवान का शुक्र मनाया। यदि समय पर डॉक्टर की यह मदद न मिलती, तो स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती थी।
- आपातकालीन स्थिति में ये कदम उठाए गए:
- फ्लाइट क्रू द्वारा तुरंत डॉक्टर की उपलब्धता की घोषणा की गई।
- पूर्व केंद्रीय मंत्री व डॉक्टर भागवत कराड ने तुरंत मरीज की जांच की।
- समय रहते ऑक्सीजन सपोर्ट और प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की गई।
- यात्री की हालत स्थिर होने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।
सोशल मीडिया पर हो रही है तारीफ
इस पूरी घटना का विवरण सामने आने के बाद से ही हर कोई डॉ. भागवत कराड की इस दरियादिली और पेशेवर कर्तव्यनिष्ठा की तारीफ कर रहा है। विमान में सफर कर रहे अन्य यात्रियों ने भी डॉक्टर के इस मानवीय दृष्टिकोण की सराहना की। संकट के समय राजनीति या पद से परे हटकर एक डॉक्टर का फर्ज निभाने के लिए उनकी हर तरफ वाहवाही हो रही है।
एविएशन सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का भी मानना है कि एयरलाइंस में इस तरह की मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए क्रू मेंबर्स की ट्रेनिंग और विमान में उन्नत मेडिकल किट की मौजूदगी बेहद जरूरी होती है, लेकिन यदि यात्रा के दौरान कोई अनुभवी डॉक्टर साथ हो, तो वह सोने पर सुहागा साबित होता है, जैसा कि इस मामले में देखने को मिला।
निष्कर्ष
यह घटना साबित करती है कि इंसानियत और कर्तव्यबोध किसी भी पद से ऊपर होते हैं। समय पर ली गई सही सूझबूझ और मेडिकल सहायता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आसमान की ऊंचाइयों पर भी इंसानियत का हाथ हमेशा सुरक्षित रखता है। फिलहाल, संबंधित यात्री पूरी तरह से सुरक्षित है और विमान ने अपने गंतव्य की ओर सुगम यात्रा पूरी की।