भारतीय रसोई में जब भी किसी खास मौके, त्योहार या संडे के दिन कुछ खास खाने की बात होती है, तो गरमा-गरम पूड़ियों का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। आलू की सब्जी के साथ करारी और फूली हुई पूड़ी का मेल किसे पसंद नहीं होता। लेकिन, कई बार लाख कोशिशों के बावजूद किचन में एक अलग ही जंग छिड़ जाती है। कभी आटा ज्यादा गीला हो जाता है, कभी पूड़ी तेल में जाते ही पापड़ की तरह कड़क हो जाती है, तो कभी वह गेंद की तरह फूलने के बजाय कढ़ाई के तलवे पर ही चिपक कर बैठ जाती है। ऐसे में सारा उत्साह ठंडा पड़ जाता है और मेहमानों या परिवार के सामने भी निराशा हाथ लगती है।
अगर आपके साथ भी अक्सर ऐसा ही होता है और आपकी बनाई पूड़ियां भी फुस्स गुब्बारे की तरह बैठ जाती हैं, तो अब आपको परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आज हम आपको एक ऐसा अचूक और आसान तरीका बताने जा रहे हैं, जिसे अपनाकर न सिर्फ आपकी हर एक पूड़ी एकदम गोल और गुब्बारे की तरह फूलेगी, बल्कि वह ज्यादा तेल भी नहीं सोखेगी। आइए जानते हैं इस सीक्रेट ट्रिक के बारे में।
आटा गूंथने का सही तरीका तय करता है पूड़ी की किस्मत
अक्सर लोग सोचते हैं कि पूड़ी बनाने के लिए सिर्फ मैदा या गेहूं का आटा लेना है और उसमें पानी डालकर गूंथ लेना है। यहीं पर सबसे बड़ी चूक हो जाती है। रोटी का आटा हमेशा मुलायम (soft) गूंथा जाता है, ताकि रोटियां नरम रहें। इसके विपरीत, पूड़ी का आटा अगर आपने रोटी जैसा मुलायम गूंथ लिया, तो वह जरूरत से ज्यादा तेल सोख लेगी और थोड़ी देर बाद रबड़ जैसी खींचने लगेगी।
विशेषज्ञ शेफ और पारंपरिक रसोइये मानते हैं कि पूड़ी का आटा हमेशा थोड़ा सख्त (firm) होना चाहिए। लेकिन सिर्फ सख्त होने से काम नहीं चलेगा, उसमें सही टेक्सचर लाने के लिए आपको गूंथते वक्त एक खास सामग्री का इस्तेमाल करना होगा।
आटा गूंथते समय करें बस यह एक काम
जब आप परात में गेहूं का आटा लें, तो उसमें सामान्य पानी मिलाने से पहले कुछ बुनियादी चीजों का सही संतुलन बनाएं:
- मोहन का इस्तेमाल: आटे में मुट्ठी भर कर मोइन (यानी थोड़ा सा रिफाइंड तेल या शुद्ध घी) डालें और उसे हाथों से अच्छे से मसलें। जब आटा हाथ से मुट्ठी में बंधने लगे, तब समझें कि मोइन बिल्कुल परफेक्ट है। इससे पूड़ियां अंदर से खस्ता और बाहर से करारी बनती हैं।
- गुनगुने पानी का जादू: अब आटे को गूंथने के लिए ठंडे पानी की जगह हल्के गुनगुने पानी (lukewarm water) का इस्तेमाल करें। गुनगुना पानी आटे के ग्लूटेन (gluten) को एक्टिवेट करने में मदद करता है, जिससे पूड़ी बेलते वक्त फटती नहीं है और कढ़ाई में जाते ही चारों तरफ से हवा भरकर फूल जाती है।
- सूजी या मैदे का हल्का टच: यदि आप चाहें तो एक कप गेहूं के आटे में एक छोटी चम्मच सूजी (Rava) मिला सकते हैं। सूजी मिलाने से पूड़ियां लंबे समय तक फूली हुई रहती हैं और जल्दी बैठती नहीं हैं।
गूंधने के बाद का सबसे अहम नियम: रेस्टिंग टाइम
