सीमा पार से चल रहे थे नापाक मंसूबे, सुरक्षा एजेंसियों ने बिछाया जाल
सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत सीमा पार से चलाए जा रहे हथियारों और नशीले पदार्थों के एक बड़े तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस सनसनीखेज कार्रवाई में जम्मू-कश्मीर से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके तार एक खतरनाक अपराधी गिरोह से जुड़े बताए जा रहे हैं। वहीं, इसी मॉड्यूल से जुड़े एक अन्य शख्स को पड़ोसी राज्य पंजाब से भी दबोचा गया है। सुरक्षा बलों की इस मुस्तैदी से एक बड़ा सुरक्षा संकट टल गया है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे एक कुख्यात गैंगस्टर के इशारे पर काम कर रहा था। यह गैंग सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से भारतीय क्षेत्र में हथियार, गोला-बारूद और अवैध नशीले पदार्थों की खेप गिराता था। इसके बाद, स्थानीय स्तर पर सक्रिय इनके गुर्गे इन खेपों को उठाकर सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाते थे और इन्हें पंजाब के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय अपने सहयोगियों को डिलीवर करने की योजना थी.
कैसे हुआ इस खतरनाक मॉड्यूल का खुलासा?
खुफिया एजेंसियों को पिछले कुछ हफ्तों से अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास संदिग्ध गतिविधियों की लगातार सूचना मिल रही थी। यह इनपुट पुख्ता किया जा रहा था कि कैसे ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करके भारत की सुरक्षा में सेंध लगाई जा रही है। खुफिया विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी सर्विलांस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर इस पूरे सिंडिकेट की पहचान की.
जांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से संचार के एन्क्रिप्टेड माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे थे ताकि उनकी बातचीत सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर न आ सके। हालांकि, खुफिया तंत्र की पैनी नजर ने उनके हर एक डिजिटल मूव को डिकोड कर लिया और सही समय पर सटीक कार्रवाई को अंजाम दिया गया.
ड्रोन के जरिए पहुंचाई जाती थी अवैध सामग्री
शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि पाकिस्तानी तस्कर और गैंगस्टर आधुनिक तकनीक वाले ड्रोन का इस्तेमाल करते थे। ये ड्रोन रात के अंधेरे में सीमा पार से भारतीय सीमा में कुछ किलोमीटर अंदर तक उड़ान भरते थे और तय GPS कोऑर्डिनेट्स पर हथियारों और ड्रग्स के पैकेट गिराकर वापस लौट जाते थे.
- हथियार और गोला-बारूद: आधुनिक पिस्तौल, मैगजीन और कारतूस शामिल हैं.
- नशीले पदार्थ: युवाओं को निशाना बनाने के लिए हेरोइन और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स.
- सप्लाई चेन: जम्मू-कश्मीर से होते हुए इसे पंजाब के आपराधिक तत्वों तक पहुंचाना.
गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी
जम्मू-कश्मीर में पकड़े गए तीनों आरोपियों और पंजाब से दबोचे गए एक अन्य शख्स को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस मॉड्यूल के जरिए अब तक कुल कितनी खेप भारतीय सीमा में पहुंचाई जा चुकी है और वे हथियार किन-किन लोगों को बांटे जाने थे.
इसके अलावा, इस बात की भी गहराई से जांच हो रही है कि क्या इस सिंडिकेट के तार किसी बड़े आतंकी संगठन या देश के भीतर किसी स्लीपर सेल से भी जुड़े हुए हैं या नहीं। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और चौंकाने वाले खुलासे होने की पूरी संभावना है, क्योंकि आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है.
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ाई गई चौकसी
इस ताजा घटनाक्रम के बाद से अंतरराष्ट्रीय सीमा और उससे सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद कर दिया गया है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) और स्थानीय पुलिस ने मिलकर गश्त बढ़ा दी है। साथ ही, रात्रि के समय संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के लिए आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक और थर्मल इमेजिंग उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की तरफ से पारंपरिक घुसपैठ के रास्ते नाकाम होने के बाद अब तस्करों और राष्ट्रविरोधी ताकतों ने ड्रोन तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों की लगातार चौकसी और त्वरित कार्रवाई यह साबित करती है कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले प्रहरी हर नापाक साजिश को नाकाम करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.