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रांची में छात्रों की जीत! 14वीं JPSC परीक्षा रद्द, अब CID करेगी पूरे मामले की जांच

रांची में छात्रों की जीत! 14वीं JPSC परीक्षा रद्द, अब CID करेगी पूरे मामले की जांच

झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों युवाओं के हुंकार और उनके हक की लड़ाई का गवाह बनी हुई है। पिछले कई दिनों से लगातार चल रहे जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) अभ्यर्थियों के उग्र प्रदर्शन के आगे आखिरकार हेमंत सोरेन सरकार को झुकना ही पड़ा। प्रशासनिक हलकों से आ रही सबसे बड़ी खबर यह है कि सरकार ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द करने पर अपनी सहमति जता दी है। इसके साथ ही, पूरे मामले की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सीआईडी (CID) जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।

छात्रों का गुस्सा और सड़कों पर उतरा जनसैलाब

रांची की सड़कों पर पिछले कुछ दिनों से जो नजारा देखने को मिल रहा था, उसने प्रशासन की नींद उड़ा दी थी। दूर-दराज के जिलों से आए हजारों छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए थे। युवाओं का आरोप था कि परीक्षा प्रणाली में बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है, जिससे उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। छात्रों का यह आंदोलन धीरे-धीरे इतना उग्र हो गया कि सरकार के लिए इसे नजरअंदाज करना नामुमकिन हो गया था।

ठंड और पुलिस की सख्ती के बावजूद युवा अपनी जिद पर अड़े थे। उनका साफ कहना था कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं देती, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। इस दौरान राज्य के कई विपक्षी दलों ने भी छात्रों के इस आंदोलन का समर्थन किया, जिससे सरकार पर राजनीतिक दबाव और अधिक बढ़ गया था।

मैराथन बैठकों के बाद निकला समाधान

स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सरकार हरकत में आई। गतिरोध को समाप्त करने के लिए कैबिनेट मंत्री दीपिका पांडेय सिंह को आगे किया गया। आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों और मंत्री दीपिका पांडेय के बीच एक के बाद एक दो दौर की लंबी और मैराथन बैठकें हुईं।

  • पहली बैठक: प्राथमिक मांगों और छात्रों के गुस्से को शांत करने पर केंद्रित रही।
  • दूसरी बैठक: इसमें ठोस बिंदुओं पर चर्चा हुई, जहां सरकार ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने पर सहमति जताई।

सूत्रों के अनुसार, सरकार और छात्रों के बीच हुई इस उच्चस्तरीय वार्ता में यह तय हुआ कि छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके बाद ही परीक्षा रद्द करने का यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।

अब सीआईडी (CID) करेगी हर एक पहलू की जांच

केवल परीक्षा रद्द करना ही इस आंदोलन का अंत नहीं है, बल्कि छात्रों की मांग थी कि इस पूरे प्रकरण में जो लोग भी दोषी हैं, उन्हें बेनकाब किया जाए। छात्रों की इस मांग को मानते हुए सरकार ने सीआईडी जांच की घोषणा की है।

"यह युवाओं के संघर्ष की जीत है। सरकार ने हमारी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। हमें उम्मीद है कि सीआईडी जांच निष्पक्ष होगी और दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा।" - (एक आंदोलनकारी छात्र प्रतिनिधि का बयान)

सीआईडी अब यह खंगालेगी कि आखिर परीक्षा के आयोजन में कहां-कहां चूक हुई, पेपर लीक या अन्य गड़बड़ियों के पीछे किसका हाथ था और इसमें किन प्रशासनिक अधिकारियों या संस्थाओं की संलिप्तता थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद और भी कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

आगे क्या होगा? छात्रों और सरकार के लिए अगला कदम

परीक्षा रद्द होने और सीआईडी जांच के आदेश के बाद फिलहाल रांची में स्थिति नियंत्रण में और शांत है। छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है, हालांकि उनका यह भी कहना है कि वे तब तक पूरी तरह आश्वस्त नहीं होंगे जब तक सरकार की ओर से आधिकारिक और लिखित अधिसूचना (Notification) जारी नहीं कर दी जाती।

विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड जैसे राज्य में जहां रोजगार और परीक्षाएं हमेशा से एक संवेदनशील मुद्दा रही हैं, यह फैसला सरकार के लिए डैमेज कंट्रोल का काम कर सकता है। आगामी चुनावों और युवाओं के मूड को देखते हुए हेमंत सरकार कोई भी जोखिम उठाने के मूड में नहीं दिखती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: क्या 14वीं JPSC परीक्षा पूरी तरह रद्द हो गई है?

हाँ, सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच हुई बैठक में 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने पर सहमति बन गई है, और जल्द ही इसकी आधिकारिक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

Q2: इस मामले की जांच कौन सी एजेंसी करेगी?

परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी और छात्रों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए इस पूरे मामले की जांच झारखंड पुलिस की अपराध अनुसंधान विभाग यानी CID को सौंपी गई है।

Q3: सरकार की ओर से कौन वार्ता के लिए आगे आया था?

छात्रों और सरकार के बीच मध्यस्थता करते हुए कैबिनेट मंत्री दीपिका पांडेय ने आंदोलनकारी छात्रों के साथ मैराथन बैठकें कीं और समाधान निकाला।

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अनुराधा दुबे

अनुराधा दुबे

Content Writer

अनुराधा दुबे एक समर्पित और अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जो भारत से जुड़ी राजनीतिक, सामाजिक और नीतिगत खबरों को गहराई से समझकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। उन...

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