राजस्थान के मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और जाते-जाते मानसून ने पूरे प्रदेश में अपनी जोरदार वापसी के संकेत दे दिए हैं। सितंबर का महीना आधा बीतने को है, लेकिन बादलों की आवाजाही और उमस के बीच मानसून की सक्रियता ने एक बार फिर से गर्मी से राहत दिलाई है। मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर की ताजा चेतावनियों के अनुसार, आज प्रदेश के कुल 35 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट घोषित किया गया है। राज्य के विभिन्न संभागों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो चुका है, जिससे आम जनजीवन और कृषि गतिविधियों पर इसका गहरा असर देखने को मिल रहा है।
मानसून ट्रफ लाइन का कमाल, अचानक बदला मिजाज
बीते कुछ दिनों से कमजोर पड़ रहे मानसून में यह अचानक आया बदलाव एक खास भौगोलिक स्थिति के कारण हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून की ट्रफ लाइन इस समय श्रीगंगानगर, जबलपुर और एक कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) से होकर गुजर रही है। इसी के प्रभाव के चलते शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बौछारें गिरीं। अलवर, बारां, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, करौली और भरतपुर जैसे जिलों में हुई अच्छी बारिश ने खेतों और सड़कों को तरबतर कर दिया।
राजधानी जयपुर की बात करें तो यहां शुक्रवार दोपहर के बाद अचानक मौसम ने पलटी खाई। आसमान में काले घने बादल छा गए और शहर के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी से लेकर मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं, खैरथल-तिजारा जिले के कोटकासिम इलाके में सबसे अधिक 45 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली।आज 35 जिलों में झमाझम का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने आज शनिवार को प्रदेश के एक-दो नहीं बल्कि पूरे 35 जिलों में बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, उनमें अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपुतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक, उदयपुर के अलावा पश्चिमी और सीमावर्ती जिले जैसे बालोतरा, चूरू, डीडवाना-कुचामन, जालोर, जोधपुर, नागौर और पाली शामिल हैं। इन क्षेत्रों में मेघगर्जन के साथ तेज बौछारें गिरने की पूरी संभावना है।
अगले तीन दिनों तक कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 12 सितंबर से लेकर 16 सितंबर के दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के लगभग 25 से अधिक जिलों में बारिश की गतिविधियों में और अधिक तेजी आने की पूरी उम्मीद है।
13 सितंबर का मौसम पूर्वानुमान
आज और कल के बीच मौसम का रुख काफी आक्रामक रहने वाला है। अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपुतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सिरोही, टोंक, उदयपुर के साथ-साथ बालोतरा, बाड़मेर, डीडवाना-कुचामन, जालोर, जोधपुर, नागौर और पाली जिलों में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
14 सितंबर का विस्तृत अपडेट
रविवार, 14 सितंबर को बारिश का दायरा और अधिक फैलने की संभावना है। इस दिन अजमेर से लेकर फलौदी और जैसलमेर तक बादल मेहरबान रह सकते हैं। विभाग ने इस दिन अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपुतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक, उदयपुर, बालोतरा, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, जैसलमेर, जालोर, जोधपुर, नागौर, पाली और फलौदी जिले में येलो अलर्ट जारी किया है।
15 सितंबर को भी जारी रहेगा बारिश का दौर
सोमवार, 15 सितंबर को भी मानसून की विदाई में रुकावट जारी रहेगी। इस दिन मुख्य रूप से अजमेर, अलवर, ब्यावर, भीलवाड़ा, डीग, जयपुर, झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़, राजसमंद, सीकर, टोंक, उदयपुर, बालोतरा, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालोर, जोधपुर, नागौर, पाली, फलौदी और श्रीगंगानगर जिलों में मेघगर्जन के साथ बारिश होने के आसार हैं।
किसानों के लिए विशेष चेतावनी और सलाह
इस अचानक सक्रिय हुए मानसून ने जहाँ एक तरफ आम जनता को गर्मी से राहत दी है, वहीं कृषि क्षेत्र के लिए यह चिंता का विषय भी बन सकता है। जिन इलाकों में धान, बाजरा और अन्य खरीफ की फसलें पककर तैयार हो चुकी हैं या कटाई के चरण में हैं, वहां यह बारिश नुकसान पहुँचा सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों और कृषि उपज मंडियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।
सलाह में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसान खुले खेतों में अपनी कटी हुई फसल या अनाज को न छोड़ें। मंडियों में खुले में रखे अनाज को तिरपाल या सुरक्षित स्थानों से ढककर रखा जाए ताकि अचानक होने वाली बारिश और नमी से फसलों को सड़ने या भीगने से बचाया जा सके।
वज्रपात से बचने के लिए क्या करें?
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इन तीन दिनों के दौरान कई स्थानों पर आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की भी पूरी आशंका है। ऐसे में नागरिकों को सलाह दी जाती है कि जब भी मौसम खराब हो, वे पेड़ों के नीचे शरण न लें, खुले मैदानों या खेतों में खड़े होने से बचें और बिजली के खंभों व ट्रांसफॉर्मर से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। बच्चों और मवेशियों को भी खुले में न जाने दें। यदि आप सफर कर रहे हैं, तो किसी पक्के आश्रय स्थल या वाहन के अंदर ही सुरक्षित रहें।