नोएडा कमिश्नरेट बनने के बाद से ही पुलिस महकमे ने अपराधियों और माफियाओं की नींद हराम कर रखी है। हाल ही में सामने आए आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं कि एनसीआर के इस हाई-प्रोफाइल इलाके में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए किस हद तक सख्त रुख अपनाया गया है। पिछले पौने चार वर्षों के भीतर नोएडा पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत कुल 353 कुख्यात इनामी बदमाशों को सलाखों के पीछे भेजने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अपराधियों में खौफ का माहौल साफ देखा जा सकता है।
जीरो टॉलरेंस नीति का असर: आंकड़ों में समझें पुलिस की सफलता
गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा अपराधियों के खिलाफ अपनाई गई 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अब जमीन पर अपना असर दिखा रही है। मीडिया सेल से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पुलिस ने पिछले पौने चार सालों में विभिन्ने श्रेणियों के इनामी बदमाशों को चुन-चुनकर गिरफ्तार किया है। इन शातिर अपराधियों पर शासन और पुलिस प्रशासन की ओर से अलग-अलग इनाम घोषित किए गए थे, जो अपनी पहचान छिपाकर फरार चल रहे थे।
गिरफ्तार किए गए कुल 353 बदमाशों का वर्गीकरण कुछ इस प्रकार है:
- 1 लाख रुपये के इनामी: 2 कुख्यात बदमाश
- 50 हजार रुपये के इनामी: 5 शातिर अपराधी
- 25 हजार रुपये के इनामी: 169 अभियुक्त
- 20 हजार रुपये के इनामी: 20 अभियुक्त
- 15 हजार रुपये के इनामी: 54 बदमाश
- 10 हजार रुपये के इनामी: 80 बदमाश
- 5 हजार रुपये के इनामी: 21 बदमाश
- ढाई हजार रुपये के इनामी: 2 बदमाश
संगठित अपराध पर कड़ा प्रहार
पुलिस आयुक्त के मीडिया प्रभारी सुबोध कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट अपराधियों के विरुद्ध निरंतर प्रभावी कार्रवाई कर रही है। जिले में संगठित अपराध, लूटपाट, हत्या, और रंगदारी जैसी वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोहों की कमर तोड़ने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान संचालित किए जाते हैं। इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से फरार चल रहे वांछित और इनामी अपराधियों को ढूंढ निकालना और उन्हें अदालत के कटघरे में खड़ा करना है ताकि आम जनता का कानून व्यवस्था से भरोसा और मजबूत हो सके।
सुरक्षा के मोर्चे पर पुलिस महकमा पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। कमिश्नरेट की स्थापना के बाद से ही पुलिस नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया था कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा की धरती पर अपराध के लिए कोई जगह नहीं होगी। यही वजह है कि पुलिस की खुफिया इकाइयां और ऑपरेशनल टीमें लगातार सक्रिय रहकर अपराधियों के हर नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी हुई हैं।
आम जनता की सुरक्षा सर्वोपरि
पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि आम नागरिकों की सुरक्षा और प्रभावी अपराध नियंत्रण के लिए कमिश्नरेट पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। दिन हो या रात, पुलिस बल की पेट्रोलिंग और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग से अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं। पुलिस की यह सख्त कार्यशैली इस बात का प्रमाण है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
आने वाले दिनों में भी पुलिस का यह अभियान इसी तेजी के साथ जारी रहने की उम्मीद है, ताकि नोएडा को पूरी तरह से अपराध-मुक्त और सुरक्षित शहर बनाया जा सके। इन लगातार गिरफ्तारियों से न केवल स्थानीय स्तर पर आपराधिक घटनाओं में कमी आई है, बल्कि आम जनता में भी सुरक्षा की एक मजबूत भावना पैदा हुई है।