वर्धा जिले के 60 हजार से अधिक पात्र किसानों के लिए पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना के तहत 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी का मार्ग प्रशस्त हो गया है। जिला प्रशासन ने योजना के तहत आने वाले किसानों से अपील की है कि वे बिना किसी विलंब के अपना आधार प्रमाणीकरण और ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा कर लें, ताकि सहायता राशि समय पर उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा सके।
जिलाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इस कल्याणकारी योजना का लाभ उन किसानों को मिलेगा जिन्होंने निर्धारित समयावधि यानी 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के दौरान राष्ट्रीयकृत बैंकों, जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों या निजी बैंकों से फसल ऋण लिया था और जो 31 मार्च 2026 तक बकायादार बने हुए थे। ऐसे सभी पात्र कर्जदारों का दो लाख रुपये तक का बकाया कर्ज माफ किया जाएगा।
योजना के नियम और प्रोत्साहन राशि के प्रावधान
प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जिन किसानों पर दो लाख रुपये से अधिक की ऋण राशि बकाया है, उन्हें 'एकमुश्त समझौता योजना' के नियमों का पालन करना होगा। ऐसे किसानों को दो लाख रुपये से ऊपर की अतिरिक्त राशि का भुगतान पहले स्वयं करना होगा, जिसके बाद उन्हें योजना के तहत दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी का लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा, वित्तीय वर्षों 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के दौरान लगातार तीन में से किन्हीं दो वर्षों में नियमित रूप से कर्ज का भुगतान करने वाले किसानों को विशेष प्रोत्साहन राशि का लाभ भी दिया जाएगा।
पोर्टल पर सूचियां उपलब्ध और 882 नए नाम जुड़े
इस योजना के तहत वर्धा जिले के अब तक कुल 60,753 पात्र किसानों की सूचियां संबंधित पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी हैं। प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 22 अक्टूबर 2026 को 882 किसानों की एक नई सूची प्राप्त हुई है, जिसे पोर्टल पर शामिल कर लिया गया है। जिन किसानों के नाम इन सूचियों में दर्ज हैं, उन्हें विभाग की ओर से उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आधिकारिक संदेश भी भेजे जा रहे हैं।
ई-केवाईसी और आधार प्रमाणीकरण की अनिवार्यता
जिन किसानों को संदेश प्राप्त हुए हैं, उनके लिए यह अनिवार्य है कि वे अपना आधार कार्ड और एग्री स्टैक नंबर लेकर नजदीकी 'आपले सरकार सेवा केंद्र', कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या अपनी संबंधित बैंक शाखा में जाएं। इन केंद्रों पर आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क की जा रही है। जब तक यह प्रमाणीकरण पूरा नहीं होता, तब तक कर्जमुक्ति की आधिकारिक राशि किसानों के बैंक खातों में जमा नहीं की जा सकेगी। वर्तमान स्थिति के अनुसार, जिले में अभी भी 18,119 ऋण खातों का ई-केवाईसी प्रमाणीकरण लंबित है, जिसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
हेयरकट फॉर्मूले से तय होगी एनपीए की राशि
बैंकों द्वारा सुझाए गए विशेष हेयरकट फॉर्मूले के आधार पर एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) की तिथि के अनुसार कर्जमाफी की वास्तविक राशि तय की जाएगी। प्रशासनिक नियमों के तहत, यदि 31 मार्च 2026 की बकाया राशि से कम रकम भी जमा होती है, तो भी शेष बची हुई राशि किसानों को अपनी जेब से नहीं भरनी होगी और इसके लिए संबंधित बैंक द्वारा भी कोई मांग नहीं की जाएगी।