क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। अगले साल यानी 2027 में होने वाले 14वें वनडे विश्व कप (ODI World Cup 2027) का रोमांच अब परवान चढ़ने लगा है। इस महामुकाबले की मेजबानी की जिम्मेदारी संयुक्त रूप से दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया के कंधों पर है। खास बात यह है कि पूरे 24 साल बाद अफ्रीकी धरती पर एक बार फिर से वनडे विश्व कप की वापसी हो रही है, इससे पहले साल 2003 में अफ्रीकी महाद्वीप ने इस टूर्नामेंट की मेजबानी की थी।
टूर्नामेंट के आधिकारिक शेड्यूल का ऐलान 1 अक्टूबर को केप टाउन में किया जाना है, लेकिन उससे पहले क्वालीफिकेशन सिनेरियो को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो चुकी है। इस बार के क्वालीफिकेशन समीकरणों ने कई क्रिकेट दिग्गजों और फैंस को चौंका दिया है। 14 टीमों के इस मेगा टूर्नामेंट में इस बार कई नए बदलाव देखने को मिलेंगे।
मेजबान देशों की स्थिति और स्वचालित क्वालीफिकेशन
क्रिकेट नियमों के अनुसार, मेजबान देशों को सीधे प्रवेश मिलता है। इस नियम के तहत सह-मेजबान होने के नाते दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे ने पहले ही विश्व कप 2027 के लिए अपना टिकट पक्का कर लिया है। हालांकि, तीसरे सह-मेजबान नामीबिया को इस मामले में राहत नहीं मिली है। नामीबिया को स्वतः (automatic) कोटा नहीं मिलेगा क्योंकि वह आईसीसी का पूर्णकालिक सदस्य (Full-Member ICC nation) नहीं है। ऐसे में नामीबिया को भी अन्य एसोसिएट देशों की तरह अपनी योग्यता साबित करनी होगी।
दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे के अलावा, अगले आठ स्थान आईसीसी वनडे रैंकिंग के आधार पर तय किए जाएंगे, जिसकी कट-ऑफ तारीख आज यानी 30 सितंबर, 2026 निर्धारित की गई है। मौजूदा रैंकिंग लीडरबोर्ड पर भारत शीर्ष पर काबिज है, जिससे भारतीय फैंस के लिए राहत की खबर है।
वेस्टइंडीज और आयरलैंड को लगा तगड़ा झटका
रैंकिंग के आधार पर होने वाले सीधे प्रवेश में कुछ चौंकाने वाले उलटफेर देखने को मिले हैं। अंक तालिका में निचले पायदानों पर स्थिति साफ होने के बाद, दो बार की विश्व चैंपियन वेस्टइंडीज की टीम को सीधे क्वालीफिकेशन से चूकना पड़ा है। वेस्टइंडीज के साथ-साथ आयरलैंड की टीम भी टॉप-8 में जगह बनाने में नाकाम रही है।
इन दोनों पूर्णकालिक सदस्य (Full-Member) टीमों को अब साल 2027 की शुरुआत में होने वाले आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप क्वालीफायर्स में उतरना होगा। इन क्वालीफायर्स मुकाबलों में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी, जिनमें से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली चार टीमें मुख्य विश्व कप के लिए अपना सफर तय करेंगी।
आईसीसी द्वारा नया और रोमांचक फॉर्मेट
इस साल जुलाई में आईसीसी ने पुरुषों के वनडे विश्व कप के प्रारूप में एक व्यापक बदलाव को मंजूरी दी थी। इस नए फॉर्मेट का मकसद टूर्नामेंट को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है। अब यह विश्व कप कुल तीन चरणों (Three-stage competition format) में खेला जाएगा।
पहला चरण: नया सुपर सीरीज मुकाबला
टूर्नामेंट की शुरुआत एक बिल्कुल नए 'सुपर सीरीज' दौर से होगी। इसमें क्वालीफिकेशन प्रक्रिया के तहत 12वें, 13वें और 14वें स्थान पर रहने वाली तीन टीमें आपस में भिड़ेंगी। ये तीनों टीमें राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेलेंगी और इनमें से केवल विजेता टीम ही अगले चरण में प्रवेश पाने में सफल हो पाएगी।
दूसरा चरण: ग्रुप मुकाबले
पहले चरण की विजेता टीम इसके बाद बाकी बची हुई 11 सीधे क्वालीफाई करने वाली टीमों के साथ दूसरे चरण में शामिल हो जाएगी। इस चरण में सभी 12 टीमों को छह-छह के दो समूहों (Groups) में बांटा जाएगा और कुल 30 मैच खेले जाएंगे। प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष तीन टीमें, इसके अलावा दोनों समूहों में से अगले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाली टीम को नव-परिचित 'सुपर 7' (Super 7) चरण के लिए हरी झंडी मिलेगी।
तीसरा चरण: सुपर 7 और नॉकआउट्स
सुपर 7 चरण में पहुंचने वाली सातों टीमें एक-दूसरे के खिलाफ सिंगल राउंड-रॉबिन लीग खेलेंगी, जिसके तहत कुल 21 मुकाबले होंगे। इस चरण के समापन पर अंक तालिका की शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।
- पहला सेमीफाइनल: पहले स्थान की टीम का मुकाबला चौथे स्थान की टीम से होगा।
- दूसरा सेमीफाइनल: दूसरे स्थान की टीम तीसरे स्थान की टीम के आमने-सामने होगी।
इन मुकाबलों को जीतने वाली दो बेहतरीन टीमें विश्व कप के महामुकाबले यानी फाइनल में प्रवेश करेंगी और खिताब के लिए जोर लगाएंगी।
1 अक्टूबर को होगा शेड्यूल का आधिकारिक ऐलान
क्रिकेट जगत की नजरें अब 1 अक्टूबर पर टिकी हैं। दक्षिण अफ्रीका में ठीक विश्व कप शुरू होने से एक साल पहले, आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। इस घोषणा के बाद साफ हो जाएगा कि कौन सी टीम किस मैदान पर और किस तारीख को भिड़ने वाली है।
जैसे-जैसे विश्व कप का यह कारवां आगे बढ़ रहा है, रोमांच और उत्साह का ग्राफ भी तेजी से ऊपर जा रहा है। खेल प्रेमियों के लिए आने वाले महीने काफी व्यस्त और रोमांचक रहने वाले हैं, क्योंकि टीमों का भविष्य अब मैदान पर उनके प्रदर्शन की धार पर तय होगा।
