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भूकंप के पूरे 10 साल बाद भी खंडहर क्यों है इटली का यह शहर? जानिए दर्दनाक दास्तान

भूकंप के पूरे 10 साल बाद भी खंडहर क्यों है इटली का यह शहर? जानिए दर्दनाक दास्तान

खंडहरों में तब्दील हो चुकी गलियां, हवा में तैरती तबाही की खामोशी और अपने आशियानों की तलाश में भटकते लोग। यह किसी हॉलीवुड फिल्म का सेट नहीं, बल्कि मध्य इटली के ऐतिहासिक शहर अमाट्रीस (Amatrice) की आज की कड़वी सच्चाई है। आज से ठीक एक दशक पहले आए एक शक्तिशाली भूकंप ने इस खूबसूरत शहर को चंद सेकंड में मलबे के ढेर में बदल दिया था। उम्मीद थी कि वक्त के साथ जख्म भर जाएंगे और शहर फिर से आबाद हो जाएगा, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।

2016 की वह काली रात जो कभी नहीं भूलेगी

24 अगस्त 2016 की वह भयानक रात इटली के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में दर्ज है। रिक्टर स्केल पर 6.2 की तीव्रता वाले उस भूकंप ने अमाट्रीस को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया था। इस प्राकृतिक आपदा में लगभग 300 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी, जिनमें से अधिकांश अकेले अमाट्रीस और उसके आसपास के इलाकों से थे। ऐतिहासिक इमारतें, सदियों पुराने चर्च और लोगों की जीवनभर की कमाई मलबे में दफन हो गई थी।

घटना के तुरंत बाद पूरी दुनिया से संवेदनाओं का तांता लग गया था। तत्कालीन सरकार और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने वादा किया था कि अमाट्रीस को पहले से भी ज्यादा खूबसूरत और आधुनिक रूप में बसाया जाएगा। अरबों यूरो के फंड का ऐलान हुआ, बड़े-बड़े नक्शे पास हुए और कागजों पर विकास की लंबी लकीरें खींची गईं। लेकिन ज़मीनी हालात इन वादों से कोसों दूर हैं।

क्यों अटका पड़ा है पुनर्निर्माण का काम?

भूकंप के पूरे दस साल बीत जाने के बाद भी अमाट्रीस में पुनर्निर्माण की रफ्तार बेहद सुस्त है। इसके पीछे कई जटिल प्रशासनिक और सामाजिक कारण जिम्मेदार हैं:

  • लाल फीताशाही और नौकरशाही: इटली की जटिल प्रशासनिक व्यवस्था और अनुमति लेने की लंबी प्रक्रिया ने विकास कार्यों की गति पर ब्रेक लगा दिया है। हर छोटे फैसले के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता है।
  • भ्रष्टाचार के साए: आपदा राहत कोष में कथित अनियमितताओं और ठेकेदारों की मिलीभगत ने भी इस प्रक्रिया को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई मामलों में जांच एजेंसियों की एंट्री के बाद काम रोक दिए गए।
  • ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने की चुनौती: अमाट्रीस अपनी प्राचीन वास्तुकला के लिए जाना जाता था। नियमों के मुताबिक पुराने स्वरूप को बचाते हुए आधुनिक और भूकंप-रोधी इमारतें खड़ी करना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
  • आबादी का पलायन: रोजगार और बेहतर जीवन की तलाश में युवा पीढ़ी और कई परिवार आसपास के बड़े शहरों में शिफ्ट हो गए। अब वहां लौटने वालों की संख्या बहुत कम बची है।

अस्थायी बस्तियों में कट रही है जिंदगी

शहर के मुख्य हिस्से में आज भी मलबा हटाने और नए निर्माण का काम चल रहा है। जो लोग कभी अपने पक्के मकानों में शान से रहते थे, वे आज भी सरकार द्वारा मुहैया कराई गई कंटेनरनुमा अस्थायी बस्तियों (Temporary Housing) में रहने को मजबूर हैं। सर्दियों की कड़ाकुन ठंड और गर्मियों की चिलचिलाती धूप में इन कंटेनरों में रहना स्थानीय बुजुर्गों और बच्चों के लिए किसी सजा से कम नहीं है।

"हमने अपने घरों के साथ-साथ अपने अपने इतिहास और अपनों को खोया है। सरकार ने वादे तो बहुत किए, लेकिन हमारी जिंदगी आज भी वहीं अटकी हुई है जहाँ दस साल पहले छूटी थी।" - मार्को (अमाट्रीस के एक स्थानीय निवासी)

स्थानीय अर्थव्यवस्था और संस्कृति पर संकट

अमाट्रीस पूरी दुनिया में अपनी एक खास डिश 'अमाट्रीसिया पास्ता' (Pasta all'Amatriciana) के लिए मशहूर था। पर्यटन और स्थानीय कृषि यहाँ की आर्थिकी की रीढ़ हुआ करती थी। भूकंप के बाद से पर्यटकों का आना लगभग बंद हो गया है। स्थानीय व्यवसायियों के पास न तो अपनी दुकानें हैं और न ही ग्राहकों की वह रौनक जो कभी हुआ करती थी। हालांकि, कुछ छोटे व्यापारियों ने अपनी जिद और हिम्मत के बल पर कंटेनरों में ही अपनी दुकानें फिर से शुरू की हैं, लेकिन संघर्ष अभी भी जारी है।

भविष्य की उम्मीदें और सबक

अमाट्रीस का यह दर्दनाक सफर पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा सबक है कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए केवल फौरी राहत काफी नहीं होती, बल्कि दीर्घकालिक और पारदर्शी पुनर्निर्माण नीतियां उतनी ही जरूरी हैं। भले ही प्रशासनिक सुस्ती ने लोगों को निराश किया हो, लेकिन अमाट्रीस के लोगों की जिजीविषा और अपने शहर के प्रति उनका प्रेम अभी भी कम नहीं हुआ है।

जब तक शहर की हर गली फिर से गुलजार नहीं हो जाती और हर विस्थापित परिवार को उसका असली घर वापस नहीं मिल जाता, तब तक अमाट्रीस का यह संघर्ष दुनिया को यह याद दिलाता रहेगा कि तबाही कुछ पलों में आती है, लेकिन उसे सुधारने में पीढ़ियां लग जाती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. अमाट्रीस में भूकंप कब आया था?

अमाट्रीस में विनाशकारी भूकंप 24 अगस्त 2016 की सुबह आया था, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.2 मापी गई थी।

2. पुनर्निर्माण में इतनी देरी क्यों हो रही है?

जटिल नौकरशाही, कानूनी अड़चनों, ऐतिहासिक स्वरूप को संरक्षित करने की शर्तें और फंड प्रबंधन से जुड़ी समस्याएं पुनर्निर्माण में मुख्य बाधाएं रही हैं।

3. क्या अमाट्रीस के लोग अब भी तंबुओं या अस्थायी घरों में रह रहे हैं?

हाँ, कई परिवार अभी भी सरकार द्वारा बनाए गए विशेष अस्थायी कंटेनर घरों में रहने को मजबूर हैं क्योंकि उनके पक्के मकानों का पुनर्निर्माण पूरा नहीं हो पाया है।

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रिपोर्टर: Kavya Tripathi

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