पहाड़ों की हसीन वादियां और टेढ़े-मेढ़े रास्ते अक्सर सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं, लेकिन जरा सी लापरवाही यहां किस कदर भारी पड़ सकती है, इसकी एक बानोगी नैनीताल से सामने आई है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन जिला नैनीताल के भूमियाधार क्षेत्र के पास शनिवार शाम को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। यहां एक अनियंत्रित महिंद्रा स्कॉर्पियो कार करीब 70 मीटर गहरी खाई में जा समाई। इस भीषण दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत बचाव दलों में हड़कंप मच गया।
अंधेरे और ढलान के बीच एसडीआरएफ का साहसिक अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम बिना एक पल गंवाए एक्शन मोड में आ गई। एसडीआरएफ पोस्ट नैनीताल से उप निरीक्षक मनीष भाकुनी के नेतृत्व में एक विशेष बचाव दल तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुआ। घटनास्थल पर पहुंचकर टीम ने देखा कि वाहन सड़क से फिसलकर लगभग 70 मीटर नीचे एक गहरी और संकरी खाई में जा गिरा था। खाई की गहराई और वहां फैली झाड़ियों के बीच उतरना अपने आप में एक बड़ी चुनौती था, लेकिन जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया।
पहाड़ी इलाकों में इस तरह के हादसों के दौरान हर एक मिनट की कीमत होती है। एसडीआरएफ के प्रशिक्षित जवानों ने आधुनिक उपकरणों और रस्सियों के सहारे खाई में उतरकर तलाशी अभियान चलाया। वाहन के भीतर फंसे लोगों को निकालने के लिए कड़े संघर्ष का सामना करना पड़ा। अंधेरा होने से पहले घायलों तक पहुंचना और उन्हें अस्पताल पहुंचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता थी, जिसे बचाव दल ने पूरी मुस्तैदी के साथ निभाया।
हादसे में शिकार हुए लोगों की पहचान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हुई महिंद्रा स्कॉर्पियो (संख्या HR36AP-2156) में कुल पांच लोग सवार थे। ये सभी हरियाणा के अलग-अलग इलाकों से नैनीताल घूमने या किसी सिलसिले में आए हुए थे। पुलिस और एसडीआरएफ द्वारा जारी की गई घायलों की सूची के अनुसार:
- अभय (आयु 22 वर्ष): पुत्र अरविंद, निवासी थाना मधुबन, करनाल (हरियाणा)।
- राहुल: पुत्र धर्मवीर, निवासी करनाल (हरियाणा)।
- सोनू: निवासी करनाल (हरियाणा)।
- विक्रम (आयु 34 वर्ष): पुत्र विजेंद्र, निवासी पानीपत (हरियाणा)।
गनीमत यह रही कि इन चारों घायलों को प्राथमिक तौर पर सामान्य चोटें ही आई हैं, जिन्हें तुरंत खाई से निकालकर नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए भेज दिया गया है। डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
एक की मौत, पहचान की कोशिशें जारी
जहां चार लोगों की जान बचा ली गई, वहीं इस हादसे में एक व्यक्ति की किस्मत ने साथ नहीं दिया। मौके पर ही उस अज्ञात व्यक्ति की मौत हो चुकी थी। एसडीआरएफ के जवानों ने जब वाहन के आसपास और भीतर खोजबीन की, तो उस व्यक्ति का शव मिला। अत्यधिक ऊंचाई से गिरने और गंभीर चोटें आने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
समाचार लिखे जाने तक मृतक की आधिकारिक पहचान पुख्ता नहीं हो सकी है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या वह व्यक्ति भी हरियाणा के इसी पर्यटकों के समूह का हिस्सा था या फिर स्थानीय स्तर पर वाहन में सवार हुआ था। एसडीआरएफ ने मृतक के शव को सुरक्षित बाहर निकालकर आगे की कानूनी और चिकित्सीय कार्रवाई के लिए स्थानीय जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस शिनाख्त के लिए आसपास के थानों और होटलों में संपर्क साध रही है।
पहाड़ी रास्तों पर ड्राइविंग को लेकर बड़ी चेतावनी
उत्तराखंड और हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्यों में आए दिन इस तरह के सड़क हादसे सामने आते रहते हैं। कभी तीखे मोड़, कभी कोहरा, तो कभी चालकों की जरा सी चूक बड़े हादसों को न्योता दे देती है। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने सैलानियों से लगातार अपील की है कि वे पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। ओवरस्पीडिंग से बचें और अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।
फिलहाल, नैनीताल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर यह दुर्घटना कैसे घटी। क्या वाहन का ब्रेक फेल हुआ था, या फिर चालक ने नियंत्रण खो दिया था? इन तमाम पहलुओं पर ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ विभाग मिलकर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। इस दुखद घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पहाड़ों की खूबसूरत वादियों में सफर करते वक्त सतर्कता कितनी जरूरी है।