ग्लासगो में 5 से 8 नवंबर तक होने वाली 12वीं कॉमनवेल्थ कराटे चैंपियनशिप-2026 में वाराणसी के गौरव मौर्य भारत का प्रतिनिधित्व संभालेंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाने के लिए तैयार गौरव इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पदक अपने नाम करने के कड़े इरादे के साथ मैट पर उतरेंगे।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर के रहने वाले गौरव मौर्य ने अपनी खेल यात्रा और कड़ी मेहनत के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर खास पहचान बनाई है। वर्तमान में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में अपनी आधिकारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के बावजूद, उन्होंने अपने अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण को बनाए रखा है। उनकी यह उपलब्धि अनुशासन, निरंतर अभ्यास और लक्ष्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का बेहतरीन उदाहरण मानी जाती है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले भी लहरा चुके हैं परचम
गौरव मौर्य का खेल करियर कई बड़ी सफलताओं से सुसज्जित रहा है। उन्होंने इससे पहले भी वैश्विक मंचों पर देश के लिए पदक जीते हैं। वर्ष 2019 में चीन में आयोजित 18वें वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया था। इसके बाद, वर्ष 2022 में नीदरलैंड्स में संपन्न 19वें वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में उन्होंने अपने खेल का स्तर और ऊंचा करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया।
पुलिस और अर्धसैनिक बलों की प्रतियोगिताओं के अलावा उन्होंने मुख्यधारा की राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिताओं में भी सफलता प्राप्त की है। उन्होंने ऑल इंडिया पुलिस गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है। इसके साथ ही, वर्ष 2018 में कराटे इंडिया (केएआई) की अंडर-21 जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया था। इन तमाम सफलताओं के बाद अब ग्लासगो की कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप उनके करियर का अगला बड़ा पड़ाव है।
वाराणसी के खेल जगत में उत्साह, देशवासियों से की अपील
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 5 से 8 नवंबर तक आयोजित होने वाली इस चैंपियनशिप में गौरव का चयन होने से वाराणसी के खेलप्रेमियों और स्थानीय खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह है। स्थानीय खेल जगत को उम्मीद है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर बेहतरीन प्रदर्शन कर देश और अपने शहर का नाम रोशन करेंगे।
अपनी इस आगामी चुनौती को लेकर गौरव मौर्य पूरी तरह आश्वस्त और प्रतिबद्ध नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपनी तैयारी और भावना को साझा करते हुए कहा, “मेरा मुख्य लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का तिरंगा ऊंचा करना और देश के लिए पदक जीतना है।” उन्होंने देशवासियों से समर्थन और शुभकामनाओं की अपील करते हुए विश्वास दिलाया है कि वह इस प्रतियोगिता में अपना शत-प्रतिशत और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देंगे।