महाराष्ट्र के बहुचर्चित समृद्धि महामार्ग पर अक्टूबर के पहले सप्ताह में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था। इस दर्दनाक दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले सात अभागों के परिवारों और गंभीर रूप से घायलों के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए अब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री सहायता निधि से तत्काल वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं, जिससे पीड़ित परिवारों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद बंध गई है।
अक्टूबर की उस मनहूस रात का दर्दनाक मंजर
घटना इसी महीने यानी अक्टूबर 2026 की शुरुआत (2 अक्टूबर की मध्यरात्रि) की है, जब समृद्धि हाईवे पर धामणगांव और पुलगांव के बीच काल ने ऐसा तांडव मचाया कि कई हंसते-खेलते परिवार उजड़ गए। सिंदी मेघे स्थित सोमनाथे ले-आउट के दुर्गादेवी मंडल के कुछ उत्साही कार्यकर्ता एक वाहन में सवार होकर कहीं जा रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।
तेज रफ्तार वाहन की एक खड़े या अनियंत्रित ट्रक से हुई जोरदार टक्कर इतनी भयानक थी कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई। इस भीषण हादसे में कुल सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत एवं बचाव दल तुरंत हरकत में आया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर तुरंत उठाये गए कदम
हादसे की भयावहता को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने तत्परता दिखाते हुए पीड़ितों की सुधि ली। पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने इस कठिन घड़ी में आगे आकर कमान संभाली। उन्होंने सीधे राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से संपर्क साधा और एक औपचारिक निवेदन सौंपकर प्रभावित परिवारों के पुनर्वास तथा इलाज के लिए वित्तीय मदद की पुरजोर मांग की।
डॉ. भोयर द्वारा सौंपे गए इस विशेष निवेदन पर मुख्यमंत्री ने बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई की। मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सीएम फडणवीस ने मुख्यमंत्री सहायता कक्ष के प्रमुख को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे बिना किसी प्रशासनिक विलंब के सभी मृतकों के वारिसों और घायलों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया को पूरा करें।
घायलों का अस्पताल में चल रहा है इलाज
इस हादसे में जो 25 लोग घायल हुए थे, उनकी स्थिति को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। तहसीलदार द्वारा सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, धामणगांव ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराए गए छह मामूली घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों की देखरेख में छुट्टी दे दी गई है, जो अब अपने घरों पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
दूसरी ओर, सावंगी अस्पताल में अभी भी 19 गंभीर घायलों का इलाज युद्ध स्तर पर जारी है। डॉक्टरों की विशेष टीमें इन घायलों की दिन-रात देखभाल कर रही हैं ताकि उन्हें जल्द से जल्द स्वस्थ किया जा सके। पालकमंत्री ने इन सभी घायलों के चिकित्सा खर्च का पूरा बोझ मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता निधि से उठाने का आग्रह किया है ताकि गरीब परिवारों पर इलाज का आर्थिक संकट न आए।
जिलाधिकारी की रिपोर्ट और सहायता प्रक्रिया में तेजी
घटना के तुरंत बाद स्थानीय तहसीलदार ने मौके का मुआयना कर प्राथमिक रिपोर्ट तैयार की। इस रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से भी मृतकों के वारिसों को आर्थिक सहायता प्रदान करने का आधिकारिक प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया था।
अब जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से सीधे आदेश जारी हो चुके हैं, तो इस पूरी प्रक्रिया में अभूतपूर्व तेजी आने की पूरी संभावना है। प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है और माना जा रहा है कि आने वाले कुछ ही दिनों में पीड़ितों के बैंक खातों या वैध माध्यमों से आर्थिक सहायता राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।
पीड़ित परिवारों के लिए बनेगी संबल
दुर्गादेवी मंडल के इन कार्यकर्ताओं की अचानक हुई मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कई परिवार ऐसे हैं जिनमें कमाने वाला इकलौता सदस्य था। ऐसी विकट परिस्थिति में सरकार द्वारा मिलने वाली यह आर्थिक सहायता उनके लिए एक बड़ा संबल साबित होगी।
आम जनता और स्थानीय नागरिकों ने भी सरकार के इस संवेदनशील और त्वरित निर्णय की सराहना की है। हालांकि, इस प्रकार के हादसों पर रोक लगाने के लिए समृद्धि महामार्ग पर सुरक्षा के इंतजामों को और पुख्ता करने की मांग भी लगातार उठाई जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक सड़क हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके।
