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जबलपुर में खौफनाक साजिश: इंश्योरेंस के पैसों के लिए पति ने कराई गर्भवती पत्नी की हत्या

जबलपुर में खौफनाक साजिश: इंश्योरेंस के पैसों के लिए पति ने कराई गर्भवती पत्नी की हत्या

मध्य प्रदेश के संस्कारधानी शहर जबलपुर से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी का भी इंसानियत से भरोसा उठ जाए। एक पति ने अपनी ही गर्भवती पत्नी की जान सिर्फ इसलिए ले ली ताकि वह बीमा (Insurance) के नाम पर मिलने वाली भारी-भरकम रकम पर हाथ साफ कर सके। शुरुआत में इस घटना को एक सामान्य सड़क दुर्घटना मानकर ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी थी, लेकिन जब पुलिस की सुई ने घूमना शुरू किया, तो परत-दर-परत एक ऐसी खौफनाक साजिश का खुलासा हुआ जिसने सबको सन्न कर दिया।

सड़क हादसा या एक सुनियोजित कत्ल?

घटना इसी साल सितंबर महीने की है। 4 सितंबर की वह मनहूस तारीख थी जब कविता चौधरी नाम की एक महिला अपनी स्कूटी से अपने घर की ओर लौट रही थीं। पाटन के कंतोरा-रानीताल क्षेत्र में मौत घात लगाकर बैठी थी। आरोपियों ने कई घंटों तक कविता के रास्ते में आने का इंतजार किया था। जैसे ही उन्हें मौका मिला, एक लोडिंग ऑटो से कविता की स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी गई। इस टक्कर से वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।

उस समय मौके के हालात देखकर किसी को यह शक नहीं हुआ कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी हत्या थी। पुलिस भी इसे एक हिट-एंड-रन या सड़क हादसे का मामला मानकर सामान्य जांच कर रही थी। लेकिन कहते हैं ना कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं और जुर्म की दीवारें कितनी भी मजबूत क्यों न हों, सच का एक छोटा सा छेद उसे ढाहने के लिए काफी होता है।

किराए के ऑटो ने खोला साजिश का पूरा राज

मामले में टर्निंग पॉइंट तब आया जब पुलिस ने दुर्घटना में इस्तेमाल किए गए लोडिंग ऑटो की गहराई से पड़ताल शुरू की। पुलिस ने जब वाहन मालिक तक पहुंच बनाई, तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। मालिक ने बताया कि यह ऑटो मूलचंद नाम के एक युवक को किराए पर दिया गया था।

पुलिस ने बिना देर किए मूलचंद को अपनी गिरफ्त में ले लिया। जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने जो उगला, उससे जांच अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। वह कोई साधारण सड़क दुर्घटना नहीं थी, बल्कि इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक सुपारी किलिंग थी। इसके बाद पुलिस की जांच ने पूरी तरह से हत्या के एंगल पर रफ्तार पकड़ी।

लाखों के इंश्योरेंस क्लेम का लालच

जांच की सुई जैसे-जैसे आगे बढ़ी, पुलिस को इस वीभत्स हत्याकांड के पीछे की असली वजह साफ नजर आने लगी। मृतका कविता चौधरी के नाम पर लाखों रुपए का बीमा (Insurance) था। कविता पहले एक निजी बीमा कंपनी में काम करती थीं और संभवतः इसी वजह से उन्हें इंश्योरेंस पॉलिसी और उसके फायदों की अच्छी जानकारी थी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतका के पति प्रयास पांडे ने कथित तौर पर यह साजिश रची थी। उसने इंश्योरेंस की वह बड़ी रकम हड़पने का मन बना लिया था। योजना के तहत, बीमा की रकम मिलने के बाद इस खौफनाक खेल में शामिल अन्य लोगों को पैसे देने का वादा किया गया था। लालच का यह दलदल इतना गहरा था कि एक पति अपनी कोख में पल रहे बच्चे की मां का कातिल बन बैठा।

प्रेम प्रसंग से लेकर कोर्ट मैरिज तक का सफर

इस सनसनीखेज वारदात के पीछे की पृष्ठभूमि भी कम हैरान करने वाली नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, कविता चौधरी और प्रयास पांडे की मुलाकात वर्ष 2022 में हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता प्यार में बदल गया। इसके बाद, वर्ष 2024 में दोनों ने अपने रिश्तों को कानूनी जामा पहनाते हुए कोर्ट में शादी कर ली थी।

मुख्य आरोपी प्रयास पांडे पाटन में नोटरी का काम करता है। कानून के दांव-पेच और कागजी कार्रवाई को नजदीक से देखने वाले इस शख्स ने कानून को ही चकमा देने की घिनौनी साजिश रची थी। उसने अपने सहायक मानसिंह लोधी के साथ मिलकर अपनी ही जीवनसंगिनी को रास्ते से हटाने का ब्लू प्रिंट तैयार किया था।

मास्टरमाइंड पति की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि कविता की हत्या को अंजाम देने के लिए मूलचंद समेत तीन अन्य लोगों को भी शामिल किया गया था। इन्हें इस काम को अंजाम देने की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वारदात को इस तरह से डिजाइन किया गया था कि वह पूरी तरह से एक एक्सीडेंट लगे और किसी को भी शक की सुи पति की तरफ न जाए।

फिलहाल, जबलपुर पुलिस इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता और मृतका के पति प्रयास पांडे की सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इसके साथ ही इस पूरी साजिश में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिकाओं को खंगाला जा रहा है ताकि इस जुर्म में संलिप्त हर एक चेहरे को बेनकाब किया जा सके।

समाज के लिए एक सबक और सवाल

यह घटना एक बार फिर समाज के सामने गंभीर सवाल खड़े करती है कि आधुनिकता की अंधी दौड़ और पैसों की हवस इंसान को किस हद तक गिरा सकती है। जिस रिश्ते को सात जन्मों का पवित्र बंधन कहा जाता है, उसे चंद कागजी नोटों और बीमा की रकम के लिए तार-तार कर दिया गया। जबलपुर पुलिस इस मामले की हर एक कड़ी को जोड़ने में जुटी है, और उम्मीद है कि जल्द ही सभी आरोपी कानून के शिकंजे में होंगे।

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निवेदिता ठाकुर

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निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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