भारतीय सिनेमा जगत के लिए एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। अपनी बेबाक अदाकारी, अनूठे अंदाज और सामाजिक सरोकारों के लिए पहिचाने जाने वाले दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे। 75 वर्ष की आयु में गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके पैतृक आवास पर दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। स्वास्थ्य बिगड़ने के तुरंत बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
इस अचानक हुए निधन से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके चाहने वाले और सह-कलाकार इस सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। ऐसी ही एक अभिनेत्री हैं सोनाली कुलकर्णी, जिन्होंने नाना पाटेकर के साथ कई बेहतरीन प्रोजेक्ट्स में काम किया है। हाल ही में एक खास बातचीत के दौरान सोनाली ने अपने और नाना पाटेकर के बीच के गहरे रिश्ते, अनकही यादों और उनके साथ बिताए गए पलों को बेहद भावुक अंदाज में साझा किया।
'टैक्सी नंबर 9211' के सेट पर हुई थी खट्टी-मीठी शुरुआत
नाना पाटेकर के साथ अपनी पहली फिल्म 'टैक्सी नंबर 9211' को याद करते हुए सोनाली कुलकर्णी ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में वे दिग्गज अभिनेता के साथ काम करने को लेकर काफी डरी हुई थीं। सोनाली ने उस पल को याद करते हुए कहा, "यह नाना सर के साथ मेरी पहली फिल्म थी। जब मैं वैनिटी वैन से अपना लुक टेस्ट देकर बाहर निकली, तो नाना सर ने मुझे देखकर तुरंत कहा— 'मेकअप उतार! इतना मेकअप नहीं चलेगा!' मैंने तुरंत जवाब दिया— 'मैंने मेकअप किया भी नहीं है, सर!' मेरे हेयरड्रेसर ने घबराते हुए कहा कि तुम किससे जवाब दे रही हो? लेकिन इसी हल्की-फुल्की नोक-झोक ने फिल्म में हमारे किरदारों के बीच की केमिस्ट्री को सेट कर दिया।"
सोनाली ने आगे बताया कि नाना पाटेकर सेट पर पूरी तरह से अनस्क्रिप्टेड और सहज अभिनय करने के लिए जाने जाते थे। फिल्म के एक दृश्य को याद करते हुए उन्होंने कहा कि कैसे बिना ज्यादा बोले सिर्फ चेहरे के भावों से भावनाओं को व्यक्त करना कोई नाना पाटेकर से सीखे। 'वेलकम' जैसी फिल्मों में उनकी कॉमिक टाइमिंग की तारीफ करते हुए सोनाली ने कहा कि वह गंभीर किरदारों के साथ-साथ कॉमेडी में भी बेजोड़ थे।
'डरने' से लेकर 'गहरे दोस्त' बनने तक का सफर
समय के साथ दोनों के रिश्ते में किस तरह बदलाव आया, इसका जिक्र करते हुए सोनाली ने कहा कि वह दौर भी उन्होंने देखा है जब वह 'नाना पाटेकर' नाम से ही खौफ खाती थीं, और वह दौर भी देखा जब वे और उनका परिवार नाना के बेहद करीब आ गए।
- तीन बेहतरीन फिल्में: सोनाली और नाना ने 'टैक्सी नंबर 9211', नेशनल अवॉर्ड विजेता फिल्म 'देवूल' और 'डॉ. प्रकाश बाबा आमटे' जैसी शानदार फिल्मों में साथ काम किया।
- खुलकर मजाक उड़ाने की छूट: सोनाली के मुताबिक, नाना पाटेकर उनके इतने करीबी दोस्त बन चुके थे कि उन्हें उनका मजाक उड़ाने तक की छूट थी।
- कभी भी फोन करने की आजादी: वह एक ऐसे दोस्त थे जिनके पास किसी भी वक्त फोन करने का अधिकार था।
सोनाली ने यह भी बताया कि नाना पाटेकर अपनी जिंदगी अपने शर्तों पर जीते थे। वह खुलकर प्यार बांटते थे, दिल खोलकर पैसे खर्च करते थे और लोगों की तारीफ करने में कंजूसी नहीं करते थे।
किसानों के प्रति समर्पण और उनकी दरियादिली
सिनेमा के पर्दे से इतर नाना पाटेकर के सामाजिक कार्यों पर बात करते हुए सोनाली भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि नाना का दिल उन किसानों के लिए धड़कता था जो आर्थिक तंगी या अन्य कारणों से आत्महत्या करने की सोचते थे। 'नाम फाउंडेशन' के जरिए उन्होंने समाज और किसानों के लिए जो किया, वह अतुलनीय है।
सोनाली ने मुस्कुराते हुए एक और पुराना संस्मरण साझा किया जब नाना पाटेकर उनकी दो महीने की बेटी से मिलने ऑटो रिक्शा से उनके घर पहुंच गए थे। ऑटो ड्राइवर को तब तक पता नहीं था कि पीछे कौन बैठा है, जब तक नाना ने उतरकर उसे 30 मिनट इंतजार करने को नहीं कहा। जब ड्राइवर को एहसास हुआ कि वह नाना पाटेकर हैं, तो वह बुरी तरह कांपने लगा। जाते वक्त जब ड्राइवर गाड़ी नहीं चला पा रहा था, तो नाना ने हंसते हुए कहा था— 'इतना डर क्यों रहा है, गाड़ी मैं चलाऊं क्या?'
पूरा देश दे रहा है श्रद्धांजलि
नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, अमित शाह और स्मृति ईरानी समेत देश की तमाम बड़ी हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने अभिनय के दम पर पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजे गए इस लीजेंड्री अभिनेता को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। सोनाली कुलकर्णी के शब्दों में कहें तो इस खालीपन को भरने में बहुत लंबा समय लगेगा, क्योंकि नाना पाटेकर जैसी शख्सियतें सदियों में एक बार पैदा होती हैं।