कभी-कभी आसमान से बरसने वाली राहत कब आफत बन जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक ऐसी ही चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जहां लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश के चलते उफनती बेलन नदी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।
डीह पुल डूबा, 12 गांवों का मुख्य मार्ग से कटा संपर्क
रीवा जिले के तराई अंचल में पिछले 24 घंटों से जारी भारी बारिश के कारण बेलन नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। नदी के तेज बहाव और बढ़ते पानी के चलते प्रसिद्ध डीह पुल पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। पुल के ऊपर से कई फीट पानी बह रहा है, जिसके कारण इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है।
इस पुल के डूबने से आसपास के करीब 12 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय और मुख्य मार्ग से कट गया है। इन गांवों के ग्रामीणों के सामने अब दैनिक कार्यों के लिए भी आवागमन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्कूली बच्चों, कामकाजी लोगों और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सोनौरी पुलिस चौकी और पावर हाउस में घुसा पानी
बेलन नदी का कहर सिर्फ सड़कों और पुलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका पानी अब रिहायशी और प्रशासनिक इलाकों में भी घुसने लगा है। मिली जानकारी के अनुसार, बाढ़ का पानी सोनौरी पुलिस चौकी और रायपुर सोनौरी स्थित पावर हाउस के परिसर में भर गया है।
- सोनौरी पुलिस चौकी: पानी भरने से पुलिसकर्मियों को कामकाज में भारी परेशानी आ रही है।
- पावर हाउस: बिजलीघर में पानी घुसने से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
- निचली बस्तियां: पानी के फैलाव से आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर, SDERF की टीम तैनात
हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। त्योंथर क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। किसी भी अनहोनी या आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDERF) की टीम को मौके पर तैनात कर दिया गया है। यह टीम हर स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है और रेस्क्यू उपकरणों के साथ तैयार है।
"प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रभावित इलाकों में मुनादी कराई जा रही है। लोगों से अपील है कि वे किसी भी कीमत पर जोखिम न उठाएं।" - स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी
प्रशासन के कड़े निर्देश और अधिकारियों का दौरा
स्थिति का जायजा लेने के लिए त्योंथर के तहसीलदार पारस मिश्रा और जनपद पंचायत सीईओ प्रवीण बांसोड लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। वे जमीनी स्तर पर हालात की निगरानी कर रहे हैं और स्थानीय लोगों से संवाद बनाए हुए हैं।
आम जनता के लिए जरूरी निर्देश:
- 1. नदी-नालों से दूर रहें: उफनती हुई नदियों या पुलों को पार करने की भूल बिल्कुल न करें।
- 2. अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी भ्रामक खबर पर भरोसा न करें, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें।
- 3. आपातकाल में संपर्क करें: किसी भी समस्या या आपात स्थिति में तुरंत प्रशासनिक हेल्पलाइन या तैनात एसडीईआरएफ टीम से संपर्क करें।
फिलहाल, रीवा और त्योंथर क्षेत्र में बारिश का दौर थमा नहीं है, जिससे लोगों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान और लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आने वाले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: रीवा में बेलन नदी का जलस्तर क्यों बढ़ा है?
Ans: रीवा जिले के तराई अंचल में पिछले 24 घंटों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के कारण बेलन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
Q2: डीह पुल डूबने से कितने गांवों पर असर पड़ा है?
Ans: डीह पुल के जलमग्न होने से करीब 12 गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह टूट गया है।
Q3: प्रशासन द्वारा सुरक्षा के क्या कदम उठाए गए हैं?
Ans: त्योंथर क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित किया गया है, एसडीईआरएफ (SDERF) की टीम तैनात है और अधिकारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।