बिहार के सारण जिले में प्रकृति का विकराल रूप देखने को मिल रहा है, जहां अचानक आए बाढ़ के पानी ने भारी तबाही मचा दी है। पानापुर इलाके में मुख्य तटबंध के टूटने के बाद से ही स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। सुबह-सुबह अचानक तटबंध टूटने से पानी तेजी से रिहाइशी इलाकों और दर्जनों गांवों में घुस गया, जिससे स्थानीय लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। लोग अपनी जान बचाने और मवेशियों को सुरक्षित निकालने के लिए ऊंचे स्थानों की तरफ भागते नजर आए।
इस विकट परिस्थिति को देखते हुए सरकार और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गए हैं। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियानों का संचालन शुरू कर दिया है। प्रभावित इलाकों में स्थिति पर पल-पल की नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी अनहोनी से तुरंत निपटा जा सके और जरूरतमंदों तक फौरन मदद पहुंचाई जा सके।
युद्धस्तर पर जुटीं NDRF और SDRF की 19 टीमें
बाढ़ का दायरा लगातार नए इलाकों में फैल रहा है, जिसे रोकने और बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों से एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की अतिरिक्त टीमों को तुरंत सारण के लिए रवाना किया गया है।
इससे पहले से ही जिले में एनडीआरएफ की 5 और एसडीआरएफ की 3 टुकड़ियां तैनात थीं। लेकिन हालात की गंभीरता को भांपते हुए इस बेड़े को और मजबूत किया गया है:
- बेतिया से एनडीआरएफ की 3 अतिरिक्त टीमें भेजी गई हैं।
- गोपालगंज से 2 और भागलपुर से 2 टीमें बुलाई गई हैं।
- सुपौल से एनडीआरएफ की 1 अतिरिक्त टीम मोर्चा संभालने पहुंच रही है।
- इसके अलावा मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण से एसडीआरएफ की 4 विशेष टीमें भी सारण पहुंच चुकी हैं।
इस प्रकार अब कुल मिलाकर एनडीआरएफ की 12 और एसडीआरएफ की 7 यानी कुल 19 प्रशिक्षित टीमें मैदान में डटी हुई हैं। इन टीमों के पास आधुनिक उपकरणों के साथ-साथ कुल 50 से अधिक नावें, सैकड़ों लाइफ जैकेट और लाइफबॉय मौजूद हैं, जिनकी मदद से पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है।
वायुसेना के हेलिकॉप्टरों से हो रही राशन की एयरड्रॉपिंग
जिन इलाकों में पानी का स्तर बहुत ज्यादा है और सड़कों के जरिए पहुंचना नामुमकिन हो गया है, वहां राहत सामग्री पहुंचाने के लिए वायुसेना की मदद ली जा रही है। भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टरों के जरिए आसमान से खाने-पीने के पैकेट गिराए जा रहे हैं।
प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, अब तक हजारों राशन के पैकेट एयरड्रॉप किए जा चुके हैं और शाम तक इनकी संख्या में भारी बढ़ोतरी की जाएगी। इसके अलावा, राज्य के दूसरे जिलों से भी राहत सामग्री का बड़ा जखीरा सारण भेजा जा रहा है:
- पटना से 10,000 राशन पैकेट
- सिवान से 15,000 राशन पैकेट
- भोजपुर, बक्सर और वैशाली से 5-5 हजार राशन पैकेट
- कुल मिलाकर विभिन्न जिलों से लगभग 40,000 राशन पैकेट प्रभावित परिवारों के लिए भेजे जा चुके हैं।
75,000 पॉलिथीन शीट का वितरण
घर-बार छोड़कर खुले आसमान के नीचे या ऊंचे बांधों पर शरण लेने वाले परिवारों के लिए छत की व्यवस्था करना इस वक्त प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसे ध्यान में रखते हुए दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी और समस्तीपुर जैसे जिलों से कुल 75,000 पॉलिथीन शीट सारण भेजी जा रही हैं, ताकि लोग तिरपाल की मदद से अपने लिए अस्थायी ठिकाना बना सकें।
आपातकालीन स्थिति के लिए हेल्पलाईन नंबर जारी
जिला प्रशासन लगातार राहत कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आपदा की इस घड़ी में किसी भी नागरिक को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। यदि किसी भी व्यक्ति या परिवार को मदद की तत्काल आवश्यकता हो, तो वह राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के टोल-फ्री नंबर 1070 पर संपर्क कर सकता है। प्रशासन की टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड पर काम कर रही हैं।