नेपाल की भौगोलिक संरचना और वहां की सुंदर वादियां अक्सर पर्यटकों को आकर्षित करती हैं, लेकिन प्रकृति का रौद्र रूप जब सामने आता है, तो तबाही का मंजर दिल दहला देने वाला होता है। नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई भीषण और विनाशकारी बाढ़ ने ऐसा ही खौफनाक तांडव मचाया है, जिसके आंकड़े और जख्म आने वाले लंबे समय तक भुलाए नहीं जा सकेंगे। इस आपदा ने इंसानी जीवन की नाजुकता को एक बार फिर से उजागर कर दिया है। नेपाल पुलिस की ओर से जारी किए गए ताज़ा और आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस त्रासदी में अब तक 1,344 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 4,898 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन और सुरक्षा बलों की टीमें दिन-रात राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, लेकिन मलबे और पानी के बहाव के बीच अपनों की तलाश करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
भयानक आंकड़ों में तबाही की दास्तान
पुलिस मुख्यालय से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, भोटेकोशी नदी के उफान ने अपने रास्ते में आने वाली हर चीज़ को नेस्तनाबूद कर दिया। अब तक बरामद किए गए 1,344 शवों की शिनाख्त और वर्गीकरण के जो आंकड़े सामने आए हैं, वे बेहद विचलित करने वाले हैं। इन शवों में 489 पुरुष, 269 महिलाएं, 52 लड़के और 33 लड़कियां शामिल हैं। इसके अलावा, स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि खोजबीन के दौरान 501 शवों के केवल आंशिक अंग ही बरामद हो पाए हैं, जिनकी पहचान करना फॉरेंसिक टीमों के लिए भी एक बड़ी पहेली बना हुआ है। इन आंशिक अवशेषों की शिनाख्त के लिए वैज्ञानिक तरीकों का सहारा लिया जा रहा है ताकि पीड़ित परिवारों को किसी तरह की राहत मिल सके।
लापता लोगों की सूची में विदेशी नागरिक भी शामिल
इस आपदा की विभीषिका केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसकी चपेट में कई बाहरी लोग भी आए हैं। पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्तमान में जो 4,898 लोग लापता हैं, उनमें भारी संख्या नेपाली नागरिकों के साथ-साथ विदेशी पर्यटकों और कामगारों की भी है। लापता कुल लोगों में 4,250 नेपाली नागरिक हैं, जिनमें 2,448 पुरुष और 482 महिलाएं शामिल हैं। इसके साथ ही, 618 विदेशी नागरिकों के भी लापता होने की आधिकारिक पुष्टि की गई है। आपदा के तुरंत बाद अधिकारियों को फोन कॉल्स के माध्यम से 1,350 से अधिक लोगों के लापता होने की सूचनाएं प्राप्त हुई थीं, जिसके आधार पर सर्च ऑपरेशन के दायरे को लगातार बढ़ाया जा रहा है।
सफलता की किरण: 8,631 लोगों की बचाई गई जान
तबाही के इस स्याह अंधकार के बीच उम्मीद की कुछ किरणें भी नजर आई हैं। नेपाल सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों की मुस्तैदी के चलते अब तक कुल 8,631 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की गई है। बचाए गए इन लोगों में 7,387 नेपाली नागरिक और 1,244 विदेशी नागरिक शामिल हैं। विपरीत परिस्थितियों और लगातार खराब होते मौसम के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने जिस दिलेरी का परिचय दिया है, उसने सैंकड़ों परिवारों को उजड़ने से बचा लिया है। हालांकि, जो लोग बेघर हो चुके हैं, उनके सामने अब जीवन को दोबारा पटरी पर लाने की कठिन चुनौती खड़ी हो गई है।
विस्थापितों के लिए होल्डिंग सेंटर और राहत शिविर
बाढ़ के पानी और भूस्खलन के कारण अपने घरों से बेदखल हुए लगभग 3,655 विस्थापित लोगों को फिलहाल सुरक्षित स्थानों पर बनाए गए अलग-अलग होल्डिंग सेंटरों में ठहराया गया है। इन राहत शिविरों में प्रशासनिक स्तर पर पीड़ितों को भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के प्रयास युद्धस्तर पर जारी हैं। सरकार और विभिन्न सामाजिक संगठन यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि इस संकट की घड़ी में किसी भी पीड़ित को असहाय महसूस न होना पड़े। चिकित्सा दलों को भी इन कैंपों में तैनात किया गया है ताकि समय रहते बीमारियों के फैलने को रोका जा सके।
डीएनए प्रोफाइलिंग और पहचान की जटिल प्रक्रिया
प्रशासन के सामने इस समय सबसे बड़ी और संवेदनशील चुनौती अज्ञात शवों की पहचान सुनिश्चित करने की है। जिन 1,344 शवों को बरामद किया गया है, उनमें से 1,030 शवों का विधि-विधान और स्थानीय प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया जा चुका है। इसके बावजूद, मृतकों के सही आंकड़ों और उनके परिवारों तक सूचना पहुंचाने के लिए डीएनए सैंपलिंग की प्रक्रिया को बेहद तेज कर दिया गया है।
पुलिस विभाग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, अब तक:
- 1,260 मृतकों के डीएनए नमूने सुरक्षित रखे गए हैं।
- 972 लापता लोगों के परिजनों से रक्त के नमूने लिए गए हैं।
- कुल मिलाकर 2,232 डीएनए सैंपल इस पूरी प्रक्रिया के तहत एकत्र किए जा चुके हैं।
इन वैज्ञानिक नमूनों का मिलान करके यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कौन सा शव किस परिवार से ताल्लुक रखता है, ताकि औपचारिकताएं पूरी कर अंतिम अवशेष परिजनों को सौंपे जा सकें।
प्रशासन की अनोखी पहल: वेबसाइट पर अपलोड किए गए विवरण
पारदर्शिता और त्वरित सहायता के उद्देश्य से नेपाल पुलिस ने एक और बड़ा कदम उठाया है। जिन 1,270 शवों या व्यक्तियों की शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है, उनका पूरा विवरण और हुलिया आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि देश-दुनिया के किसी भी कोने में बैठा पीड़ित परिवार इंटरनेट के माध्यम से अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सके और पहचान प्रक्रिया में प्रशासन की मदद कर सके।
भोटेकोशी नदी की यह बाढ़ नेपाल के आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक के रूप में दर्ज हो चुकी है। राहत, बचाव और पुनर्वास का यह महाअभियान कब तक चलेगा और प्रकृति के इस भयंकर प्रकोप के घाव भरने में कितना समय लगेगा, यह तो वक्त ही बताएगा। फिलहाल, हर एक जिंदगी को बचाने और हर लापता शख्स की तलाश पूरी करने के लिए प्रशासन का पूरा तंत्र जमीन पर उतरा हुआ है।