जल्दबाजी में लोग आटा गूंथते ही तुरंत पूड़ियां बेलना शुरू कर देते हैं, जो कि एक बहुत बड़ी गलती है। आटा गूंथने के बाद उसे कम से कम 15 से 20 मिनट के लिए किसी गीले सूती कपड़े से ढककर एक तरफ रख देना चाहिए। इसे कुकिंग की भाषा में 'रेस्टिंग टाइम' कहते हैं।
इस दौरान आटे के अंदर का ग्लूटेन रिलैक्स होता है और नमी आटे के कण-कण में समान रूप से फैल जाती है। जब आप 20 मिनट बाद इस आटे की छोटी-छोटी लोइयां तोड़ेंगे, तो वे इतनी चिकनी और लचीली होंगी कि बिना सूखे आटे (परथन) के भी आसानी से बेली जा सकेंगी।
बेलने और तलने के दौरान इन बातों का रखें खास ख्याल
सिर्फ आटा गूंथने से ही काम नहीं चलता, पूड़ी को कढ़ाई में उतारने तक कुछ छोटी-छोटी सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है:
- परथन का कम से कम इस्तेमाल करें: पूड़ी बेलते समय बहुत ज्यादा सूखे आटे का इस्तेमाल न करें। अगर आप बार-बार सूखे आटे में लोई को लपेटेंगे, तो वह तेल में जाकर सारा सूखा आटा सोख लेगा, जिससे तेल गंदा हो जाएगा और पूड़ियां जलने लगेंगी। जरूरत पड़े तो चकले और बेलन पर थोड़ा सा तेल लगा लें।
- तेल का तापमान (Temperature): पूड़ी तलने के लिए तेल एकदम तेज गर्म होना चाहिए। अगर तेल हल्का गर्म होगा, तो पूड़ी तेल पी जाएगी और फूलेगी नहीं। वहीं, अगर धुआं निकलता हुआ बहुत ज्यादा गर्म तेल होगा, तो पूड़ी डालते ही जल जाएगी। मीडियम-हाई फ्लेम पर तेल को गर्म करें।
- हल्का सा दबाव दें: जैसे ही आप पूड़ी को गरम तेल में डालें, उसे झारे (skimmer) की मदद से हल्का सा नीचे की तरफ दबाएं। ऐसा करने से गर्म तेल का सर्कुलेशन पूरी पूड़ी पर एक साथ पड़ता है और वह तुरंत एक बड़े गुब्बारे की तरह ऊपर उठकर तैरने लगती है। इसके बाद उसे पलटकर दूसरी तरफ से सुनहरा होने तक सेक लें।
तेल क्यों सोख लेती हैं पूड़ियां? जानिए कारण
कई बार गृहणियों की यह शिकायत होती है कि तमाम कोशिशों के बाद भी पूड़ी ने बहुत ज्यादा तेल पी लिया है, जिससे खाते वक्त वह बहुत भारी लगती है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:
1. आटे का बहुत ज्यादा मुलायम होना। 2. तेल का पूरी तरह गर्म न होना (जब तेल ठंडा होता है, तो वह स्पंज की तरह पूड़ी के अंदर समा जाता है). 3. पूड़ी को बहुत ज्यादा मोटा या बहुत ज्यादा पतला बेल देना। पूड़ी की मोटाई चारों तरफ से एक समान होनी चाहिए।
निष्कर्ष
खाना बनाना एक कला है और छोटी-छोटी तकनीकें इस कला को और भी आसान बना देती हैं। अगली बार जब भी आप अपनी रसोई में पूड़ियां बनाने की तैयारी करें, तो आटे में मोइन और गुनगुने पानी का यह फॉर्मूला जरूर आजमाएं। साथ ही, उसे थोड़ा रेस्ट देने के बाद सही तापमान वाले तेल में तलें। यकीन मानिए, आपकी यह छोटी सी कोशिश आपके परिवार और मेहमानों का दिल जीत लेगी और हर कोई आपकी कुकिंग स्किल की तारीफ किए बिना नहीं रह पाएगा। तो देर किस बात की, आज ही इस ट्रिक को अपनाएं और परफेक्ट, फूली हुई और खस्ता पूड़ियों का आनंद लें!