मध्य प्रदेश के आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर शहर से आम जनता की जेब पर एक और बड़ा आर्थिक बोझ पड़ने की खबर सामने आ रही है। शहर में आज से दूध के नए और बढ़े हुए दाम आधिकारिक तौर पर लागू हो चुके हैं। इस बढ़ोतरी के बाद अब उपभोक्ताओं को अपनी दैनिक जरूरत के इस अहम खाद्य पदार्थ के लिए पहले से ज्यादा कीमत चुकानी होगी। लगातार बढ़ती महंगाई के इस दौर में दूध के दामों में हुआ यह इजाफा आम आदमी की रसोई के बजट को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाला है।
इंदौर में क्या हैं दूध के नए रेट?
दूध विक्रेताओं और स्थानीय संघों के नए निर्णयों के अनुसार, इंदौर में अब उपभोक्ताओं को दूध दो अलग-अलग दरों पर मिलेगा। अगर आप घर पर दूध की होम डिलीवरी मंगवाते हैं, यानी बंदी भाव, तो अब इसके लिए आपको 65 रुपये प्रति लीटर का भुगतान करना होगा। वहीं, यदि आप सीधे शहर की किसी दुकान या फिर स्थानीय डेयरी बूथ से जाकर दूध खरीदते हैं, तो वहां आपको प्रति लीटर 68 रुपये चुकाने होंगे।
दुकानों और डेयरियों पर मिलने वाले दूध के इन दामों ने शहर के मध्यम वर्ग और कामकाजी परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। दूध एक ऐसी चीज है जिसके बिना हर घर की सुबह अधूरी है, ऐसे में इसके दामों में उछाल आना सीधा घरेलू खर्च पर असर डालता है।
फैट दरों में भी हुई भारी बढ़ोतरी
महज रिटेल कीमतों में ही बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि पशुपालकों से दूध खरीदी जाने वाली दरों और उसकी गुणवत्ता (फैट) के मानकों में भी बड़ा फेरबदल किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, दूध खरीदी की फैट दर को 8.90 रुपये से बढ़ाकर सीधे 9.23 रुपये कर दिया गया है।
फैट की दरों में हुई इस बढ़ोतरी का असर आने वाले दिनों में दूध के उत्पादन और किसानों की आय पर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, पशुपालकों और दूध उत्पादकों का तर्क है कि पिछले कुछ महीनों में चारे की कीमतों, परिवहन और अन्य रख-रखाव के खर्चों में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिसके चलते दामों में यह संशोधन करना अपरिहार्य हो गया था।
आम जनता की प्रतिक्रिया और बजट पर असर
जैसे ही इंदौर में दूध के नए भाव लागू होने की खबर फैली, शहर के बाजारों और कॉलोनियों में इसकी चर्चाएं तेज हो गईं। गृहिणियों और आम नागरिकों का कहना है कि पहले से ही दाल, सब्जियां, खाद्य तेल और रसोई गैस जैसी जरूरी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं, और अब दूध महंगा होने से उनका मासिक बजट पूरी तरह से गड़बड़ा जाएगा।
- घर पहुंच दूध (बंदी भाव): 65 रुपये प्रति लीटर
- दुकानों और डेयरियों पर: 68 रुपये प्रति लीटर
- दूध खरीदी फैट रेट: 9.23 रुपये (पूर्व में 8.90 रुपये)
आगे और क्या हो सकते हैं बदलाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि जिस प्रकार से महंगाई का ग्राफ ऊपर की ओर जा रहा है, आने वाले हफ्तों में डेयरी उत्पादों जैसे कि दही, छाछ, पनीर और मावे के दामों में भी तेजी आ सकती है। जब कच्चे दूध के दाम बढ़ते हैं, तो उससे जुड़े अन्य डेयरी प्रोडक्ट भी स्वतः महंगे हो जाते हैं। इंदौर के नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने मासिक खर्चों को इन नए दामों के अनुसार ही प्रबंधित करें।
फिलहाल, आज से लागू हुए इन नए रेट्स ने इंदौर के हर घर में हलचल पैदा कर दी है और हर कोई यही सोच रहा है कि महंगाई की यह गाड़ी आखिर कब जाकर थमेगी।