नागपुर के मौसम ने एक बार फिर करवट लेना शुरू कर दिया है। हाल ही में हुई झमाझम बारिश के चलते शहरवासियों को जो राहत मिली थी, वह अब धीरे-धीरे कम होती नजर आ रही है। आसमान साफ होने के साथ ही एक बार फिर उमस और गर्मी अपना असर दिखाने लगी है। मौसम विभाग की ताजा अपडेट के अनुसार, आने वाले दो दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे गर्मी के तेवर फिर तीखे होंगे।
तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी
बीते कुछ दिनों के दौरान हुई बारिश ने नागपुर के तापमान में भारी गिरावट दर्ज कराई थी, जिससे लोगों को अक्टूबर की उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली थी। हालांकि, यह राहत लंबे समय तक टिकती नहीं दिख रही है। रविवार को नागपुर शहर का अधिकतम तापमान 31.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से करीब 2.3 डिग्री सेल्सियस कम था। वहीं, शनिवार की तुलना में रविवार को अधिकतम तापमान में 2.0 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई थी।
दूसरी ओर, न्यूनतम तापमान में भी खासी गिरावट देखने को मिली है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, न्यूनतम तापमान 20.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस कम है। बीते दिनों हुई बारिश के बाद न्यूनतम तापमान में अचानक 4.2 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, जिससे सुबह और रात के समय हल्की सिहरन महसूस होने लगी थी।
अगले 2 दिनों में हल्की बारिश के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, विदर्भ के कुछ चुनिंदा जिलों में अभी भी बादलों की आवाजाही बनी हुई है। रविवार को विदर्भ के इक्का-दुक्का स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी और बौछारें पड़ने की खबरें सामने आईं, हालांकि इससे किसी भी इलाके में भारी बारिश दर्ज नहीं की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों के दौरान नागपुर और आसपास के कुछ इलाकों में छिटपुट या हल्की बारिश हो सकती है।
लेकिन इस हल्की बारिश के साथ ही वातावरण में नमी का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाएगा, जिससे उमस और बेचैनी में इजाफा होगा। धूप खिलने के साथ ही तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे दोपहर के समय लोगों को चुभती हुई गर्मी का अहसास हो सकता है।
स्वास्थ्य को लेकर बरती जाने वाली सावधानियां
मौसम में हो रहे इस बार-बार बदलाव का सीधा असर आम जनजीवन और सेहत पर पड़ रहा है। सुबह और रात के वक्त हल्की ठंडक और दोपहर के समय तेज उमस भरा माहौल शरीर के तापमान को असंतुलित कर सकता है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के संक्रमण काल में मौसमी बीमारियां तेजी से पैर पसारती हैं।
- पर्याप्त पानी पिएं: उमस के कारण शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है, इसलिए दिनभर में भरपूर मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।
- खान-पान का रखें ध्यान: बाहर के खुले खाद्य पदार्थों से बचें और ताजे, गर्म भोजन का ही सेवन करें।
- बदलता तापमान: एसी या ठंडी हवा से सीधे पसीने में बाहर जाने से बचें, क्योंकि तापमान के इस उतार-चढ़ाव से सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार का खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासन और मौसम विभाग की नजर
कृषि और मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय हो रही हल्की बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव का असर फसलों पर भी पड़ सकता है। हालांकि, किसानों को फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें स्थानीय मौसम की चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
नागपुर वासियों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलते समय मौसम के इस मिजाज को ध्यान में रखें। दोपहर की तीखी धूप और उमस से बचने के लिए उचित उपाय करें और यदि आपको सर्दी, खांसी या बुखार जैसे लक्षण महसूस होते हैं, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। आने वाले दिनों में तापमान में होने वाली बढ़ोतरी से ठंड का अहसास कुछ कम जरूर होगा, लेकिन उमसभरी गर्मी से मुकाबला करने के लिए शहरवासियों को तैयार रहना होगा।