Breaking
► उज्जैन में हॉर्न बजाना पड़ा भारी: ट्रैक्टर एजेंसी मालिक की चाकू गोदकर हत्या, चार संदिग्ध हिरासत में ► दिल्ली-NCR में पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश, पति-पत्नी गिरफ्तार ► महाराष्ट्र में SC आरक्षण उपवर्गीकरण पर उबाल, इस समाज ने दी आर-पार की चेतावनी ► गुजरात का बड़ा कदम: अब जीन से खोजे जाएंगे देश के अगले चैंपियन ► क्या हम कालीन बिछाकर खड़े रहेंगे? सपा से गठबंधन पर ओवैसी का दो टूक जवाब ► कंगना रनौत ने भाई संग मनाया रक्षाबंधन, बाबा रामदेव संग खत्म हुआ पुराना विवाद ► ऋषभ पंत की किस हरकत पर भड़के आर अश्विन? टेस्ट क्रिकेट को लेकर कह दी बड़ी बात ► सावली में कांग्रेस का जनआक्रोश मोर्चा: बारिश में भी गूंजा सरकार के खिलाफ हल्ला ► मराठी सीखने वाले 20 हजार चालकों को मिला सम्मान, शिंदे ने कही दिल जीतने वाली बात ► UP Board New Admission Rule: दाखिले में जन्मतिथि को लेकर कड़े नियम जारी ► उज्जैन में हॉर्न बजाना पड़ा भारी: ट्रैक्टर एजेंसी मालिक की चाकू गोदकर हत्या, चार संदिग्ध हिरासत में ► दिल्ली-NCR में पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश, पति-पत्नी गिरफ्तार ► महाराष्ट्र में SC आरक्षण उपवर्गीकरण पर उबाल, इस समाज ने दी आर-पार की चेतावनी ► गुजरात का बड़ा कदम: अब जीन से खोजे जाएंगे देश के अगले चैंपियन ► क्या हम कालीन बिछाकर खड़े रहेंगे? सपा से गठबंधन पर ओवैसी का दो टूक जवाब ► कंगना रनौत ने भाई संग मनाया रक्षाबंधन, बाबा रामदेव संग खत्म हुआ पुराना विवाद ► ऋषभ पंत की किस हरकत पर भड़के आर अश्विन? टेस्ट क्रिकेट को लेकर कह दी बड़ी बात ► सावली में कांग्रेस का जनआक्रोश मोर्चा: बारिश में भी गूंजा सरकार के खिलाफ हल्ला ► मराठी सीखने वाले 20 हजार चालकों को मिला सम्मान, शिंदे ने कही दिल जीतने वाली बात ► UP Board New Admission Rule: दाखिले में जन्मतिथि को लेकर कड़े नियम जारी

गुजरात का बड़ा कदम: अब जीन से खोजे जाएंगे देश के अगले चैंपियन

गुजरात का बड़ा कदम: अब जीन से खोजे जाएंगे देश के अगले चैंपियन

खेल की दुनिया में अब पसीने के साथ-साथ डीएनए और जेनेटिक्स की भी बड़ी भूमिका होने जा रही है। भारत के खेल इतिहास में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी अध्याय की शुरुआत करते हुए गुजरात ने देश के पहले 'स्पोर्ट्स जीनोमिक्स प्रोग्राम' का ऐलान किया है। इस अभूतपूर्व पहल का मकसद किसी एथलीट की छिपी हुई प्रतिभा को केवल मैदान पर नहीं, बल्कि उसके शरीर के भीतर मौजूद जीन (जींस) के स्तर पर परखना है। आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक खेल ट्रेनिंग का यह मेल आने वाले समय में देश के खेल परिदृश्य को पूरी तरह से बदलने का माद्दा रखता है।

विज्ञान के सहारे अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए तैयार होंगे चैंपियन

पारंपरिक रूप से भारत में खिलाड़ियों की पहचान उनके शारीरिक प्रदर्शन, स्टैमिना और कोच की नजरों के आधार पर की जाती रही है। लेकिन, गुजरात सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत आने वाले 'गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर' ने इस सोच से एक कदम आगे बढ़कर विज्ञान का दामन थामा है। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के तहत खिलाड़ियों की आनुवंशिक (जेनेटिक) बनावट, उनकी शारीरिक क्षमता और खेल के दौरान उनके प्रदर्शन के स्तर को वैज्ञानिक तरीकों से मापा जाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, हर इंसान का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है। किसी की मांसपेशियों में जन्मजात विस्फोटक ताकत (Explosive Strength) होती है, तो कोई लंबी दूरी की दौड़ के लिए बेहतर सहनशक्ति (Endurance) के साथ पैदा होता है। स्पोर्ट्स जीनोमिक्स के जरिए इसी रहस्य को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि सही खिलाड़ी को सही खेल में उतारा जा सके।

