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मैनपुरी में सियासी भूचाल: भाजपा नेत्री और किसान मोर्चा उपाध्यक्ष आमने-सामने, दोनों तरफ से एफआईआर दर्ज

मैनपुरी में सियासी भूचाल: भाजपा नेत्री और किसान मोर्चा उपाध्यक्ष आमने-सामने, दोनों तरफ से एफआईआर दर्ज

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की राजनीति इस समय एक ऐसे विवाद के केंद्र में आ चुकी है, जिसने स्थानीय गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है। सत्ताधारी दल से जुड़े दो बड़े पदाधिकारी आपस में कानूनी रूप से उलझ गए हैं। एक तरफ जहां एक महिला भाजपा नेत्री ने पार्टी के ही किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया है, वहीं दूसरी तरफ आरोपी उपाध्यक्ष ने भी नेत्री पर संगीन आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कराया है। इस दोतरफा कानूनी कार्रवाई के बाद से राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

जेल चौराहे पर कार रुकवाकर छेड़छाड़ का गंभीर आरोप

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैनपुरी नगर के एक मोहल्ला की रहने वाली भाजपा नेत्री ने स्थानीय कोतवाली में एक लिखित तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। नेत्री का आरोप है कि बेवर क्षेत्र के भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष लंबे समय से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। नेत्री ने अपने शिकायती पत्र में दावा किया है कि आरोपी उपाध्यक्ष पहले भी आपराधिक मामलों (हत्या के मामले) में आरोपित रह चुका है और पिछले तीन सालों से लगातार उन्हें परेशान कर रहा है। शुरुआत में उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए इस बात को नजरअंदाज किया, लेकिन बात तब हद से आगे बढ़ गई जब आरोपी उन पर अनुचित संबंध बनाने का दबाव डालने लगा।

नेत्री ने पुलिस को दी गई शिकायत में घटना का जिक्र करते हुए बताया कि जब उन्होंने आरोपी की इन हरकतों का कड़ा विरोध किया, तो 29 सितंबर को आरोपी ने सुनियोजित तरीके से जेल चौराहे के पास उनकी कार को जबरन रुकवाया। इसके बाद उनके साथ खुलेआम छेड़छाड़ की गई। नेत्री का यह भी कहना है कि इससे कुछ दिन पहले भी आरोपी ने करणी सेना के जिला अध्यक्ष के कार्यालय के बाहर उनके साथ अभद्रता की थी और विरोध करने पर जान से मारने की धमकियां दी थीं। इन गंभीर आरोपों के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और तुरंत कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

किसान मोर्चा उपाध्यक्ष ने नेत्री पर लगाया जुआ-सट्टा चलाने और धमकी देने का आरोप

इस पूरे मामले का दूसरा पहलू भी कम चौंकाने वाला नहीं है। भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बेवर थाने में नेत्री के खिलाफ क्रॉस एफआईआर (Cross FIR) दर्ज कराई है। उपाध्यक्ष का पक्ष इससे बिल्कुल अलग और हैरान करने वाला है। उनका आरोप है कि मैनपुरी नगर की रहने वाली यह नेत्री खुद आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हैं और वह जुआ तथा सट्टा माफिया से जुड़ी हुई हैं।

उपाध्यक्ष ने पुलिस को दिए गए अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि नेत्री आए दिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लाइव आकर उनके खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करती हैं, गाली-गलौज करती हैं और जनता के बीच उनकी छवि को धूमिल करने के लिए आपत्तिजनक बयानबाजी करती हैं। मामले को आगे बढ़ाते हुए उपाध्यक्ष ने दावा किया कि 30 सितंबर की दोपहर ठीक 12:12 बजे नेत्री ने उन्हें फोन कॉल किया और न केवल गंदी-गंदी गालियां दीं बल्कि जान से खत्म करने की धमकी भी दी। उपाध्यक्ष ने पुलिस के समक्ष अपने दावों के समर्थन में कथित धमकी भरी कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग (Call Recording) और फेसबुक पर की गई टिप्पणियों के स्क्रीनशॉट व डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं।

पुलिस प्रशासन का पक्ष और आगे की कानूनी कार्रवाई

एक ही पार्टी से जुड़े दो ओहदेदारों के बीच का यह विवाद अब पुलिस के पाले में है। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराए जाने के बाद जिले में जांच का दायरा काफी बड़ा कर दिया गया है। क्षेत्राधिकारी (सीओ सिटी) अशोक कुमार सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि दोनों पक्षों की ओर से मिली शिकायतों के आधार पर संबंधित थानों में मामले दर्ज कर लिए गए हैं।

सीओ सिटी ने स्पष्ट किया कि पुलिस किसी भी जल्दबाजी में निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय वैज्ञानिक और तथ्यात्मक साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर रही है। नेत्री द्वारा लगाए गए छेड़खानी के आरोपों की पड़ताल की जा रही है, वहीं दूसरी ओर उपाध्यक्ष द्वारा सौंपे गए कॉल रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया पोस्ट के डिजिटल साक्ष्यों की भी फॉरेंसिक व तकनीकी जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और सबूत सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कड़ी वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा और जनता की प्रतिक्रिया

इस हाई-प्रोफाइल विवाद ने विपक्षी दलों को भी बोलने का मौका दे दिया है, हालांकि स्थानीय स्तर पर सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इस मामले में अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई बड़ा बयान देने से परहेज किया है। लेकिन अंदरखाने इस बात की चर्चा है कि इससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। सोशल मीडिया पर इस खबर के वायरल होने के बाद आम जनता भी दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है। कुछ लोग नेत्री के समर्थन में खड़े होकर महिला सुरक्षा और उत्पीड़न के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग उपाध्यक्ष के आरोपों और पेश किए गए डिजिटल सबूतों के आधार पर मामले की गहराई से जांच की बात कह रहे हैं। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच रिपोर्ट और बयानों से ही साफ हो पाएगा कि इस पूरे प्रकरण में सच्चाई का पैमाना क्या है और कौन दोषी पाया जाता है।

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रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

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रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

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