बच्चों के हाथों में स्मार्टफोन देते समय अगर आप बेफिक्र रहते हैं, तो प्रयागराज की यह घटना आपकी नींद उड़ा सकती है। घूरपुर क्षेत्र के बसवार गांव में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र से साइबर अपराधियों ने इंस्टाग्राम के जरिए महज चार दिनों के भीतर 4.47 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने मासूम को लकी ड्रॉ में आईफोन, लैपटॉप और 15 लाख रुपये नकद जीतने का लालच दिया था।
इंस्टाग्राम से शुरू हुआ ठगी का जाल
घटना की शुरुआत 17 जुलाई को हुई, जब छात्र आनंद के मोबाइल पर इंस्टाग्राम के माध्यम से एक अज्ञात फर्जी कंपनी का फोन आया। जालसाज ने बड़े ही शातिर तरीके से छात्र को बताया कि उसने लकी ड्रॉ में एक ब्रांड न्यू आईफोन (iPhone) जीता है। इनाम का फोन मंगाने के लिए पहली बार में 2,000 रुपये का शुल्क मांगा गया।
उत्सुकता में आकर छात्र ने गांव के ही सहज जन सेवा केंद्र के जरिए बताए गए क्यूआर (QR) कोड पर 2,000 रुपये भेज दिए। इसके बाद ठगों को समझ आ गया कि बच्चा उनके झांसे में पूरी तरह आ चुका है।
4 दिन में 4.47 लाख रुपये का झटका
एक बार पैसे मिलने के बाद शातिर अपराधियों ने छात्र को और बड़े सपने दिखाने शुरू किए:
- पहला लालच: आईफोन के साथ महंगा लैपटॉप देने का वादा।
- दूसरा लालच: लकी ड्रॉ टोकन के जरिए 15 लाख रुपये नकद जीतने की बात।
- पैसों की मांग: टैक्स और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 17 जुलाई से 21 जुलाई के बीच किस्तों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए।
मासूम छात्र ठगों के बुने जाल में फंसकर बार-बार पैसे भेजता रहा और महज चार दिन के अंदर कुल 4,47,000 रुपये जालसाजों के क्यूआर कोड में जमा करवा दिए।
जब नहीं मिला इनाम, तब खुला राज
21 जुलाई बीत जाने के बाद भी जब न तो आईफोन मिला और न ही 15 लाख रुपये, तो छात्र को ठगी का अहसास हुआ। घबराए आनंद ने पूरी बात अपने पिता शिवलोचन को बताई। बेटे की बात सुनकर परिजनों के उड़ गए। आनन-फानन में परिजन घूरपुर थाने पहुंचे और तहरीर दी।
पुलिस का बयान: "पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। साइबर सेल की मदद से जिस बैंक खाते और क्यूआर कोड में पैसे गए हैं, उनकी जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को ट्रेस कर लिया जाएगा।"
- अतुल मिश्रा, थाना प्रभारी, घूरपुर
अभिभावकों के लिए बेहद जरूरी सलाह
सोशल मीडिया पर बच्चों को निशाना बनाने वाले गिरोह काफी सक्रिय हैं। ऐसे मामलों से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- बच्चों को समझाएं कि इंटरनेट पर कोई भी अनजान व्यक्ति मुफ़्त में महंगे गिफ्ट या पैसे नहीं देता।
- ऑनलाइन पेमेंट या जन सेवा केंद्र का उपयोग करते समय बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें।
- संदिग्ध मैसेज या कॉल आने पर तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्प लाइन पर संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: सोशल मीडिया पर लकी ड्रॉ स्कैम से कैसे बचें?
किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर विश्वास न करें जो आपको बिना किसी प्रतियोगिता के विजेता घोषित करे। कोई भी असली कंपनी इनाम देने के बदले पैसे नहीं मांगती।
Q2: साइबर ठगी होने पर कहां शिकायत करें?
घटना के तुरंत बाद राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
Q3: प्रयागराज पुलिस इस मामले में क्या कदम उठा रही है?
घूरपुर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम बैंक खातों और यूपीआई आईडी के आधार पर अपराधियों की लोकेशन और पहचान की जांच कर रही है।