भाई-बहन के प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक पावन पर्व रक्षाबंधन देश भर में बेहद उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। साल 2026 के इस खास मौके पर देश की राजनीति के दिग्गजों ने भी अपने ही अंदाज में इस त्योहार की खुशियां साझा की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार की पीढ़ी यानी 'जेन-अल्फा' (Gen-Alpha) के बच्चों के साथ यह पर्व मनाकर एक नया और प्यारा संदेश दिया है। वहीं दूसरी ओर, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी अपनी बहन प्रियंका गांधी के साथ एक पुरानी और खूबसूरत तस्वीर साझा करते हुए देशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी ने बच्चों संग मनाई राखी
हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रक्षाबंधन मनाने का अंदाज बेहद खास रहा। इस बार पीएम मोदी ने देश के भविष्य यानी जेन-अल्फा जनरेशन के बच्चों के साथ राखी का यह पावन पर्व मनाया। छोटे-छोटे बच्चों ने जब देश के प्रधानमंत्री की कलाई पर राखी बांधी, तो वहां का माहौल पूरी तरह से खुशनुमा हो गया। बच्चों के चेहरों पर एक अलग ही चमक और उत्साह देखने को मिला। प्रधानमंत्री ने भी बच्चों को दुलारते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया और देश के उज्जवल भविष्य की कामना की।
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी लखनऊ में विशेष उत्सव के बीच छोटे बच्चों और स्कूली छात्राओं के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। सीएम योगी से राखी बंधवाने के लिए बच्चों में भारी उत्साह देखा गया। इस दौरान बच्चों के साथ अनौपचारिक बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। राजनीतिक गलियारों में इन तस्वीरों की खूब चर्चा हो रही है और सोशल मीडिया पर लोग इन पलों को बेहद सकारात्मक रूप से देख रहे हैं.
राहुल और प्रियंका गांधी की आत्मीय तस्वीर ने खींचा ध्यान
सत्पक्ष के साथ-साथ विपक्षी खेमे से भी रक्षाबंधन के मौके पर आत्मीय तस्वीरें सामने आईं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी बहन और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ एक बेहद प्यारी तस्वीर साझा की। इस तस्वीर के जरिए उन्होंने भाई-बहन के रिश्ते की गहराई को बयां किया।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में लिखा कि भाई-बहन का यह रिश्ता केवल एक धागे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवनभर एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने का वादा है। प्रियंका गांधी ने भी इस संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए तमाम देशवासियों को रक्षाबंधन के इस पवित्र पर्व की बधाई दी। कांग्रेस नेताओं के इस पारिवारिक और सौहार्दपूर्ण अंदाज को उनके समर्थकों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है।
क्यों खास माना जा रहा है इस बार का रक्षाबंधन?
साल 2026 का यह रक्षाबंधन कई मायनों में अलग और खास रहा। एक तरफ जहां आधुनिक युग की डिजिटल और एआई वाली पीढ़ी (जेन-अल्फा) देश के सर्वोच्च नेतृत्व के साथ जुड़ी, वहीं दूसरी तरफ राजनेताओं ने अपने व्यस्त शेड्यूल से समय निकालकर पारिवारिक मूल्यों को प्राथमिकता दी। यह दिखाता है कि आधुनिकता की दौड़ में भी हमारी संस्कृति और पारंपरिक त्योहारों का महत्व आज भी उतना ही गहरा है।
- प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: बच्चों के साथ त्योहार मनाकर युवा पीढ़ी को आगे बढ़ाने का स्पष्ट संदेश।
- मुख्यमंत्री योगी की पहल: उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर बालिकाओं और स्कूली छात्राओं के साथ आत्मीयता से पर्व मनाना।
- विपक्ष का पारिवारिक पहलू: राहुल और प्रियंका गांधी द्वारा भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरती को सार्वजनिक रूप से साझा करना।
देश भर में उमड़ी जश्न की लहर
सिर्फ राजनेता ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों ने भी इस पर्व को पूरे उल्लास के साथ मनाया। सुबह से ही बाजारों में राखियों और मिठाइयों की दुकानों पर भारी भीड़ देखने को मिली। बहनों ने भाइयों की लंबी उम्र और सफलता की कामना करते हुए उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा, और भाइयों ने भी अपनी बहनों की रक्षा करने का वचन दिया। आधुनिक तकनीक और वीडियो कॉलिंग के जरिए दूर-दराज बैठे भाई-बहनों ने भी एक-दूसरे को डिजिटल माध्यम से शुभकामनाएं भेजीं।
बहरहाल, रक्षाबंधन का यह पर्व हर साल देशवासियों के बीच आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भाव का संदेश लेकर आता है। इस बार देश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा जिस प्रकार बच्चों और परिवार के साथ इस त्योहार को सेलिब्रेट किया गया है, उसने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हमारी सांस्कृतिक जड़ें कितनी मजबूत हैं।
