भारतीय रेलवे के सफर को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए तमाम दावे किए जाते हैं, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों की हरकतें इन दावों की पोल खोलने के लिए काफी हैं। ताजा मामला महाराष्ट्र के नागपुर और मुंबई रूट से सामने आया है, जहां देश की प्रीमियम ट्रेनों में शुमार नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस को निशाना बनाया गया। इस घटना ने एक बार फिर चलती ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बोरखेड़ी और सिंदी के बीच हुआ हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नागपुर से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई की ओर जाने वाली प्रतिष्ठित दुरंतो एक्सप्रेस अपनी रफ्तार से आगे बढ़ रही थी। ट्रेन जब बोरखेड़ी और सिंदी रेलवे स्टेशनों के बीच के सुनसान हिस्से से गुजर रही थी, तभी अचानक बाहर से कुछ असामाजिक तत्वों ने ट्रेन पर पत्थरों की बारिश कर दी। यह हमला इतनी अचानक हुआ कि ट्रेन के अंदर बैठे यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
पथराव की इस अचानक हुई घटना से एसी कोच के अंदर बैठे यात्रियों में भारी दहशत फैल गई। कई यात्री तेज आवाज सुनकर अपनी सीटों से उठ खड़े हुए। गनीमत यह रही कि इस भयानक हमले में किसी भी यात्री के गंभीर रूप से घायल होने की कोई सूचना नहीं है, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था।
तीन एसी कोच के कांच बुरी तरह क्षतिग्रस्त
उपद्रवियों द्वारा फेंके गए पत्थर इतने भारी और तेज थे कि उनका सीधा असर ट्रेन की खिड़कियों पर पड़ा। इस हमले में दुरंतो एक्सप्रेस के कम से कम तीन एसी कोच की खिड़कियों के कांच पूरी तरह चटक गए और टूटकर बिखर गए। कांच टूटने की आवाज इतनी तेज थी कि पूरा कोच दहल उठा।
ट्रेन के लोको पायलट और गार्ड ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत इसकी सूचना अगले रेलवे स्टेशनों और कंट्रोल रूम को दी। गंतव्य तक पहुंचने पर ट्रेन के उन कोचों का मुआयना किया गया, जो इस पथराव की चपेट में आए थे। रेलवे के तकनीकी स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
आरपीएफ (RPF) ने शुरू की ताबड़तोड़ जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) तुरंत हरकत में आ गई। बोरखेड़ी और सिंदी के बीच के उस विशेष हिस्से को खंगाला जा रहा है जहां यह घटना घटी। आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए तलाश तेज कर दी गई है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस प्रकार की हरकतों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रेलवे ट्रैक के आसपास के स्थानीय गांवों और बस्तियों में भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कायराना हरकत के पीछे किन, या किसका हाथ है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और ट्रेन के स्टॉफ के बयानों को भी खंगाला जा रहा है।
यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे की चिंता
यह कोई पहली बार नहीं है जब देश में किसी चलती हुई ट्रेन पर पथराव की घटना सामने आई हो। इससे पहले भी कई एक्सप्रेस और राजधानी ट्रेनों को असामाजिक तत्वों द्वारा निशाना बनाया जा चुका है। रेलवे प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चलाता है और पटरियों के किनारे रहने वाले लोगों को हिदायत देता है, बावजूद इसके ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की खतरनाक हरकत करने की हिम्मत न जुटा सके। फिलहाल, नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस के यात्रियों ने राहत की सांस ली है कि वे सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच गए, लेकिन इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की एक बार फिर से परीक्षा ले ली है।