गुरदासपुर के सीमावर्ती गांव सहूर में शनिवार की रात धान की पराली की गांठें बनाने वाले एक बेलर मालिक और किसान पर अज्ञात हमलावर ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गनीमत यह रही कि पीड़ित किसान इस जानलेवा हमले में बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और पीड़ित के बयानों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
पंजाब के गुरदासपुर जिले के अंतर्गत आने वाले कलानौर ब्लॉक के सहूर गांव में यह सनसनीखेज वारदात हुई है। पीड़ित किसान और बेलर मालिक की पहचान कैप्टन सिंह पुत्र अजैब सिंह के रूप में हुई है, जो इसी गांव के निवासी हैं। कैप्टन सिंह धान की कटाई के बाद खेतों में पराली की गांठें (बेल) तैयार करने का व्यावसायिक कार्य करते हैं।
रात के समय घात लगाकर किया गया हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार रात लगभग सवा नौ बजे की है। पीड़ित कैप्टन सिंह अपना काम खत्म करने के बाद अपने गांव सहूर लौटे थे। जैसे ही वह अपने घर के पास पहुंचे, गांव के ही एक युवक ने अंधेरे का फायदा उठाकर उन पर अचानक गोली चला दी। गोली की आहट और खतरे भांपते ही कैप्टन सिंह फुर्ती दिखाते हुए तुरंत जमीन पर नीचे बैठ गए, जिससे उनकी जान बच गई।
पीड़ित ने पुलिस को दिए अपने बयानों में बताया कि हमलावर द्वारा चलाई गई गोली इतनी नजदीक से गुजरी कि उनके सिर पर बंधा परना (पगड़ी का हिस्सा) उतर गया और उसमें छर्रों के निशान भी मिले हैं। पहली गोली से बचने के बावजूद हमलावर रुका नहीं और मौके से भागते हुए उसने दो और फायर किए, जिसके बाद वह अंधेरे का लाभ उठाकर फरार होने में सफल रहा।
पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस महकमे में हलचल मच गई। थाना कलानौर के प्रभारी (SHO) अमनदीप सिंह तुरंत पुलिस बल के साथ सहूर गांव पहुंचे। इसके अलावा दोस्तपुर पुलिस चौकी की टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए।
पुलिस ने पीड़ित कैप्टन सिंह की शिकायत और बयानों के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण पुलिस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और जल्द ही आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने का दावा किया जा रहा है।