पाकिस्तान इस समय इतिहास के सबसे गंभीर दौर से गुजर रहा है। एक तरफ जहां आर्थिक बदहाली ने आम जनता की कमर तोड़ रखी है, वहीं दूसरी तरफ देश के कई हिस्सों में बगावत की आग भड़क उठी है। बलूचिस्तान से लेकर पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और खैबर पख्तूनख्वा तक, हालात इस्लामाबाद के नियंत्रण से पूरी तरह बाहर हो चुके हैं। इस चौतरफा संकट के बीच रावलपिंडी के सैन्य मुख्यालय में हलचल तेज हो गई है और सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर देश में तख्तापलट करने वाले हैं?
इन मोर्चों पर घिरी है पाकिस्तानी फौज
विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान की लाचार शहबाज शरीफ सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। देश के भीतर सुलग रही इन तीन बड़ी ज्वालाओं ने पाकिस्तानी हुक्मरों की नींद उड़ा दी है:
- बलूचिस्तान में BLA का कब्जा: बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने प्रांत के बड़े हिस्से पर नियंत्रण का दावा किया है। आधुनिक हथियारों और ड्रोन तकनीक से लैस बलूच लड़ाके पाकिस्तानी सेना और CPEC प्रोजेक्ट्स को लगातार निशाना बना रहे हैं।
- PoK में खुली बगावत: 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) के नेतृत्व में PoK की जनता ने पाकिस्तान के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। रावलकोट समेत कई शहरों में लोग अब सीधे तौर पर पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे हैं।
- खैबर पख्तूनख्वा में TTP का आतंक: तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लड़ाके लगातार पाक सैनिकों और पुलिस चौकियों पर घातक हमले कर रहे हैं, जिससे पाकिस्तानी सेना का मनोबल टूट चुका है।
क्या मार्शल लॉ लगाने जा रहे हैं असीम मुनीर?
राजनीतिक गलियारों और खुफिया सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक, आईएसआई (ISI) मुख्यालय में हुई उच्च स्तरीय बैठकों में यह चर्चा आम हो चुकी है कि मौजूदा राजनीतिक तंत्र पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। पूर्व सैन्य अधिकारियों का दावा है कि जनरल असीम मुनीर अय्यूब खान और परवेज मुशर्रफ की तर्ज पर देश की कमान सीधे अपने हाथ में ले सकते हैं।
योजना के तहत, मुनीर पहले शहबाज सरकार से देश में आपातकाल लगवाने और सेना को असीमित अधिकार देने का दबाव बना सकते हैं। इसके बाद, देश को गृहयुद्ध और टूटने से बचाने का बहाना बनाकर वे संविधान को निलंबित कर खुद 'चीफ मार्शल लॉ एडमिनिस्ट्रेटर' या राष्ट्रपति की कुर्सी पर बैठ सकते हैं।
भारत के लिए क्या हैं इसके मायने?
इतिहास गवाह है कि जब भी पाकिस्तान का कोई सैन्य तानाशाह संकट में घिरता है, तो वह अपनी जनता का ध्यान भटकाने के लिए भारत विरोधी पैंतरे अपनाता है। ऐसे में यदि जनरल मुनीर सत्ता पर कब्जा करते हैं, तो सीमा पर तनाव बढ़ने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, भारतीय सुरक्षा एजेंसियां और सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार और मुस्तैद हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: क्या पाकिस्तान में सचमुच तख्तापलट होने वाला है?
A1: बलूचिस्तान, PoK और खैबर पख्तूनख्वा के बिगड़ते हालात को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषक सेना प्रमुख द्वारा मार्शल लॉ या तख्तापलट की संभावना जता रहे हैं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
Q2: बलूचिस्तान में पाकिस्तान के लिए क्या संकट है?
A2: बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए कई इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, जिससे पाकिस्तानी फौज को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
Q3: PoK में लोग क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं?
A3: दशकों से पाकिस्तानी प्रशासन द्वारा अधिकारों के दमन और अत्याचार से तंग आकर PoK की जनता जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में सड़कों पर उतर आई है।