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सेनेगल के अफ्रीका कप फाइनल अपील पर नवंबर अंत तक आएगा CAS का फैसला

सेनेगल के अफ्रीका कप फाइनल अपील पर नवंबर अंत तक आएगा CAS का फैसला

मोरक्को को विजेता घोषित करने के CAF के फैसले के खिलाफ सेनेगल की अपील पर खेल पंचाट अदालत (CAS) अगले महीने यानी नवंबर के अंत तक अपना अंतिम फैसला सुनाएगी।

कोर्ट ऑफ़ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) ने सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया है कि इस कानूनी प्रक्रिया में कुछ सप्ताह का समय और लगेगा, जिसके तहत नवंबर 2026 के अंत तक CAS अवार्ड (निर्णय) जारी किए जाने की उम्मीद है।

विवाद की पृष्ठभूमि और फाइनल मुकाबला

यह पूरा मामला इस साल जनवरी में रबात में खेले गए अफ्रीका कप ऑफ़ नेशंस (AFCON) के फाइनल मुकाबले से जुड़ा है। उस मैच में सेनेगल ने मेजबान मोरक्को को अतिरिक्त समय के बाद 1-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया था। हालांकि, कन्फेडरेशन ऑफ़ अफ्रीकन फुटबॉल (CAF) ने बाद में इस परिणाम को पलट दिया और मोरक्को को आधिकारिक तौर पर टूर्नामेंट का चैंपियन घोषित कर दिया।

मैच के दौरान निर्धारित समय के अंतिम क्षणों में मोरक्को को एक पेनल्टी मिलने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। इस निर्णय से नाराज सेनेगल के खिलाड़ियों ने लगभग 14 मिनट तक मैदान से वॉकआउट कर दिया था और विरोधस्वरूप कुछ खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम में भी चले गए थे, हालांकि बाद में मैच फिर से शुरू हुआ था।

मैदान छोड़ने और मैच forfeiting का विवाद

मैदान पर मोरक्को वह पेनल्टी चूक गया था, जिसके बाद मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम में गया और सेनेगल ने विजयी गोल दागकर मैच जीत लिया। लेकिन इस घटना के दो महीने बाद, CAF की अपील बोर्ड ने फैसला सुनाया कि मैदान से बाहर जाने के कारण सेनेगल ने मैच छोड़ दिया था (forfeited)। इसके आधार पर मैच का परिणाम पलट दिया गया और मोरक्को को 3-0 से विजेता घोषित कर दिया गया।

इस फैसले के खिलाफ सेनेगल ने तुरंत 25 मार्च को CAS में अपील दर्ज कराई थी। लगभग छह महीने की लंबी प्रक्रिया के बाद, गत 8 अक्टूबर को लॉज़ेन स्थित CAS मुख्यालय में सेनेगल, मोरक्को और CAF के पक्षों की दलीलें सुनी गईं। सेनेगल का मुख्य तर्क यह है कि रेफरी का निर्णय अंतिम होता है और उसी ने मैच को पूरा होने की अनुमति दी थी।CAS की सुनवाई और पैनल के सदस्य

शुरुआती सुनवाई के दौरान CAS के डायरेक्टर जनरल मैथ्यू रीब ने स्वीकार किया था कि फाइनल के बाद से प्रशंसकों के लिए यह एक लंबा इंतजार रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया था कि मामले के तथ्य पहले से तय और स्पष्ट हैं, तथा बहस मुख्य रूप से प्रक्रियात्मक मुद्दों और कानूनी पहलुओं पर केंद्रित रही है।

इस मामले की सुनवाई करने वाले CAS पैनल की अध्यक्षता फ्रांसीसी खेल कानून विशेषज्ञ गेरार्ड साइमन कर रहे हैं। उनके साथ इतालवी अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रोफेसर लुइगी फुमागाली और हैम्बर्ग स्थित वकील तथा ज्यूरिख विश्वविद्यालय के कानून के प्रोफेसर उल्लिखित उलरिश हास इस पैनल में शामिल हैं।

खेल पंचाट अदालत (CAS) के फैसलों को 'अवार्ड' कहा जाता है, जिनका कानूनी महत्व किसी राष्ट्रीय अदालत के निर्णय के समान होता है। परिस्थितियों के अनुसार इन फैसलों को खेल महासंघों या राज्य की अदालतों द्वारा लागू कराया जा सकता है।

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गुंजा पांडेय

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Chief Sub Editor

गुंजा पांडेय तेज़ी से बदलती खबरों की दुनिया में अपनी पकड़ के लिए जानी जाती हैं। वे खेल और विज्ञान जैसे विषयों को न सिर्फ अपडेटेड रखती हैं, बल्कि उन...

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