बनारस के सूर्य सरोवर पर आस्था का अनूठा संगम
संतान की लंबी आयु, आरोग्य और सुख-समृद्धि के लिए रखे जाने वाले कठोर व्रतों में शुमार जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) का पर्व इस वर्ष शनिवार को अत्यंत उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। वाराणसी के बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) परिसर स्थित ऐतिहासिक सूर्य सरोवर के तट पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में हजारों की संख्या में माताएं और महिलाएं शामिल हुईं। सुबह से ही सरोवर के घाटों पर व्रती महिलाओं का तांता लगा रहा, जिससे पूरे इलाके में भक्तिमय और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला।
पारंपरिक विधि-विधान और लोकगीतों के बीच महिलाओं ने निर्जला व्रत के बाद सरोवर के पावन जल के समीप माता जितिया की आराधना की। इस दौरान माताओं के चेहरों पर अटूट श्रद्धा और संतान के प्रति वात्सल्य का भाव साफ झलक रहा था। सूर्य सरोवर के घाटों को भव्य रूप से सजाया गया था, जिससे इस अनुष्ठान की दिव्यता और अधिक बढ़ गई थी।
अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाया उत्साह
इस भव्य आयोजन की गरिमा बढ़ाने के लिए बरेका के कई वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर बरेका के प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर मनीष कुमार ने शिरकत की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
अतिथियों ने सूर्य सरोवर पर पहुंचकर व्रती माताओं का हाल जाना और समिति द्वारा किए गए प्रबंधों की सराहना की। अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। बरेका प्रशासन और जीवित्पुत्रिका पूजा समिति के आपसी समन्वय से यह आयोजन पूरी तरह सफल रहा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन, गूंजे पारंपरिक गीत
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सूर्य सरोवर परिसर में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। स्थानीय कलाकारों और बच्चों ने पारंपरिक लोकगीतों और नृत्यों की ऐसी प्रस्तुतियां दीं कि पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
- पारंपरिक जितिया गीतों ने माताओं के उत्साह को दोगुना किया।
- सांस्कृतिक मंच पर प्रस्तुत नृत्य नाटिकाओं ने भारतीय संस्कृति की अनूठी छाप छोड़ी।
- कर्मचारियों और उनके परिजनों ने बढ़-चढ़कर इन कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
सांस्कृतिक संध्या ने धार्मिक माहौल में एक नई ऊर्जा भर दी, जहाँ हर उम्र के लोग कला और संस्कृति के इस संगम में सराबोर नजर आए।
सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के मेधावी हुए सम्मानित
इस वर्ष जीवित्पुत्रिका पूजा समिति ने केवल धार्मिक अनुष्ठान तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि युवाओं और बच्चों में बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक सामान्य ज्ञान लिखित प्रतियोगिता का भी आयोजन किया था। समारोह के दौरान इसी प्रतियोगिता के विजेता मेधावी प्रतिभागियों को मुख्य अतिथियों के हाथों पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
आयोजकों का यह प्रयास बेहद सराहनीय रहा, क्योंकि इससे बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। पुरस्कार पाने वाले बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी और अभिभावकों ने भी समिति की इस पहल की भूरी-भरी प्रशंसा की।
गरिमामयी उपस्थिति और प्रबंधन में इनकी रही मुख्य भूमिका
इस आयोजन को सफल बनाने में जीवित्पुत्रिका पूजा समिति के पदाधिकारियों और बरेका के वरिष्ठ अधिकारियों ने दिन-रात एक कर दिया था। कार्यक्रम में समिति के संरक्षक एवं बरेका के मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (उत्पादन एवं विपणन) राम जन्म चौबे, सह संरक्षक एवं उप मुख्य अभिकल्प इंजीनियर बीपी गुप्ता, उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर राजेश कुमार, और उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर मनोज कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इसके साथ ही वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी राजकुमार गुप्ता, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, और सहायक कार्मिक अधिकारी राम प्रवेश यादव ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। समिति के संस्थापक हरिशंकर यादव, अध्यक्ष आरएन सिंह, उपाध्यक्ष पंकज श्रीवास्तव, कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश सिंह और महामंत्री ऋतुराज सिंह यादव समेत अन्य सदस्यों ने आगंतुकों का स्वागत किया और कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित किया।
सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजामों के बीच संपन्न हुआ यह पर्व एक बार फिर बरेका परिसर में सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता की मिसाल पेश कर गया। देर शाम तक सूर्य सरोवर के तट पर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा और सभी ने आपसी सौहार्द के साथ इस पवित्र पर्व का समापन किया।