Breaking
► मुस्कान मर्डर केस का मुख्य आरोपी इमरान पुलिस एनकाउंटर में घायल, दोनों पैरों में लगी गोली ► Chandra Grahan 2026: साल का आखिरी चंद्र ग्रहण शुरू, जानें भारत में इसका असर और टाइमिंग ► नेपाल बाढ़ का खौफनाक मंजर: चितवन की मोर्चरी में अपनों को तलाशते बेबस लोग ► ऑपरेशन सिंदूर और S-400 का राज: पाकिस्तान की नापाक चाल का पर्दाफाश ► Aaj Ka Rashifal 28 August 2026: रक्षाबंधन और चंद्रग्रहण पर इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानिए क्या कहते हैं आपके सितारे ► IIT Madras का कमाल! अब सिर्फ 5 मिनट में पता चलेगी धमनियों की असली उम्र ► रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026: जानिए राखी बांधने का सबसे सटीक और शुभ मुहूर्त ► चंदौली में कर्मनाशा नदी किनारे दिखा मगरमच्छ, ग्रामीणों में खौफ ► BPSC TRE-4 Exam Pattern Changed: दो परीक्षाओं का फैसला रद्द, सम्राट सरकार ने मानी छात्रों की मांग ► Aaj Ka Rashifal 28 August 2026: रक्षाबंधन और चंद्रग्रहण पर चमकेंगी इन राशियों की किस्मत ► मुस्कान मर्डर केस का मुख्य आरोपी इमरान पुलिस एनकाउंटर में घायल, दोनों पैरों में लगी गोली ► Chandra Grahan 2026: साल का आखिरी चंद्र ग्रहण शुरू, जानें भारत में इसका असर और टाइमिंग ► नेपाल बाढ़ का खौफनाक मंजर: चितवन की मोर्चरी में अपनों को तलाशते बेबस लोग ► ऑपरेशन सिंदूर और S-400 का राज: पाकिस्तान की नापाक चाल का पर्दाफाश ► Aaj Ka Rashifal 28 August 2026: रक्षाबंधन और चंद्रग्रहण पर इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानिए क्या कहते हैं आपके सितारे ► IIT Madras का कमाल! अब सिर्फ 5 मिनट में पता चलेगी धमनियों की असली उम्र ► रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026: जानिए राखी बांधने का सबसे सटीक और शुभ मुहूर्त ► चंदौली में कर्मनाशा नदी किनारे दिखा मगरमच्छ, ग्रामीणों में खौफ ► BPSC TRE-4 Exam Pattern Changed: दो परीक्षाओं का फैसला रद्द, सम्राट सरकार ने मानी छात्रों की मांग ► Aaj Ka Rashifal 28 August 2026: रक्षाबंधन और चंद्रग्रहण पर चमकेंगी इन राशियों की किस्मत

रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026: जानिए राखी बांधने का सबसे सटीक और शुभ मुहूर्त

रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026: जानिए राखी बांधने का सबसे सटीक और शुभ मुहूर्त

भाई-बहन के प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन इस वर्ष 2026 में बेहद खास संयोग लेकर आया है। साल के इस सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित त्योहार को लेकर देश भर में उत्साह का माहौल है। आज, यानी 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को यह पावन पर्व मनाया जा रहा है। पर्व के दौरान हर बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उसकी लंबी उम्र, सुख और समृद्धि की कामना कर रही है।

धार्मिक अनुष्ठानों और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, किसी भी पर्व की सार्थकता उसके सही समय और मुहूर्त पर निर्भर करती है। रक्षाबंधन के दिन भी विधि-विधान और शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जाता है ताकि इसका पूर्ण फल प्राप्त हो सके। आइए जानते हैं वर्ष 2026 के इस पावन अवसर पर राखी बांधने के लिए कौन सा समय सबसे उत्तम और फलदायी है।

रक्षाबंधन 2026: शुभ मुहूर्त और समय की पूरी जानकारी

पंचांग के अनुसार, आज 28 अगस्त 2026 को पूर्णिमा तिथि और शुभ योगों का एक अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। इस बार राखी बांधने के लिए सुबह का समय सबसे सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

  • राखी बांधने का कुल शुभ समय: सुबह 5:57 बजे से लेकर सुबह 9:48 बजे तक।
  • शुभ मुहूर्त की कुल अवधि: 3 घंटे 51 मिनट।
  • पूर्णिमा तिथि की समाप्ति: 28 अगस्त को सुबह ठीक 9:48 से 9:49 बजे के आसपास।