सालभर में 2 हजार एथलीटों के सैंपल जुटाने का लक्ष्य

इस योजना के शुरुआती चरण के तहत इस वर्ष कुल 2,000 खिलाड़ियों के जीन सैंपल एकत्र किए जाएंगे। इस प्रक्रिया की शुरुआत भी हो चुकी है, जिसके तहत सबसे पहले गुजरात स्टेट टेनिस एसोसिएशन से जुड़े खिलाड़ियों के सैंपल लिए गए हैं। इस शुरुआती सफलता के बाद अब तीरंदाजी, फेंसिंग (तलवारबाजी), जूडो और शूटिंग के होनहार खिलाड़ियों के सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

योजना के ब्लूप्रिंट के मुताबिक, हर साल लगभग 2,000 सैंपल की जांच का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रकार, अगले पांच वर्षों में कुल 10,000 खिलाड़ियों का एक बड़ा और व्यापक डेटाबेस तैयार किया जाएगा। यह डेटाबेस आने वाले समय में देश की खेल नीतियों और ट्रेनिंग प्रोग्राम की दिशा तय करने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

किन-किन खेलों के एथलीट होंगे इस मेगा प्रोजेक्ट का हिस्सा?

इस कार्यक्रम के दायरे को काफी व्यापक रखा गया है ताकि किसी भी खेल की प्रतिभा छूट न जाए। इसमें लगभग हर प्रमुख खेल को शामिल किया गया है। सूची में शामिल मुख्य खेल इस प्रकार हैं:

  • व्यक्तिगत खेल: एथलेटिक्स, तैराकी, बॉक्सिंग, कुश्ती, जूडो, ताइक्वांडो, जिम्नास्टिक और फेंसिंग।
  • टीम गेम्स: फुटबॉल, हॉकी, हैंडबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, टेनिस, कबड्डी और खो-खो।
  • निशानेबाजी और अन्य: तीरंदाजी, शूटिंग और बुद्धिमत्ता का खेल शतरंज (Chess)।

जीन से क्या-क्या पता लगाया जाएगा?

आम लोगों के मन में यह सवाल आना लाजिमी है कि आखिर जीन से खेल की प्रतिभा का अंदाजा कैसे लगाया जा सकता है? स्पोर्ट्स जीनोमिक्स के जरिए वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश करते हैं कि शरीर की आनुवंशिक संरचना का मांसपेशियों के प्रकार, सहनशक्ति, ऊर्जा के स्तर, चोट लगने की संभावना, और भारी ट्रेनिंग के बाद शरीर की रिकवरी गति से क्या संबंध है।

हालांकि, इस क्षेत्र के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता का आधार केवल उसके जीन नहीं होते। सही कोचिंग, विश्व स्तरीय ट्रेनिंग, संतुलित खान-पान, खेल के प्रति समर्पण और आसपास का माहौल भी खिलाड़ी के संपूर्ण विकास में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं। जीनोमिक्स डेटा का इस्तेमाल केवल इन पारंपरिक पहलुओं को अधिक सटीक और प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा।Image

तैयार होगा 'गुजरात एथलीट जीनोम डेटाबेस' (G-AGD)

इस पूरी योजना के तहत एक विशेष डेटाबेस बनाने का प्रस्ताव है, जिसे 'गुजरात एथलीट जीनोम डेटाबेस' (G-AGD) नाम दिया गया है। इस सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खिलाड़ियों की आनुवंशिक विशेषताओं, शारीरिक मापदंडों और उनके खेल प्रदर्शन के आंकड़ों को एक साथ संचित किया जाएगा।

इस पहल का दीर्घकालिक लक्ष्य गुजरात को एक प्रमुख 'स्पोर्ट्स बायोटेक्नोलॉजी इनोवेशन हब' के रूप में स्थापित करना है। खास बात यह है कि इस पूरे कार्यक्रम को सीधे तौर पर वर्ष 2030 में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि राज्य और देश के युवा एथलीट अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए ज्यादा से ज्यादा पदक जीत सकें।

खिलाड़ियों की गोपनीयता और डेटा सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता

चूंकि जीन और डीएनए से जुड़ी जानकारी किसी भी व्यक्ति की बेहद निजी और संवेदनशील जानकारी होती है, इसलिए सरकार के सामने डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी है। इस बात को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

डेटा लीक न हो और किसी का दुरुपयोग न हो, इसके लिए मजबूत सुरक्षा प्रोटोकॉल, डेटा तक सीमित पहुंच (Limited Access) और दो-स्तरीय बारकोडिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करने की योजना बनाई गई है। इससे खिलाड़ियों का भरोसा इस वैज्ञानिक प्रक्रिया पर पूरी तरह बना रहेगा।

निष्कर्ष: खेल और विज्ञान का एक नया सवेरा

गुजरात सरकार का यह कदम साफ संकेत देता है कि अब भारत में खेलों की दुनिया किस्मत के भरोसे नहीं, बल्कि पक्के विज्ञान और डेटा के आधार पर गढ़ी जाएगी। पारंपरिक प्रतिभा खोज अभियानों के साथ जब जीनोमिक्स तकनीक का यह मेल जुड़ेगा, तो ज़मीनी स्तर से ऐसे अनमोल हीरे निकलकर सामने आएंगे, जो ग्लोबल स्टेज पर तिरंगे का मान बढ़ाएंगे। खेल विज्ञान की इस नई सुबह पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।

About the Author

रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

Writer (स्थानीय खबरें)

रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

Read More