बाराबंकी के माती थाना क्षेत्र में मूर्ति विसर्जन के दौरान बजरंग दल पदाधिकारी अखिलेश राजपूत के साथ मारपीट का मामला, आरोपी दरोगा बीके शर्मा लाइन हाजिर।
देवा, बाराबंकी उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के माती थाना क्षेत्र में मूर्ति विसर्जन के दौरान एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कानून व्यवस्था और पुलिस आचरण से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। यहां मूर्ति विसर्जन कर लौट रहे श्रद्धालुओं के बीच बजरंग दल के एक पदाधिकारी के साथ कथित तौर पर उप निरीक्षक (दरोगा) द्वारा मारपीट किए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। वायरल हुए वीडियो के आधार पर पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों ने त्वरित कदम उठाते हुए आरोपी दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच क्षेत्राधिकारी (सीओ) नगर को सौंप दी है।
घटनाक्रम और वायरल वीडियो
प्राप्त जानकारी के अनुसार, माती थाना क्षेत्र में मूर्ति विसर्जन का कार्यक्रम चल रहा था। विसर्जन संपन्न होने के बाद जब श्रद्धालु वापस लौट रहे थे, उसी दौरान किसी बात को लेकर उप निरीक्षक बीके शर्मा और बजरंग दल के जिला कॉलेज विद्यार्थी संपर्क प्रमुख अखिलेश राजपूत के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि दरोगा बीके शर्मा ने अखिलेश राजपूत को लाठी, लात और थप्पड़ों से पीटा।
घटना के समय वहां मौजूद अन्य स्थानीय लोगों और कुछ साथी पुलिसकर्मियों ने भी बीच-बचाव का प्रयास किया और दरोगा को ऐसा करने से मना किया, लेकिन इसके बावजूद कथित मारपीट का सिलसिला जारी रहा। इस पूरी घटना का किसी ने वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
संगठन के पदाधिकारियों की सक्रियता और चेतावनी
मारपीट का यह वीडियो सामने आते ही हिंदूवादी संगठनों में रोष फैल गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस वीडियो को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के विभाग संगठन मंत्री अखिल, जिला अध्यक्ष रामनाथ मौर्य, प्रांत कॉलेज विद्यार्थी संपर्क प्रमुख ब्रह्म प्रकाश दीक्षित, जिला सह मंत्री वीरेंद्र कुमार और जिला विशेष संपर्क प्रमुख तुलसीराम चौहान सहित कई प्रमुख पदाधिकारियों तक पहुंचाया।
इसके अलावा, देवा के प्रखंड संयोजक हिमांशु और विहिप के अन्य स्थानीय पदाधिकारियों ने इस घटना से संबंधित वीडियो फुटेज पुलिस अधीक्षक समेत जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भेजकर आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। शुरुआती स्तर पर मामले को लेकर माती थाने के प्रभारी अजय कुमार त्रिपाठी से भी बातचीत की गई थी। संगठनों की ओर से चेतावनी दी गई थी कि यदि समय रहते दोषी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई नहीं की गई, तो बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से एक्शन लिया है। आरोपी उप निरीक्षक बीके शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और संगठन के पदाधिकारियों द्वारा दी गई शिकायतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच क्षेत्राधिकारी नगर को दे दी गई है। जांच रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विभागीय और विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।