राजस्थान के मौसम मिजाज में इन दिनों लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सितंबर 2026 के इस दौर में मानसून की विदाई से पहले बादलों ने एक बार फिर प्रदेश के कई हिस्सों में डेरा डाल लिया है। मौसम केंद्र जयपुर की ताजा चेतावनी के अनुसार, राज्य के कुल 29 जिलों में आज बारिश का यलो अलर्ट घोषित किया गया है। इस अचानक आए बदलाव से जहां एक तरफ लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं किसानों और आम जनजीवन के लिए भी यह अपडेट बेहद महत्वपूर्ण है।
इन जिलों पर मेहरबान रहेंगे बदरा, मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, एक नया परिसंचरण तंत्र (Cyclonic Circulation) सक्रिय होने के कारण राज्य के पूर्वी और पश्चिमी दोनों ही संभागों में इसका असर देखने को मिलेगा। जिन 29 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है, उनमें राजधानी जयपुर समेत अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, और उदयपुर शामिल हैं।
इसके अलावा पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों जैसे जोधपुर, नागौर, पाली और बाड़मेर में भी हल्के से मध्यम दर्जे के मेघगर्जन के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि इन इलाकों में अचानक तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली (Vajrapat) गिरने का भी खतरा बना हुआ है।
आमजन और किसानों के लिए जरूरी निर्देश
मौसम के इस रुख को देखते हुए आपदा प्रबंधन और राहत विभाग ने भी पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या कमजोर निर्माण वाली जगहों पर शरण लेने से बचें। खासकर ग्रामीण इलाकों में किसानों को अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है ताकि बारिश से किसी प्रकार का नुकसान न हो सके।
- खराब मौसम के समय खुले खेतों या पेड़ों के नीचे जाने से बचें।
- वाहन चलाते समय गति धीमी रखें, क्योंकि सड़कों पर दृश्यता (Visibility) कम हो सकती है।
- बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मर से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
- प्रशासन द्वारा जारी किए जा रहे ताजा अपडेट्स पर लगातार नजर रखें।
तापमान में आएगी गिरावट, उमस से मिलेगी राहत
बीते कुछ दिनों से लगातार धूप खिलने के कारण प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा था, जिससे उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही थी। इस मौसमी बदलाव के बाद अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज किए जाने की संभावना है। ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सुहाना हो जाएगा और लोगों को इस उमस से बड़ी राहत मिलेगी।
आगे कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि सितंबर के मध्य तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रह सकता है। हालांकि, महीने के आखिरी हफ्ते तक मानसून की आधिकारिक विदाई की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। तब तक इस तरह के दौर आते-जाते रहेंगे। यदि आप आज सफर करने की सोच रहे हैं या घर से बाहर निकल रहे हैं, तो अपने साथ छाता जरूर रखें और मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज बिल्कुल न करें।