विशेषज्ञों के अनुसार, चूंकि पूर्णिमा तिथि सुबह 9:48 या 9:49 बजे तक ही मान्य है, इसलिए बहनों के पास अपने भाइयों को रक्षा सूत्र बांधने के लिए सुबह का यह करीब चार घंटे का समय सबसे महत्वपूर्ण और उपयुक्त है।

भद्रा काल का साया नहीं: इस बार पूरी तरह से सुरक्षित है राखी का दिन

त्योहारों में अक्सर 'भद्रा काल' को लेकर लोगों के मन में एक प्रकार की दुविधा और चिंता बनी रहती है। ज्योतिष शास्त्र में भद्रा काल के दौरान राखी बांधना वर्जित माना गया है। लेकिन इस वर्ष रक्षाबंधन मनाने वाले परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर है।

इस वर्ष (2026) भद्रा का साया मुख्य पर्व के दिन नहीं है। पंचांग के अनुसार, भद्रा 27 अगस्त को ही अपनी समयावधि पूरी कर चुकी है। इसका अर्थ यह है कि 28 अगस्त की सुबह पूरी तरह से भद्रा रहित है। सूर्योदय के साथ ही वातावरण पूरी तरह से शुद्ध और सकारात्मक है, जिससे किसी भी प्रकार के संकोच या असमंजस के बिना सुबह-सुबह ही राखी बांधने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

क्या पत्नी पति को राखी बांध सकती है? जानिए धार्मिक और पौराणिक मान्यता

आमतौर पर समाज में रक्षाबंधन को भाई-बहन के रिश्ते के रूप में ही देखा जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों में इसके दायरे को और भी व्यापक बताया गया है? आज के इस आधुनिक और जागरूक दौर में यह सवाल अक्सर पूछा जाता है कि क्या एक पत्नी अपने पति को राखी बांध सकती है?

इस प्रश्न का उत्तर पूरी तरह से 'हाँ' है। पौराणिक कथाओं और ग्रंथों में इस बात का स्पष्ट उल्लेख मिलता है। आइए इसके ऐतिहासिक और धार्मिक संदर्भ को समझते हैं:

  • पौराणिक प्रसंग: देवराज इंद्र और असुरों के बीच जब भयंकर युद्ध छिड़ने वाला था, तब उनकी पत्नी इंद्राणी (जिसे शची भी कहा जाता है) ने अपने पति की रक्षा और उनकी विजय सुनिश्चित करने के लिए उनके दाहिने हाथ पर एक रक्षासूत्र (धार्मिक धागा) बांधा था।
  • रिश्तों की गहराई: रक्षाबंधन का मूल अर्थ केवल एक भाई और बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसी भी ऐसे व्यक्ति की लंबी उम्र, स्वास्थ्य, सफलता और सुरक्षा की कामना करने का प्रतीक है, जिससे आपका गहरा आत्मीय रिश्ता जुड़ा हो।
  • पारिवारिक सामंजस्य: कई संस्कृतियों और परिवारों में पत्नियां अपने पतियों की दीर्घायु और संकटों से रक्षा के लिए रक्षा सूत्र बांधती हैं, जो उनके आपसी प्रेम और समर्पण को और अधिक मजबूत करता है।

त्योहार मनाते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

चूंकि इस वर्ष शुभ मुहूर्त सुबह 9:48 बजे तक ही सीमित है, इसलिए जिन लोगों ने सुबह जल्दी उठकर पूजा-पाठ और राखी बांधने का कार्य कर लिया है, उन्होंने इस सुअवसर का पूरा लाभ उठाया है। हालांकि, यदि किन्हीं कारणों से सुबह के मुख्य मुहूर्त में देरी हो गई हो, तो भी दिनभर बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेने और अपने स्नेही जनों के साथ इस पर्व की खुशियां बांटने का सिलसिला जारी रहता है।

पारंपरिक रूप से थाली सजाना, रोली, चावल, दीपक और मिष्ठान के साथ भाई या अपने प्रियजनों का तिलक करना इस पर्व की खूबसूरती को बढ़ाता है। यह दिन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आपसी रिश्तों में मिठास घोलने और एक-दूसरे के जीवन में सुरक्षा और सकारात्मकता का संकल्प लेने का दिन है।

संक्षेप में कहें तो, वर्ष 2026 का यह रक्षाबंधन सभी के जीवन में नई ऊर्जा, उमंग और खुशियां लेकर आया है। भद्रा का कोई व्यवधान न होने के कारण सभी ने शांति और उल्लास के साथ इस पर्व का आनंद लिया है।

About the Author

अनुराधा दुबे

अनुराधा दुबे

Content Writer (देश खबरें)

अनुराधा दुबे एक समर्पित और अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जो भारत से जुड़ी राजनीतिक, सामाजिक और नीतिगत खबरों को गहराई से समझकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। उन...

Read More