दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था कहे जाने वाले अमेरिका की वित्तीय सेहत को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अमेरिकी इतिहास में पहली बार देश का कुल राष्ट्रीय कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। इस भारी-भरकम कर्ज ने न केवल अमेरिकी नीति निर्माताओं की नींद उड़ा दी है, बल्कि पूरी दुनिया के वित्तीय बाजारों में भी चिंता की लहर दौड़ा दी है।
अमेरिकी वित्त विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश की आर्थिक स्थिति लगातार एक ऐसे चक्रव्यूह में फंसती जा रही है, जिससे निकलना सरकार के लिए बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। आलम यह है कि हर पांच महीने के भीतर अमेरिका पर एक ट्रिलियन डॉलर का नया कर्ज जुड़ रहा है।
अविश्वसनीय रफ्तार से बढ़ रहा है कर्ज का बोझ
आंकड़ों पर गौर करें तो अमेरिका के कर्ज बढ़ने की यह रफ्तार किसी डरावने सपने जैसी है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल अक्टूबर के महीने में अमेरिकी कर्ज का यह आंकड़ा 38 ट्रिलियन डॉलर के पार दर्ज किया गया था। इसके ठीक पांच महीने बाद यानी मार्च आते-आते यह बढ़कर 39 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
और अब, अगस्त के आंकड़ों ने तो पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। अमेरिकी सार्वजनिक कर्ज का कुल आंकड़ा अब 40.047 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच चुका है। इसमें से करीब 32.266 ट्रिलियन डॉलर की सरकारी सिक्योरिटीज सीधे तौर पर जनता के पास मौजूद हैं, जबकि लगभग 7.782 ट्रिलियन डॉलर का अंतर-सरकारी कर्ज (Inter-governmental debt) शामिल है।
मात्र 10 महीनों में 2 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोतरी
विशेषज्ञों के लिए सबसे डरावनी बात यह है कि देश की कर्ज सीमा में पिछले महज दस महीनों के भीतर लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर की भारी-भरकम बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों पर होने वाला खर्च, टैक्स के जरिए मिलने वाले कुल राजस्व से कहीं ज्यादा हो चुका है। यही वजह है कि सरकार को अपने रोजाना के खर्चों को चलाने के लिए लगातार भारी मात्रा में कर्ज लेना पड़ रहा है।
कल्याणकारी योजनाएं और भारी-भरकम रक्षा बजट जिम्मेदार
आखिर अमेरिका जैसी महाशक्ति इस तरह कर्ज के दलदल में क्यों धंसती जा रही है? इसके पीछे कई मुख्य कारण जिम्मेदार हैं:
- रक्षा बजट: अमेरिका अपनी सुरक्षा और सैन्य साजो-सामान पर दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करता है।
- सामाजिक सुरक्षा योजनाएं: सोशल सिक्योरिटी और मेडिकेयर जैसी बड़ी कल्याणकारी योजनाओं पर सरकार का भारी-भरकम खर्च होता है।
- ब्याज का बढ़ता बोझ: पुराने कर्ज चुकाने और उस पर लग रहे भारी-भरकम ब्याज ने सरकारी खजाने की कमर तोड़ दी है। स्थिति यह है कि ब्याज चुकाने में ही बजट का बड़ा हिस्सा खर्च हो रहा है।
आम नागरिकों की जेब पर पड़ेगा सीधा असर
बहुत से लोगों को लगता है कि यह सिर्फ सरकारों और बैंकों का आंकड़ा है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। इस ऐतिहासिक कर्ज का सीधा और गंभीर असर आम अमेरिकी नागरिक की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने वाला है।
जब सरकार पर कर्ज का बोझ हद से ज्यादा बढ़ जाता है, तो देश में ब्याज दरें ऊंची बनी रहती हैं। इसका परिणाम यह होता है कि आम लोगों के लिए होम लोन, ऑटो लोन और क्रेडिट कार्ड से कर्ज लेना बेहद महंगा हो जाता है। इसके अलावा, महंगाई बेकाबू होने लगती है और सरकार के पास जनता की बुनियादी सुविधाओं पर खर्च करने के लिए पैसों की कमी होने लगती है। आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) ने भी चेतावनी दी है कि विकसित देशों में इस समय अमेरिका की वित्तीय स्थिति सबसे ज्यादा नाजुक दौर से गुजर रही है।
भوبिष्य की चुनौतियां: साल 2027 तक और विकट होगी स्थिति
आर्थिक थिंक टैंक 'बाइपार्टिसन पॉलिसी सेंटर' (Bipartisan Policy Center) ने अपनी एक रिपोर्ट में अनुमान जताया है कि अगर यही रफ्तार जारी रही, तो अमेरिका साल 2027 तक 41.1 ट्रिलियन डॉलर की कानूनी कर्ज सीमा (Debt Limit) तक आसानी से पहुंच जाएगा।
ऐसी स्थिति में अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के सामने फिर से एक बड़ा संकट खड़ा होगा कि या तो इस कर्ज की सीमा को और बढ़ाया जाए या फिर देश को डिफॉल्ट की कगार पर जाने से बचाने के लिए कोई कठोर आर्थिक कदम उठाया जाए। बहरहाल, दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था पर मंडराता यह कर्ज का साया आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों में बड़ी उथल-पुथल का संकेत दे रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: अमेरिका पर कुल कितना कर्ज हो चुका है?
उत्तर: अमेरिकी वित्त विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका का कुल राष्ट्रीय कर्ज पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 40.047 ट्रिलियन डॉलर) के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया है।
Q2: अमेरिका का कर्ज इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहा है?
उत्तर: इसके मुख्य कारणों में भारी-भरकम रक्षा बजट, सोशल सिक्योरिटी और मेडिकेयर जैसी सामाजिक योजनाओं पर अत्यधिक खर्च, तथा पुराने कर्जों पर लगातार बढ़ता हुआ भारी ब्याज शामिल है। सरकार का कुल खर्च उसकी टैक्स से होने वाली कमाई से काफी ज्यादा है।
Q3: इस भारी कर्ज का आम जनता पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: राष्ट्रीय कर्ज बढ़ने से देश में ब्याज दरें ऊंची बनी रहेंगी, जिसके कारण होम लोन, कार लोन और अन्य कर्ज बहुत महंगे हो जाएंगे। इससे आम नागरिकों की जेब पर सीधा आर्थिक दबाव बढ़ेगा और महंगाई भी प्रभावित होगी।