राजस्थान के भरतपुर जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव की आराधना कर और कांवड़ उठाकर अपने घर लौट रहे श्रद्धालुओं पर उस वक्त मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा, जब तेज रफ्तार वाहनों ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक सड़क हादसे में दो कांवड़ियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
नदबई नेशनल हाईवे-21 पर हुआ खौफनाक हादसा
यह पूरी घटना भरतपुर जिले के नदबई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नेशनल हाईवे-21 की है। मिली जानकारी के अनुसार, कांवड़ियों का एक जत्था अपनी कठिन यात्रा पूरी कर खुशी-खुशी अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा था। तभी तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग का शिकार बनकर ये श्रद्धालु हादसे का शिकार हो गए। हाईवे पर हुए इन दो अलग-अलग सड़क हादसों ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे इतने भयानक थे कि संभलने का मौका तक नहीं मिला। एक तरफ जहां तेज रफ्तार ट्रक ने कांवड़ियों को कुचला, वहीं दूसरी घटना में एक अनियंत्रित बस ने श्रद्धालुओं को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कांवड़िए सड़क पर दूर जा गिरे।
हादसे में जान गंवाने वाले और घायलों की स्थिति
इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले दोनों कांवड़िए अपने परिवार के युवा सदस्य थे, जिनकी अचानक हुई मौत से उनके घरों में कोहराम मच गया है। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।
- घटना स्थल: नदबई नेशनल हाईवे-21, भरतपुर (राजस्थान)
- नतीजा: 2 कांवड़ियों की मौके पर मौत, 4 गंभीर रूप से घायल
- वाहन शामिल: ट्रक और बस
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और मौके पर हड़कंप
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। नदबई थाना पुलिस तुरंत अमले के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए यातायात को सुचारू किया और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों फरार वाहनों की तलाश के लिए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि कोहरा या फिर ड्राइवरों की लापरवाही इस हादसे का मुख्य कारण हो सकती है। हालांकि, पुलिस हर एंगल से मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
सावन में सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल
हर साल कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों की संख्या में शिव भक्त सड़कों पर पैदल चलते हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से सुरक्षा और ट्रैफिक डायवर्जन के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही के चलते इस तरह के हादसे हर साल कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ देते हैं। स्थानीय लोगों और अन्य कांवड़ियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि हाईवे पर भारी वाहनों की रफ्तार पर लगाम क्यों नहीं लगाई जा रही है।
प्रशासन ने मृतक कांवड़ियों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है, जिसके बाद से अस्पतालों और मृतकों के गांवों में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे हाईवे पर चलते समय पूरी सतर्कता बरतें और यात्रा के दौरान विशेष सावधानी रखें।
