राजनीतिक गलियारों में हलचल उस समय और तेज हो जाती है जब कोई जननेता सीधे जनता के बीच चौपाल सजाकर बैठता है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रौना गांव में इन दिनों कुछ ऐसा ही सियासी और सामाजिक दृश्य देखने को मिला। जन सेवा दल के भावी विधायक प्रत्याशी श्री मुकेश कुमार शर्मा ने हाल ही में इस गांव का दौरा किया और वहां के वरिष्ठ नागरिक एवं प्रतिष्ठित व्यक्तित्व श्रीराम तिवारी के आवास पर एक महत्वपूर्ण जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान गांव के तमाम ग्रामीण और गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिन्होंने अपनी स्थानीय समस्याओं को खुलकर भावी प्रत्याशी के सामने रखा।
रौना गांव में समस्याओं पर मंथन और सीधा संवाद
किसी भी क्षेत्र के विकास का पैमाना वहां की जमीनी हकीकत से तय होता है। रौना गांव में जब मुकेश कुमार शर्मा पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उन्हें अपनी रोजमर्रा की परेशानियों से अवगत कराया। सड़क, पानी, और बुनियादी सुविधाओं के आभाव जैसी तमाम स्थानीय समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। ग्रामीणों ने एक सुर में अपनी पीड़ा साझा की, जिसे मुकेश कुमार शर्मा ने बेहद गौर से सुना।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि किस तरह से उन्हें लंबे समय से प्रशासनिक और राजनीतिक उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। हर चुनाव में वादे तो बड़े-बड़े किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर काम नगण्य होता है। ग्रामीणों की इन बातों को सुनने के बाद भावी प्रत्याशी ने न सिर्फ सहानुभूति जताई, बल्कि एक मजबूत और व्यावहारिक रोडमैप पर काम करने का आश्वासन भी दिया।मुकेश कुमार शर्मा का दो टूक बयान: 'झूठे आश्वासनों की राजनीति नहीं'
राजनीति में अक्सर यह आरोप लगता है कि नेता चुनाव के समय लोकलुभावने और झूठे वादे करते हैं और चुनाव जीतने के बाद जनता से मुंह मोड़ लेते हैं। इस परिपाटी को तोड़ते हुए मुकेश कुमार शर्मा ने रौना गांव की इस बैठक में बहुत स्पष्ट और कड़े शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने दो टूक कहा कि वह जनता को लुभावने और झूठे आश्वासन देकर धोखा देने की राजनीति में विश्वास नहीं रखते।
"मैं आप सभी को झूठे आश्वासन देकर धोखा देना बिल्कुल पसंद नहीं करता। मेरा मकसद सिर्फ कुर्सी हासिल करना नहीं, बल्कि आपकी हर एक समस्या का स्थायी समाधान निकालना है।" - मुकेश कुमार शर्मा
उन्होंने आगे कहा कि जनता की समस्याओं का असली और स्थायी निदान तभी संभव हो पाएगा जब क्षेत्रीय जनता का पूरा समर्थन उनके एक बेटे और भाई के रूप में उन्हें मिलेगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि यदि जनता 2027 के आगामी विधानसभा चुनाव में उन्हें अपना खुला समर्थन और आशीर्वाद देती है, तो वे केवल कागजों पर नहीं बल्कि पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ धरातल पर विकास कार्य करके दिखाएंगे।
2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात और जनता का रुख
वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के अभी भले ही कुछ महीने दूर होने को हों, लेकिन पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विधानसभा सीट पर सियासी सरगर्मी अभी से अपने चरम पर पहुंचने लगी है। जन सेवा दल के बैनर तले मुकेश कुमार शर्मा लगातार ग्रामीण इलाकों का दौरा कर रहे हैं और जनसंपर्क अभियान को मजबूत बना रहे हैं।
रौना गांव की इस बैठक में उपस्थित सभी ग्रामीण मुकेश कुमार शर्मा के विचारों, उनकी सादगी और स्पष्टवादिता से काफी संतुष्ट नजर आए। कई बुजुर्गों और युवाओं ने माना कि इस प्रकार का सीधा संवाद और पारदर्शी रवैया आज की राजनीति में बहुत कम देखने को मिलता है। ग्रामीणों ने आश्वासन दिया कि वे स्थानीय विकास और जनहित के मुद्दों को ध्यान में रखकर ही आगामी चुनावों में अपना निर्णय लेंगे।
बैठक में मौजूद रहे कई प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक चेहरे
इस उच्च-स्तरीय जनसंपर्क बैठक और विचार-विमर्श के दौरान क्षेत्र के कई जाने-माने और प्रतिष्ठित लोग भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने वाले प्रमुख चेहरों में:
- श्रीराम तिवारी (वरिष्ठ एवं मेजबान)
- रामजी शर्मा (प्रदेश सचिव)
- राजेश शुक्ला
- पीयूष तिवारी
- अनिकेश शुक्ला
- शेखर तिवारी
इन सभी गणमान्य नागरिकों ने भी अपने विचार रखे और स्थानीय विकास के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि जातिगत या दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर अब क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए एकजुट होने का समय आ गया है।
आगे की रणनीति और जनता की उम्मीदें
रौना गांव की यह बैठक इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण मतदाता अब जागरूक हो चुके हैं और वे जुबानी جمع-खर्च (खोखले वादों) के बजाय जमीनी काम करने वाले नेतृत्व को तवज्जो दे रहे हैं। मुकेश कुमार शर्मा का यह दौरा और उनका 'बेटा और भाई' बनकर सेवा करने का संकल्प कितना रंग लाता है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल इस मुलाकात ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों में एक नई ऊर्जा जरूर भर दी है।
