मध्य प्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक शहर उज्जैन में एक मामूली सी बात पर इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। शहर के दमदमा इलाके में केवल इसलिए एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई क्योंकि उसने अपनी कार निकालने के लिए आगे खड़े युवकों को रास्ता देने के वास्ते हॉर्न बजाया था। यह छोटी सी बात इतनी बढ़ गई कि देखते ही देखते आरोपियों ने खूनी खेल खेलते हुए एक होनहार युवा व्यवसायी की जान ले ली। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे शहर में मातम और आक्रोश का माहौल है।
गुरुवार देर रात का वाकया, दो बजे हुआ खूनी संघर्ष
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे की है। उज्जैन के दमदमा मोड़ के पास का यह पूरा इलाका उस समय सन्न रह गया जब अचानक चीख-पुकार मच गई। मृतक की पहचान 27 वर्षीय यश मित्तल के रूप में हुई है, जो मूल रूप से तराना के रहने वाले थे और वर्तमान में अपने माता-पिता के साथ उज्जैन के ऋषि नगर एक्सटेंशन में निवास कर रहे थे। यश शहर के चिमनगंज मंडी इलाके में एक ट्रैक्टर एजेंसी का सफल संचालन करते थे और अपने परिवार का एक बड़ा सहारा थे।
घटना की रात यश अपने दो करीबी दोस्तों, अभय व्यास और मंगल के साथ किसी काम से कार में सवार होकर जा रहे थे। जब उनकी कार दमदमा मोड़ के पास पहुंची, तो वहां कुछ युवक अपने दोपहिया और अन्य वाहन सड़क के बीचों-बीच खड़े करके बातें कर रहे थे। रास्ता पूरी तरह blocked होने के कारण यश की कार आगे नहीं बढ़ पा रही थी। कार को निकलने के लिए जगह बनाने के उद्देश्य से यश ने गाड़ी का हॉर्न बजाया। यह सामान्य सा शिष्टाचार या अपील उन युवकों को नागवार गुजरी और यहीं से एक मामूली कहासुनी ने बड़े खूनी विवाद का रूप ले लिया।
अचानक बढ़ा विवाद और शुरू हुआ चाकुओं का तांडव
हॉर्न बजाने की बात पर सड़क पर खड़े युवक भड़क गए और उन्होंने कार रुकवाकर यश और उसके दोस्तों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने अपने अन्य साथियों को भी वहां बुला लिया। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के शुरुआती अनुसंधानों के मुताबिक, आधा दर्जन से अधिक युवकों ने मिलकर कार सवार तीनों दोस्तों पर हमला बोल दिया।
आरोपियों में आयुष शर्मा, विजय सिंह ठाकुर, विशाल ठाकुर, आकाश, करण, सागर और शेंटू जैसे नाम सामने आ रहे हैं। शुरुआती तीखी झड़प के दौरान जब स्थिति बेकाबू होने लगी, तो हमलावरों ने अचानक अपने पास मौजूद धारदार हथियारों और चाकुओं को निकाल लिया। जान बचाने की इस जद्दोजहद में यश के दोनों दोस्त, अभय और मंगल, किसी तरह वहां से अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहे, लेकिन हमलावरों ने यश को अपने चंगुल में दबोच लिया।
घंटों तलाश के बाद मिला शव, पुलिस प्रशासन में मचा हड़कंप
हमले के बाद जब अभय और मंगल सुरक्षित स्थान पर पहुंचे, तो उन्होंने तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष और अपने परिचितों को इस खूनी हमले की सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और बल तुरंत हरकत में आया और दमदमा क्षेत्र के लिए रवाना हुआ। हालांकि, जब तक पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तब तक सभी हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से फरार हो चुके थे।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सबसे पहले घायल अभय और मंगल को तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद पुलिस ने गायब हुए यश मित्तल की तलाश शुरू की। रात के अंधेरे में चले इस सर्च ऑपरेशन के दौरान घटना के करीब तीन घंटे बाद, सुबह लगभग 5 बजे जिला पंचायत कार्यालय के ठीक सामने घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर यश का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। शरीर पर कई जगह चाकू से गोदने के गहरे निशान थे, जो इस बात की गवाही दे रहे थे कि हमलावरों ने कितनी बेहरमी से इस वारदात को अंजाम दिया था।
चार संदिग्ध हिरासत में, पुलिस खंगाल रही है सीसीटीवी फुटेज
इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद उज्जैन पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से कई टीमों का गठन किया और आरोपियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ दबिश देना शुरू कर दिया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और स्थानीय मुखबिरों की मदद से त्वरित कार्रवाई करते हुए चार मुख्य संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि जिन युवकों के नाम इस घटना में आ रहे हैं, उनमें से कई दमदमा और आसपास के ही स्थानीय निवासी हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर मामूली सी बात पर इतनी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देने के पीछे क्या किसी पुरानी रंजिश का हाथ था या यह पूरी तरह से तात्कालिक आवेश (spur of the moment) में उठाया गया एक खौफनाक कदम था। इसके साथ ही, अस्पताल में इलाजरत दोनों घायल दोस्तों (अभय और मंगल) के विस्तृत बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं, जो इस मामले की गुत्थी को सुलझाने में सबसे अहम कड़ी साबित होने वाले हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और नागरिकों की चिंता
इस घटना के सामने आने के बाद से उज्जैन के आम नागरिकों और व्यापारियों में भारी रोष और सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल है। आए दिन सड़कों पर छोटी-छोटी बातों पर होने वाले मामूली विवाद अब जानलेवा साबित होने लगे हैं, जो समाज में लगातार घटती सहनशीलता और कानून के खौफ की कमी को उजागर करता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के अपराधिक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह के दर्दनाक हादसे का सामना न करना पड़े। पुलिस प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया है कि इस मामले में शामिल एक-एक आरोपी को जल्द ही कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
