राजस्थान के शहरी इलाकों की राजनीति का आज सबसे बड़ा दिन है। प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के लिए हुए चुनावों के नतीजे आज घोषित किए जा रहे हैं, जिससे साफ हो जाएगा कि अगले कुछ सालों तक शहरी सरकारों की कमान किसके हाथ में होगी। इस बार का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा है, क्योंकि कुल 38,889 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे जिनकी किस्मत का फैसला आज होना है। सुबह से ही मतगणना केंद्रों पर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हैं।
कड़े मुकाबले के बाद आज साफ होगी तस्वीर
राज्य के विभिन्न जिलों में फैले इन 309 नगरीय निकायों में कुल 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगर पालिकाएं शामिल हैं। इतने बड़े पैमाने पर हो रही मतगणना के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शुरुआती रुझानों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है और दोपहर तक यह पूरी तरह साफ हो जाएगा कि किस दल को शहरी मतदाताओं का सबसे ज्यादा समर्थन मिला है।
इस चुनाव में राजनीतिक दलों के साथ-साथ कई बागी और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी मुख्य मुकाबला त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय बना दिया है। ऐसे में कई जगह कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है, जहां जीत-हार का अंतर महज कुछ ही वोटों का हो सकता है।
इन निकायों पर टिकी हैं पूरे प्रदेश की निगाहें
- 10 नगर निगम: बड़े शहरों की सरकार बनाने को लेकर राजनीतिक दलों के बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
- 47 नगर परिषद: अर्ध-शहरी और जिला मुख्यालयों के इन निकायों में स्थानीय मुद्दों ने बड़ा असर दिखाया है।
- 252 नगर पालिकाएं: ग्रामीण और शहरी सीमा से लगे कस्बों में जनता ने किसे चुना है, इसका फैसला आज हो जाएगा।
बोर्ड गठन की प्रक्रिया होगी शुरू
जैसे-जैसे परिणाम घोषित होते जाएंगे, विजेता पार्षदों के नामों की सूची सामने आएगी। इसके बाद अब सभापति, मेयर और अध्यक्ष पद के चुनाव की सरगर्मी तेज हो जाएगी। बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल करने के लिए जोड़-तोड़ की राजनीति भी शुरू होने की पूरी संभावना है। कई जगहों पर निर्दलीय पार्षद 'किंगमेकर' की भूमिका निभाते नजर आ सकते हैं, जिनकी पूछ परख अब अचानक बढ़ गई है।
प्रशासन मुस्तैद, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
मतगणना स्थलों पर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मतगणना कक्षों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और केवल अधिकृत लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से पूरा कराया जा रहा है।
शाम तक सभी 309 निकायों के अंतिम आंकड़े सामने आने की उम्मीद है। इसके बाद स्पष्ट हो जाएगा कि राजस्थान की शहरी जनता ने विकास के मोर्चे पर किस पार्टी की नीतियों पर मुहर लगाई है।