बिहार की राजधानी पटना से एक बेहद दहला देने वाली और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। दानापुर इलाके में इन दिनों जंगली सुअरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब आम लोगों का घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। ताजा मामले में, जंगली सुअरों के अचानक हुए आक्रामक हमले ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है। इस वीभत्स घटना में एक मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई हैं।
चापाकल पर पानी भर रही महिला पर अचानक हमला
घटना की शुरुआत बेहद साधारण तरीके से हुई, लेकिन कुछ ही पलों में इसने एक भयानक रूप ले लिया। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दानापुर क्षेत्र में एक महिला अपने घर के बाहर लगे चापाकल पर रोजमर्रा की तरह पानी भरने गई थी। महिला अपने काम में व्यस्त थी, तभी अचानक झाड़ियों और सुनसान इलाकों से निकलकर एक खूंखार जंगली सूअर वहां आ धमका।
इससे पहले कि महिला कुछ समझ पाती या संभलने का मौका मिलता, उस आक्रामक जानवर ने महिला पर सीधा हमला बोल दिया। सूअर के इस अचानक और जोरदार प्रहार से महिला जमीन पर गिर पड़ी और उसने अपनी जान बचाने के लिए चीखना-पुकारना शुरू कर दिया।
मासूम बच्ची और दूसरी महिलाओं को भी बनाया निशाना
चापाकल पर हो हल्ला सुनकर आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। इसी अफरा-तफरी के बीच, जंगली सूअर ने वहां मौजूद एक छोटी बच्ची को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जानवर का गुस्सा इतना सातवें आसमान पर था कि उसने मासूम को बेरहमी से जख्मी कर दिया। बीच-बचाव करने आई एक अन्य महिला को भी इस खूंखार जानवर ने नहीं छोड़ा और उसे भी गंभीर रूप से घायल कर दिया।
स्थानीय लोगों ने किसी तरह लाठी-डंडों और पत्थरों की मदद से सूअर को वहां से खदेड़ा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस खौफनाक हमले में गंभीर रूप से घायल हुई मासूम बच्ची ने मौके पर ही या अस्पताल ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, दोनों घायल महिलाओं को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भयंकर गुस्सा
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम और गुस्से का माहौल है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन को जंगली जानवरों के इस बढ़ते खतरे के बारे में सूचित किया था, लेकिन हर बार उनकी शिकायतों को अनसुना कर दिया गया।
गुस्साए ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग और नगर निगम की लापरवाही की वजह से आज एक मासूम को अपनी जान गंवानी पड़ी है। लोगों का कहना है कि दानापुर और उसके आसपास के इलाकों में जंगली सुअरों का झुंड अक्सर घूमता रहता है, जो रात तो दूर अब दिन के उजाले में भी रिहायशी इलाकों में घुसकर लोगों पर हमला कर रहा है।
वन विभाग और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद तथा उचित मुआवजे का भरोसा दिलाया है। प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आखिर ये जंगली सूअर रिहायशी इलाके के इतनी अंदर तक कैसे पहुंच गए। क्या जंगल के कटने या भोजन की तलाश में ये शहर की तरफ रुख कर रहे हैं, इन तमाम पहलुओं पर जांच की जा रही है।
सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल
पटना के दानापुर की यह घटना शहर की सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीव प्रबंधन पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाती है। जब आम बस्तियों और घरों के पास लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो यह प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरीकरण के कारण लगातार जंगलों का दायरा सिमट रहा है, जिसके चलते जंगली जानवर अपने प्राकृतिक आवास से भटककर इंसानी बस्तियों में आ रहे हैं।
- घटनास्थल: पटना का दानापुर क्षेत्र
- प्रभाव: एक बच्ची की मौत, दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल
- कारण: जंगली सुअरों का रिहायशी इलाके में बेधड़क घुसना
- प्रशासनिक प्रतिक्रिया: जांच शुरू, मुआवजे का आश्वासन
फिलहाल, इस घटना के बाद से पूरे इलाके के लोग दहशत में हैं। माता-पिता अपने बच्चों को घरों से बाहर भेजने में डर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इन आक्रामक जंगली जानवरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए, ताकि किसी अन्य परिवार को इस तरह के वज्राघात का सामना न करना पड़े।