जिंदगी की शाम ढलने के बाद अपनों का साथ छूट जाना और वृद्धाश्रम की चार दीवारों के बीच दिन गुजारना किसी भी इंसान के लिए एक भावुक दौर होता है। ऐसे में यदि देश का कोई जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी खुद चलकर इन बुजुर्गों का हाल जानने पहुंच जाए, तो उनके मुरझाए चेहरों पर मुस्कान आना स्वाभाविक है। कठुआ जिले में शुक्रवार को कुछ ऐसा ही दिल को छू लेने वाला नजारा देखने को मिला, जब जिला प्रशासन के मुखिया ने तमाम व्यस्तताओं को दरकिनार कर वृद्धाश्रम का रुख किया।
कठुआ डीसी राजेश शर्मा ने किया वृद्धाश्रम का औचक दौरा
शुक्रवार को कठुआ के उपायुक्त (DC) राजेश शर्मा ने स्थानीय वृद्धाश्रम का औचक दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य वहां रह रहे बुजुर्गों की दिनचर्या, उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और मिल रही सुविधाओं का जमीनी जायजा लेना था। डीसी को अपने बीच पाकर वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों की आंखें चमक उठीं। उन्होंने एक-एक बुजुर्ग के पास जाकर न केवल उनका कुशलक्षेम पूछा, बल्कि उनके अनुभवों को भी बहुत ही आत्मीयता से सुना।
प्रशासनिक मुखिया का यह रवैया देखकर वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो गया। बुजुर्गों ने अपनी छोटी-मोटी परेशानियों और सुझावों को डीसी के सामने खुलकर रखा, जिस पर उपायुक्त ने बेहद संवेदनशील रवैया अपनाते हुए उन्हें तुरंत हल करने का आश्वासन दिया।
बुजुर्गों को बांटे गए कंबल, बेडशीट और ट्रैक सूट
बदलते मौसम और ठंड के आहट को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से वृद्धाश्रम के सभी निवासियों को जरूरी राहत सामग्री वितरित की गई। इस दौरान उपायुक्त राजेश शर्मा ने अपने हाथों से बुजुर्गों को:
- गर्म कंबल (Blankets)
- साफ-सुथरी बेडशीट (Bedsheets)
- आरामदायक ट्रैक सूट (Track Suits)
इन चीजों को पाकर बुजुर्गों के चेहरे पर साफ खुशी झलक रही थी। सर्दियों के मौसम से पहले इस तरह की मदद मिलने से उन्हें काफी राहत महसूस हुई।
फिटनेस और सेहत पर विशेष जोर: मिली ट्रेडमिल
उम्र के इस पड़ाव पर शारीरिक सक्रियता (Physical Activity) बनाए रखना बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। इस बात को समझते हुए जिला प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है। वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की फिटनेस और नियमित शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक आधुनिक ट्रेडमिल (Treadmill) उपलब्ध कराई गई है।
डीसी राजेश शर्मा ने कहा कि तंदुरुस्त रहने के लिए हल्की कसरत बहुत जरूरी है। यह ट्रेडमिल बुजुर्गों को घर के अंदर ही वॉक करने और खुद को चुस्त-दुरुस्त रखने में मदद करेगी।
जल्द लगेगा विशेष स्वास्थ्य शिविर (Special Medical Camp)
वृद्धाश्रम के दौरे के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोपरि रखते हुए डीसी ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले दिनों में इस वृद्धाश्रम में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर (Medical Camp) का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित होंगी:
- विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा बुजुर्गों के स्वास्थ्य की संपूर्ण जांच (Health Checkup)
- नियमित चिकित्सकीय परामर्श (Medical Consultation)
- जरूरतमंदों को मुफ्त दवाइयों का वितरण
उन्होंने संबंधित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस शिविर के आयोजन में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और सभी आवश्यक प्रबंध समय से पूरे कर लिए जाएं।
अधिकारियों को सख्त निर्देश: दैनिक जरूरतों पर रखें पैनी नजर
निरीक्षण के अंत में डीसी राजेश शर्मा ने मौके पर मौजूद तमाम संबंधित अधिकारियों के साथ एक संक्षिप्त बैठक भी की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि वृद्धाश्रम में रहने वाले किसी भी बुजुर्ग को दैनिक उपयोग की वस्तुओं या भोजन में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उनकी रोजमर्रा की प्राथमिक जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इस उच्चस्तरीय दौरे के दौरान डीसी के साथ कई प्रमुख अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें:
- मुख्य योजना अधिकारी (CPO) रंजीत ठाकुर
- जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) वरुण चौधरी
- टीएसडब्ल्यूओ (TSWO) विश्व बंधु शर्मा
- अन्य प्रशासनिक अमला
इन अधिकारियों ने भी डीसी के निर्देशों का पालन करते हुए बुजुर्गों को हरसंभव प्रशासनिक मदद का भरोसा दिलाया।
निष्कर्ष
प्रशासनिक अधिकारियों का इस तरह जमीनी स्तर पर उतरकर समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग यानी बुजुर्गों की सुधि लेना वाकई एक सराहनीय कदम है। कठुआ जिला प्रशासन की यह पहल न केवल अन्य जिलों के लिए एक मिसाल है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि जब संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा आपस में मिलती हैं, तो आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने तय हैं। इस दौरे से वृद्धाश्रम के बुजुर्गों को यह अहसास हुआ कि वे अकेले नहीं हैं, बल्कि पूरा जिला प्रशासन उनके परिवार की तरह उनके साथ खड़ा है।