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मीरजापुर: एक साल बाद भी नहीं बनी मुसहर बस्ती की सड़क, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

मीरजापुर: एक साल बाद भी नहीं बनी मुसहर बस्ती की सड़क, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

क्या वादे सिर्फ कागजों पर ही रह जाते हैं? यह सवाल इस समय मीरजापुर के पहाड़ी विकासखंड के अंतर्गत आने वाली भोजपुरी पहाड़ी मुसहर बस्ती के हर शख्स की जुबान पर है। तमाम दावों और विकास के वादों के बीच, लगभग 500 की आबादी वाली इस बस्ती के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या पक्की सड़क का न होना है, जिसके कारण पूरा इलाका मुख्य धारा से कटा हुआ महसूस कर रहा है।

बरसात में कीचड़ और जलभराव से बढ़ी मुसीबतें

मानसून के इस मौसम में मुसहर बस्ती के हालात बद से बदतर हो गए हैं। रास्ते में पानी भर जाने और कीचड़ फैल जाने के कारण यहाँ का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थानीय निवासी विजय शंकर पांडे और पद्माकांत दुबे बताते हैं कि स्थिति इतनी दयनीय है कि बच्चों के लिए स्कूल जाना जोखिम भरा हो गया है।

  • मुख्य परेशानियां:
  • बरसात के दिनों में रास्तों पर भारी जलभराव और कीچड़।
  • रात के वक्त आपात स्थिति में चार पहिया वाहनों का बस्ती तक न पहुंच पाना।
  • गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को अस्पताल ले जाने में भारी कठिनाई।

एक साल पहले एमएलसी ने लगाया था चौपाल

ग्रामीणों के अनुसार, चुनावी मौसम में वादों की झड़ी लगाने वाले नेता बाद में सुध लेना भूल जाते हैं। करीब एक साल पहले विधान परिषद सदस्य (MLC) श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह ने इस बस्ती में एक चौपाल लगाई थी। उस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि जल्द ही इस बदहाल रास्ते पर पक्की सड़क का निर्माण कराया जाएगा। लेकिन अफ़सोस की बात यह है कि बारह महीने बीत जाने के बाद भी न तो कोई बजट आया और न ही जमीन पर ईंट तक रखी गई।

“चुनाव के वक्त सभी नेता वोट मांगने आते हैं, बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद कोई मुड़कर नहीं देखता। एमएलसी साहब के वादे का भी यही हश्र हुआ है।” - स्थानीय ग्रामीण

प्रशासन की प्रतिक्रिया और ग्रामीणों की चेतावनी

इस पूरे मामले पर जब अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से बात की गई, तो ब्लॉक प्रमुख इंद्र बहादुर पांडे ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि मुसहर बस्ती में सड़क निर्माण के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। जैसे ही इसके लिए धन आवंटित होगा, तुरंत काम शुरू कर दिया जाएगा।

हालांकि, अब ग्रामीणों का सब्र जवाब दे चुका है। गीता देवी और सुरेश कुमार जैसे स्थानीय लोगों ने साफ कर दिया है कि अगर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे जल्द ही जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे और क्षेत्र की सांसद व मझवा विधायक सूची स्मिता मौर्य से मिलकर इस मुद्दे पर तुरंत फंड जारी करने की मांग करेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: मीरजापुर की किस बस्ती में सड़क न होने की समस्या है?

Ans: मीरजापुर के पहाड़ी विकासखंड की भोजपुरी पहाड़ी मुसहर बस्ती में सड़क न होने से ग्रामीण परेशान हैं।

Q2: सड़क निर्माण का वादा किसने किया था?

Ans: करीब एक साल पहले विधान परिषद सदस्य (MLC) विनीत सिंह ने बस्ती में चौपाल लगाकर सड़क बनवाने का वादा किया था।

Q3: ग्रामीणों ने प्रशासन को क्या चेतावनी दी है?

Ans: यदि जल्द सड़क का निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो ग्रामीण डीएम कार्यालय का घेराव करेंगे और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाएंगे।

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काव्या त्रिपाठी

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Senior Editor

काव्या त्रिपाठी बिजनेस और टेक्नोलॉजी की जटिल दुनिया को सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। वे आर्थिक बदलाव, स्टार्टअप इकोसिस्...

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