शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शिवाजी पार्क दशहरा रैली में केंद्र और महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोला। बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की।
मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क मैदान में आयोजित शिवसेना (यूबीटी) के दशहरा सम्मेलन में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की महायुति सरकार पर तीखे राजनीतिक प्रहार किए। उन्होंने आगामी चुनावों में धांधली और वोट चोरी का हवाला देते हुए चुनाव आयोग को खुली चुनौती दी कि यदि सरकार में हिम्मत है, तो आगामी चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय बैलेट पेपर से कराए जाएं।
दशहरा रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश में वर्तमान समय में केवल धर्म की राजनीति चल रही है और सत्ता में बैठे लोग जनहित के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं। उन्होंने किसानों की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक राहत के नाम पर महज पांच हजार रुपये दिए जा रहे हैं, जो अन्नदाता का सीधा उपहास है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'नमो किसान' योजना की कई किस्तें अभी तक किसानों तक नहीं पहुंची हैं और कर्जमाफी के बड़े दावों के बावजूद धरातल पर किसानों की आत्महत्याएं नहीं रुक रही हैं।
आरएसएस और मोहन भागवत से तीखे सवाल
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का नाम लेते हुए उद्धव ठाकरे ने पूछा कि क्या यह सच्चाई नहीं है कि देश की आजादी के बाद शुरुआती कुछ वर्षों तक नागपुर स्थित संघ मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया गया था? उन्होंने आरोप लगाया कि आज तिरंगा रैलियां निकालने वाले छात्रों और आंदोलनकारियों के साथ पुलिस बेरहमी से पेश आ रही है। ठाकरे ने सवाल किया कि क्या तिरंगा यात्रा निकालना कोई अपराध है और क्या व्यवस्था को अभी भी राष्ट्रीय ध्वज से द्वेष है?
सत्ता परिवर्तन और युवाओं की तुलना
सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों नागरिकों के मताधिकार पर संकट मंडरा रहा है और वे सत्ता परिवर्तन के लिए गोलबंद हो रहे हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अफजल महाराज के समय उन्हें चूहा कहा गया था, और आज देश के युवाओं को 'कॉकरोच' या 'दिमागी नक्सल' करार दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मुंबई को कमजोर करने या शिवसेना को समाप्त करने के मंसूबे कभी पूरे नहीं होने दिए जाएंगे।
सुषमा अंधारे और संजय राउत के हमले
रैली के दौरान पार्टी नेत्री सुषमा अंधारे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व क्षमता और राजनीतिक फैसलों पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के दबाव में आकर पार्टी कार्यकर्ताओं के नामांकन वापस करवाए जा रहे हैं। साथ ही राज्य में भीषण सूखे का जिक्र करते हुए कहा कि चारा शिविरों के नाम पर बिचौलियों को पाला जा रहा है।
वहीं, सांसद संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोलते हुए कहा कि देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने के लिए जिम्मेदार लोग राजनीतिक लाभ ले रहे हैं। राउत ने दावा किया कि शिवसेना अपनी वैचारिक जड़ों के साथ अडिग है और पार्टी जल्द ही अपना पारंपरिक 'धनुष-बाण' चुनाव चिह्न कानूनी रूप से वापस हासिल करेगी।