अनुशासन, देशप्रेम और नेतृत्व क्षमता की जब भी बात आती है, तो सबसे पहले नेशनल कैडेट कोर यानी एनसीसी (NCC) का नाम जेहन में आता है। आज के युवा अपने भविष्य को लेकर कितने गंभीर हैं, इसकी एक बानगी हाल ही में उत्तर प्रदेश के पीडीडीयू नगर में देखने को मिली। यहां आयोजित एक एनसीसी नामांकन रैली में छात्र-छात्राओं का भारी उत्साह देखने को मिला, जहां कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद 90 युवा अगले चरण के लिए चुने गए।
कड़े शारीरिक परीक्षण के बाद 90 विद्यार्थी हुए सफल
91 यूपी बटालियन के समादेश अधिकारी कर्नल पीएल पुनिया के कुशल निर्देशन में नगर पालिका इंटर कॉलेज के प्रांगण में यह विशेष नामांकन रैली आयोजित की गई। इस रैली में हिस्सा लेने के लिए कक्षा नौ के कुल 160 छात्र-छात्राओं ने अपना पंजीकरण कराया था।
चयन प्रक्रिया बेहद कड़ी और पारदर्शी थी। विद्यार्थियों को अपनी शारीरिक क्षमता साबित करने के लिए कई चरणों से गुजरना पड़ा:
- दौड़ (Running) - सहनशक्ति की परीक्षा। सिट-अप्स और पुश-अप्स - शारीरिक ताकत का परीक्षण। मेडिकल परीक्षण - स्वास्थ्य और फिटनेस की जांच।
इन सभी चरणों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 90 विद्यार्थियों को अंतिम लिखित परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया।
वीर अब्दुल हमीद सभागार में हुई लिखित परीक्षा
शारीरिक परीक्षण के ठीक बाद, सफल रहे 90 विद्यार्थियों की लिखित परीक्षा नगर पालिका इंटर कॉलेज के प्रतिष्ठित 'वीर अब्दुल हमीद सभागार' में संपन्न कराई गई। परीक्षा का माहौल पूरी तरह से अनुशासित और एक प्रतियोगी परीक्षा की तरह था, जो छात्रों को भविष्य की बड़ी परीक्षाओं के लिए तैयार करता है।
"एनसीसी केवल एक यूनिफॉर्म नहीं है, बल्कि यह युवाओं के अंदर राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और एक जिम्मेदार नागरिक बनने के गुणों को विकसित करने का सबसे बेहतरीन मंच है।" - कर्नल पीएल पुनिया, समादेश अधिकारी (91 यूपी बटालियन)
अधिकारियों के मार्गदर्शन से बढ़ा युवाओं का हौसला
इस पूरी चयन प्रक्रिया के दौरान 91 यूपी बटालियन के अधिकारियों ने न सिर्फ पूरी पारदर्शिता बरती, बल्कि छात्रों का मार्गदर्शन भी किया। इस सफल आयोजन में सूबेदार भूपेंद्र सिंह, हवलदार सुनील कुमार, राजेंद्र तिवारी और हवलदार ओम गुरु की भूमिका बेहद अहम रही। इस अवसर पर विद्यालय परिवार से जुड़े डॉ. अशोक कुमार त्रिपाठी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
एनसीसी क्यों है युवाओं के लिए जरूरी?
विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल स्तर पर एनसीसी ज्वाइन करने से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होता है। यह न केवल भविष्य में डिफेंस फोर्सेज (सेना) में जाने का रास्ता आसान करता है, बल्कि ग्रेजुएशन और सरकारी नौकरियों में भी 'एनसीसी 'सी' सर्टिफिकेट' धारकों को विशेष वेटेज (छूट) मिलती है। पीडीडीयू नगर के इन 90 युवाओं की सफलता इस बात का प्रमाण है कि छोटे शहरों के युवा भी देश सेवा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: पीडीडीयू नगर में एनसीसी रैली का आयोजन किसने किया?
Ans: यह रैली 91 यूपी बटालियन के समादेश अधिकारी कर्नल पीएल पुनिया के निर्देशन में आयोजित की गई थी।
Q2: नामांकन रैली में कुल कितने छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया?
Ans: कक्षा नौ के कुल 160 छात्र-छात्राओं ने इस रैली में भाग लिया, जिनमें से 90 विद्यार्थियों को लिखित परीक्षा के लिए चुना गया।
Q3: चयन प्रक्रिया में कौन-से चरण शामिल थे?
Ans: चयन प्रक्रिया में मुख्य रूप से दौड़, सिट-अप्स, पुश-अप्स, मेडिकल परीक्षण और अंत में लिखित परीक्षा शामिल थी।