मुंबई की दशहरा रैली में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे गुट पर तीखा हमला बोलते हुए 2019 के विधानसभा चुनाव के जनादेश को सबसे बड़ी वोट चोरी करार दिया है।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना के मुख्य नेता एकनाथ शिंदे ने मुंबई के नेस्को में आयोजित शिवसेना की हीरक महोत्सवी दशहरा रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे गुट पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने के बावजूद उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ मिलकर सरकार बनाई, जो जनादेश के साथ सीधा विश्वासघात था। शिंदे ने कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस के साथ जाना ही राज्य में सबसे बड़ी ‘वोट चोरी’ थी।
इंडिया गठबंधन और कांग्रेस पर कड़े प्रहार
रैली को संबोधित करते हुए शिंदे ने कांग्रेस, उद्धव ठाकरे गुट और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने विपक्ष पर चुनाव आयोग के खिलाफ राजनीति करने, युवाओं को भड़काने और देश में अशांति का माहौल पैदा करने का आरोप लगाया। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने 70 साल तक देश को लूटा है। इसके अलावा, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्ष की भाषा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ की जा रही बयानबाजी पर भी कड़ी आपत्ति जताई। शिंदे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं और सुप्रीम कोर्ट का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि संविधान का उल्लेख करने वाले नेताओं को संवैधानिक संस्थाओं का भी सम्मान करना चाहिए।
सूखे से प्रभावित किसानों के लिए सहायता और दिवाली राशन
अपने भाषण में किसानों की मदद को प्रमुखता देते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि संकट में घिरे किसानों के साथ खड़े होने का है। उन्होंने घोषणा की कि शिवसेना की ओर से प्रभावित क्षेत्रों के किसानों के लिए दिवाली के राशन से भरे 100 ट्रक रवाना किए गए हैं और आगे भी सैकड़ों ट्रक सहायता सामग्री भेजी जाएगी। उन्होंने कहा, “हम किसानों की दिवाली काली नहीं होने देंगे। आप हमें रोज गालियां दीजिए, लेकिन हम किसानों को राशन देकर उनकी दिवाली मीठी बनाएंगे।”
विपक्ष की ओर से किसानों को दी जा रही सहायता पर सवाल उठाए जाने के जवाब में शिंदे ने कहा कि संकट के समय किसानों की मदद के लिए बड़ा दिल चाहिए। उन्होंने शिवसैनिकों से अपील की कि वे किसानों के घरों और खेतों तक पहुंचकर उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करें। इसके साथ ही, किसानों के परिवारों की सहायता के लिए पार्टी ने किसानों की पत्नियों को 25 हजार सिलाई मशीनें और किसान परिवारों की बेटियों को स्कूल जाने के लिए 25 हजार साइकिलें वितरित करने की प्रक्रिया शुरू की है। साथ ही जिन किसान परिवारों की बेटियों के विवाह तय हैं, उनके विवाह में सहायता करने का संकल्प भी पार्टी ने लिया है।
युवाओं, विकास और अन्य मुद्दों पर विपक्ष को घेरा
विपक्ष की ओर से ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता व्यवस्था बदलने की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए शिंदे ने कहा कि जो लोग व्यवस्था बदलने की बात कर रहे हैं, उन्हें पहले अपने राजनीतिक दलों में हुए बदलावों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय पत्रकारों की स्वतंत्रता और न्यायपालिका पर प्रतिबंध थे, जबकि आज देश में लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक आंदोलन हो रहे हैं।
अपने लंदन दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां उन्होंने मराठी भाषा, छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरव और महाराष्ट्र के विकास की बात रखी, जिससे उद्धव गुट को परेशानी हुई। इसके अलावा, कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी का उल्लेख करते हुए शिंदे ने कहा कि उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर 174 लोगों की जान बचाई, लेकिन विपक्ष ने उनके साहस की सराहना नहीं की। युवाओं के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि गढ़चिरौली में कौशल विकास केंद्र की स्थापना की गई है जहाँ हर साल लगभग 5,000 युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। अंत में उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे की विचारधारा संकटग्रस्त लोगों की मदद करने की रही है और शिवसेना हमेशा ‘जहां संकट, वहां शिवसेना’ के रूप में जनता के साथ खड़ी है।