वाराणसी राजनीतिक गलियारों में इन दिनों सरगर्मी अपने चरम पर है। मौका है वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए हो रहे विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव का, जहां राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अधिकृत प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही पार्टी ने शहर में एक विशाल जुलूस निकालकर अपनी राजनीतिक ताकत और एकजुटता का जोरदार प्रदर्शन किया, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
नदेसर मिंट हाउस से निकला भव्य शक्ति प्रदर्शन जुलूस
सोमवार को दोपहर का वक्त राजनीतिक सरगर्मी से पूरी तरह सराबोर था। भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह के नामांकन से ठीक पहले एक भव्य और विशाल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस शहर के प्रमुख नदेसर मिंट हाउस क्षेत्र से प्रारंभ हुआ और विभिन्न मार्गों से होते हुए कमिशनरी कार्यालय तक पहुंचा। जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। हाथों में पार्टी के झंडे और बैनर थामे कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी कर रहे थे, जिससे पूरा माहौल केसरियामय हो गया।
इस भव्य शक्ति प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया कि पार्टी इस चुनाव को लेकर कितनी गंभीर है और अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए वह किस स्तर की तैयारी के साथ मैदान में उतरी है। जुलूस के कमिशनरी पहुंचने के बाद केदारनाथ सिंह ने दोपहर ठीक एक बजे एक सेट में अपना नामांकन पत्र निर्वाचन अधिकारी के समक्ष दाखिल किया।
दिग्गज नेताओं का जमावड़ा: उत्तर प्रदेश सरकार के कई मंत्री रहे मौजूद
नामांकन प्रक्रिया को ऐतिहासिक और बेहद खास बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, सांसद, विधायक और पार्टी के तमाम दिग्गज पदाधिकारी वाराणसी में मौजूद रहे। इस विशाल आयोजन में संगठन की मजबूती साफ तौर पर झलकम रही थी। जुलूस और नामांकन प्रक्रिया में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरों में उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रविन्द्र जायसवाल, राज्य मंत्री गिरीश यादव, आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, और राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे।
इसके साथ ही, एमएलसी एवं वाराणसी जिला व महानगर प्रभारी अरुण पाठक, प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल, डॉ. शिवनाथ यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष शंकर गिरी, प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीष कपूर, सांसद सीमा द्विवेदी और वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। स्थानीय विधायकों और जनप्रतिनिधियों में डॉ. नीलकंठ तिवारी, टी. राम, डॉ. अवधेश सिंह, सुशील सिंह, सौरभ श्रीवास्तव और रमेश जायसवाल ने जुलूस की कमान संभाली। जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, सुरेंद्र नारायण सिंह ‘ओढ़े’, जिला अध्यक्ष राम सकल पटेल, और महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि समेत विधान परिषद के कई अन्य सदस्य भी इस अवसर पर पूरी ऊर्जा के साथ नजर आए।
प्रस्तावकों की सूची में शामिल रहे शहर के प्रबुद्धजन
निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत दाखिल किए गए नामांकन पत्र में कुल दस प्रस्तावक शामिल थे। केदारनाथ सिंह के मुख्य प्रस्तावकों में शिक्षा और समाज से जुड़े जाने-माने लोग शामिल रहे। इस सूची में डॉ. विनोद राय, संजय सिंह, आशुतोष कुमार सिंह, रामदयाल सिंह, डॉ. रविन्द्र सिंह, संदीप राय (एडवोकेट) और प्रमोद सिंह के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन प्रबुद्धजनों का समर्थन मिलने से प्रत्याशी के पक्ष में एक मजबूत वैचारिक और सामाजिक संदेश भी गया है।
जीत का भरोसा और स्नातकों के मुद्दों पर फोकस का वादा
नामांकन पत्र दाखिल करने के पश्चात मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व ने जो उनके ऊपर एक बार फिर से विश्वास जताया है, उसके लिए वे हृदय से आभारी हैं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं, ऊर्जावान पदाधिकारियों और जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम व सहयोग के बल पर इस चुनाव में प्रचंड जीत हासिल की जाएगी।
स्नातक मतदाताओं को सीधे तौर पर संबोधित करते हुए केदारनाथ सिंह ने कड़ा भरोसा दिलाया कि वे मतदाताओं की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरेंगे। उन्होंने वादा किया कि निर्वाचित होने के बाद स्नातकों, शिक्षकों और युवाओं से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन से लेकर शासन स्तर तक पूरी प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा। इन समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए वे लगातार प्रयासरत रहेंगे, ताकि शिक्षित वर्ग के हितों की पूरी तरह रक्षा हो सके।
संगठन की एकजुटता और आगामी रणनीतियों पर चर्चा
नामांकन के बाद आयोजित अनौपचारिक बैठकों में पार्टी के रणनीतिकारों ने आगामी चुनाव प्रचार की रूपरेखा पर भी मंथन किया। चूंकि यह स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव है, इसलिए इसमें आम चुनावों से अलग रणनीति की आवश्यकता होती है। घर-घर संपर्क अभियान, प्रबुद्ध सम्मेलन और शिक्षण संस्थानों से जुड़े मतदाताओं के साथ संवाद स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
जुलूस में राकेश सिंह अलगू, अशोक पांडेय, मीना चौबे, कौशलेन्द्र सिंह पटेल, नवरतन राठी, अनिल श्रीवास्तव, सुधीर मिश्रा, संतोष सोलापुरकर, रत्नाकर मिश्रा, जगदीश त्रिपाठी, अजीत रावत, राकेश शर्मा, कमलेश झा, अमित राय, शैलेन्द्र मिश्रा, नवीन कपूर, पवन सिंह, राहुल सिंह, पूजा दीक्षित, संदीप सिंह मिंटू, राजेश त्रिवेदी, विद्यासागर राय, प्रेम कपूर, दिनेश कालरा, सुरेश सिंह, सुधीर सिंह, भरत सिंह, नंदजी पाण्डेय, प्रमील पांडेय, फौजदार शर्मा और श्रीप्रकाश शुक्ला जैसे स्थानीय नेता भी सक्रिय रूप से डटे रहे।
बहरहाल, केदारनाथ सिंह के इस हाई-प्रोफाइल नामांकन और ताबड़तोड़ शक्ति प्रदर्शन के बाद वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अन्य राजनीतिक दल और निर्दलीय उम्मीदवार इस चुनौती का सामना किस प्रकार करते हैं।