छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। जिले के ग्राम पंचायत गुरमा में एक खौफनाक हादसे ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। यहां घर के ठीक पास स्थित बाड़ी में बना एक कुआं अचानक भरभराकर करीब 15 फीट नीचे धंस गया। इस भयानक हादसे की चपेट में आने से 55 साल के एक ग्रामीण मलबे के ढेर के नीचे जिंदा दब गए। घटना को बीते हुए 24 घंटे से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन प्रशासनिक अमले और रेस्क्यू टीमों को अब तक पीड़ित ग्रामीण का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
आखिर कैसे हुआ यह भयानक हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 1 अक्टूबर 2026 की दोपहर को करीब 2 बजे के आसपास की है। पीड़ित ग्रामीण सोनसाय मंझवार रोज की तरह अपने घर के पास स्थित बाड़ी में गए थे। वे वहीं बने कुएं से पानी निकालने का काम कर रहे थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में यह सामान्य सा काम एक विकराल आपदा में बदल जाएगा।
अचानक कुएं के आसपास की जमीन और उसकी अंदरूनी मिट्टी का हिस्सा कमजोर होकर नीचे की तरफ ढह गया। देखते ही देखते पूरा कुआं करीब 15 फीट नीचे धंस गया। इस अप्रत्याशित भू-धंसाव की चपेट में सोनसाय आ गए और भारी-भरकम मलबे के साथ कुएं के भीतर ही समाते चले गए।
सरकारी योजना के तहत बना था कुआं
स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह कुआं कोई बहुत पुराना निजी निर्माण नहीं था, बल्कि इसे साल 2017 में एक सरकारी योजना के अंतर्गत बनवाया गया था। सालों से इस कुएं का इस्तेमाल पानी के लिए किया जा रहा था। अचानक इसके इस तरह धंस जाने से ग्रामीण अब सरकारी निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। आखिर क्या वजह थी कि इतना पुराना कुआं अचानक अंदर की तरफ ढह गया, यह जांच का विषय बना हुआ है।
परिजनों की चीख-पुकार और स्थानीय लोगों की कोशिशें
घटना के वक्त सोनसाय के कुछ परिजन आसपास ही मौजूद थे। जब उनकी नजर अचानक धंसे हुए कुएं की तरफ पड़ी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों ने तुरंत जोर-जोर से शोर मचाना शुरू किया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के तमाम ग्रामीण तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे।
हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर तुरंत मलबा हटाने और सोनसाय को बाहर निकालने का प्रयास शुरू कर दिया। हालांकि, कुआं बहुत गहरा था और उसमें भारी मात्रा में गीली मिट्टी और मलबा जमा हो चुका था, जिसके चलते आम लोगों के लिए रेस्क्यू करना नामुमकिन साबित हुआ। जब स्थिति हाथ से बाहर निकलने लगी, तो तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन को दी गई।
मौके पर पहुंचा पुलिस और प्रशासन का अमला
हादसे की सूचना मिलते ही श्यांग थाना प्रभारी लक्ष्मण खूंटे अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए पुलिस ने सबसे पहले कुएं के चारों तरफ सुरक्षा घेरा (बैरिकेडिंग) तैयार किया। साथ ही, मौके पर भीड़ जमा हो रहे लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सख्त हिदायत दी गई, ताकि किसी और अनहोनी को टाला जा सके।
प्रशासन ने बिना एक पल गंवाए युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्यों का आगाज किया। घटनास्थल पर तुरंत भारी-भरकम मशीनें बुलाई गईं।
24 घंटे से चल रहा मैराथन रेस्क्यू ऑपरेशन
सोनसाय को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। रेस्क्यू ऑपरेशन की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
- मशीनों का इस्तेमाल: मौके पर दो बड़ी जेसीबी मशीनों को लगातार लगाया गया है, जो लगातार मलबा हटाने का काम कर रही हैं।
- विशेषज्ञ टीमें तैनात: इस अभियान में केवल स्थानीय प्रशासन ही नहीं, बल्कि एसडीआरएफ (SDRF) बिलासपुर, जिला आपदा मोचन बल और नगर सेना (Civil Defence) कोरबा की विशेष टीमें भी पूरी शिद्दत के साथ जुटी हुई हैं।
- सुरक्षा के कड़े इंतजाम: रेस्क्यू स्थल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि राहत कार्यों में किसी तरह की बाधा न पहुंचे।
अब तक क्या रहा नतीजा?
घटना को बीते हुए 24 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। प्रशासन और बचाव दलों के पसीने छूट रहे हैं, वे लगातार दिन-रात मलबा हटाने और सोनसाय तक पहुंचने के लिए सुरंगनुमा रास्ते या गहराई तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। भारी मात्रा में जमा मलबे और लगातार गिरती मिट्टी के कारण रेस्क्यू टीम को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। अब तक ग्रामीण का कोई भी सुराग हाथ नहीं लगा है, जिससे परिजनों की चिंताएं और अधिक बढ़ती जा रही हैं।
गांव में पसरा मातम और तनाव का माहौल
इस दुखद घटना के बाद से पूरे ग्राम पंचायत गुरमा और आसपास के इलाकों में मातम का माहौल है। गांव के सैकड़ों लोग अपनी सांसें थामे घटनास्थल के आसपास खड़े हैं और भगवान से सोनसाय के सकुशल बाहर आने की प्रार्थना कर रहे हैं। हर किसी की आंखें नम हैं और वे बस एक अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारी लगातार कैंप किए हुए हैं और स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सोनसाय का सुराग नहीं मिल जाता, तब तक यह रेस्क्यू अभियान किसी भी कीमत पर रोका नहीं जाएगा और पूरी क्षमता के साथ जारी रहेगा।