पूर्वी यूरोप के रणक्षेत्र से एक बार फिर बेहद डराने वाली और गंभीर तस्वीरें सामने आ रही हैं। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे लंबे टकराव के बीच, रूसी सेना ने एक बार फिर यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ मिसाइल हमले किए हैं। इस ताजा और भीषण हमले की जद में राजधानी कीव समेत करीब 12 प्रमुख इलाके आए हैं, जिससे चारों तरफ तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 12 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई है, जबकि दर्जनों अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
इस खौफनाक तबाही के बाद यूक्रेन की तरफ से अंतरराष्ट्रीय समुदाय और पश्चिमी सहयोगियों के सामने एक बार फिर अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गई हैं। यूक्रेनी नेतृत्व ने दो टूक शब्दों में कहा है कि देश के आसमान को रूसी मिसाइलों और ड्रोनों के कहर से बचाने के लिए अब तुरंत आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की आवश्यकता है। खासतौर पर 'पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम' (Patriot Missile System) की मांग को एक बार फिर सबसे ऊपर रखा गया है ताकि देश के बड़े शहरों और अहम बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को सुरक्षित रखा जा सके।
कीव और अन्य प्रमुख शहरों में गूंजे सायरन
स्थानीय सूत्रों और चश्मदीदों के अनुसार, बीती रात और आज सुबह तड़के अचानक सायरन की चीखों के साथ आसमान में धमाकों की आवाजें गूंज उठीं। रूस की तरफ से दागी गईं क्रूज़ और बैलिस्टिक मिसाइलों ने रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। राजधानी कीव के अलावा देश के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी आसमान आग के गोलों से थर्रा उठा।
तबाही का यह आलम यह है कि कई बहुमंजिला इमारतें और नागरिक ठिकाने मलबे के ढेर में तब्दील हो चुके हैं। आपातकालीन सेवाएं (Emergency Services) और राहत दल लगातार मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। हालांकि, लगातार होते हमलों के खतरे के बीच राहत और बचाव कार्य में भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मारे गए 12 लोगों की पहचान और घायलों का हाल
इस ताज़ा हमले में मारे गए 12 लोगों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जो अपने घरों में सुरक्षित सो रहे थे जब यह खौफनाक हमला हुआ। अस्पतालों में घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, कई घायलों की हालत बेहद नाज़ुक बनी हुई है, जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय नागरिकों में भारी रोष और डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि लगातार सर्दियों और इस तरह के हमलों के बीच आम नागरिकों का जीवन नर्क बन चुका है। बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली, पानी और हीटिंग सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जिससे मानवीय संकट और अधिक गहराता जा रहा है।
यूक्रेन की पैट्रियट मिसाइल सिस्टम की पुरजोर मांग
इस भारी नुकसान के बाद यूक्रेन के शीर्ष नेतृत्व ने अंतरराष्ट्रीय मंचों से एक बार फिर गुहार लगाई है कि उन्हें बिना किसी देरी के अत्याधुनिक पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम उपलब्ध कराए जाएं। यूक्रेनी अधिकारियों का तर्क है कि रूसी हवाई हमलों को रोकने का एकमात्र प्रभावी तरीका उन्नत वायु रक्षा प्रणालियां ही हैं।
- आसमान की सुरक्षा पर जोर: यूक्रेन का साफ कहना है कि जब तक उसके आसमान को सुरक्षित नहीं किया जाता, तब तक आम नागरिकों की जान बचाना असंभव सा होता जा रहा है।
- पश्चिमी देशों पर दबाव: इस हमले के बाद अमेरिका और यूरोपीय देशों पर एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम की सप्लाई तेज करने का कूटनीतिक दबाव फिर से बढ़ गया है।
- रणनीतिक जरूरत: सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि पैट्रियट सिस्टम आने से रूसी मिसाइलों की मारक क्षमता को काफी हद तक हवा में ही नाकाम किया जा सकता है।
- अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में इस हमले के बाद सुगबुगाहट तेज हो गई है। कई पश्चिमी देशों के रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के हमलों से यह साफ जाहिर होता है कि संघर्ष अभी थमने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में यह और भी भीषण रूप ले सकता है।
मानवीय संकट और वैश्विक प्रतिक्रिया
- इस घटना ने एक बार फिर वैश्विक समुदाय का ध्यान इस युद्ध की विभीषिका की ओर खींचा है। मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने आम नागरिकों को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की है। युद्ध के इस दौर में जिस तरह से रिहायशी बस्तियों को खंडहर में बदला जा रहा है, उसने पूरी दुनिया के सामने गंभीर मानवीय सवाल खड़े कर दिए हैं।
- आने वाले दिनों में यह देखना बेहद अहम होगा कि पश्चिमी देश यूक्रेन की इस ताजा पैट्रियट मिसाइल सिस्टम की मांग पर क्या और कितनी जल्दी प्रतिक्रिया देते हैं। क्या यूक्रेन को वह सुरक्षा कवच मिल पाएगा जिसकी उसे इस वक्त सबसे ज्यादा जरूरत है? इन सवालों के जवाब पर ही इस युद्ध का अगला अध्याय टिका हुआ है।