इतिहास के पन्नों में दर्ज वह गौरवशाली गाथा, जिसने हैदराबाद के निजाम के शासन से मुक्ति पाने के लिए अदम्य साहस का परिचय दिया था, एक बार फिर ठाणे की धरती पर जीवंत होने जा रही है। मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम की ऐतिहासिक स्मृतियों को संजोने और देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले शहीदों के बलिदान को याद करने के लिए मराठवाड़ा जनविकास परिषद, ठाणे की ओर से एक भव्य और गरिमामयी समारोह का आयोजन किया जा रहा है। रविवार, 27 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
गडकरी रंगायतन नाट्यगृह में सजेगा महफिल-ए-इतिहास
ठाणे के प्रतिष्ठित गडकरी रंगायतन नाट्यगृह में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक यह विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें महाराष्ट्र की राजनीति और शासन के शीर्ष चेहरे शिरकत कर रहे हैं। कार्यक्रम में राज्य के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे, वहीं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे प्रमुख अतिथि के रूप में इस गरिमामयी सभा की शोभा बढ़ाएंगे।
खास बात यह है कि राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा का इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के सिलसिले में ठाणे शहर का यह पहला दौरा होगा। इसे लेकर स्थानीय प्रशासन और आयोजकों द्वारा सुरक्षा और स्वागत के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस पूरे समारोह की अध्यक्षता मराठवाड़ा जनविकास परिषद के अध्यक्ष अण्णासाहेब टेकाले करेंगे।
प्रताप सरनाईक को मिलेगा प्रतिष्ठित 'मराठवाड़ा मित्र पुरस्कार'
इस समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों का सम्मान है। धाराशिव जिले के पालकमंत्री के रूप में विकास कार्यों को नई गति देने और प्रशासनिक दक्षता का परिचय देने के लिए राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को महामहिम राज्यपाल के हाथों 'मराठवाड़ा मित्र पुरस्कार' से नवाजा जाएगा। मंत्री प्रताप सरनाईक के समर्थकों और क्षेत्र के लोगों में इस घोषणा के बाद से ही जश्न का माहौल है।
इस अवसर पर ठाणे लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद नरेश मस्के और ठाणे शहर के विधायक संजय केलकर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहकर इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बनेंगे।
इन 6 दिग्गज हस्तियों को मिलेगा 'मराठवाड़ा रत्न'
मराठवाड़ा की माटी का नाम देश और दुनिया में रोशन करने वाली 6 चुनिंदा हस्तियों को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए 'मराठवाड़ा रत्न पुरस्कार' प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार पाने वालों की सूची में विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गज शामिल हैं:
- कृषि क्षेत्र: कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी योगदान और किसानों के उत्थान के लिए पद्मश्री श्रीरंग उर्फ दादा लाड।
- प्रशासनिक सेवा: उत्कृष्ट प्रशासनिक कौशल के लिए डॉ. महेंद्र कल्याणकर।
- शिक्षा क्षेत्र: शिक्षा जगत में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए डॉ. मंगेश कराड।
- पत्रकारिता: अपनी निष्पक्ष और दमदार कलम के लिए जाने-माने पत्रकार अतुल कुलकर्णी।
- अनुसंधान (Research): विज्ञान और शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए डॉ. मुकुंद अडसूल।
- खेल जगत: खेल के मैदान पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले सनी फुलमाली।
स्वामी रामानंद तीर्थ के जीवन पर विशेष व्याख्यान
केवल पुरस्कार वितरण तक ही यह कार्यक्रम सीमित नहीं है, बल्कि बौद्धिक और सांस्कृतिक रूप से भी इसे बेहद समृद्ध बनाया गया है। कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध वक्ता गिरीश घाटे द्वारा हैदराबाद मुक्ति संग्राम के महानायक स्वामी रामानंद तीर्थ के जीवन और उनके संघर्षों पर एक विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया जाएगा। यह व्याख्यान युवा पीढ़ी को इतिहास के उन संघर्षमय अध्यायों से रूबरू कराएगा जो आज की स्वतंत्र हवा में सांस लेने के पीछे की असली नींव हैं।
इसके साथ ही, मराठवाड़ा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कला और परंपरा को दर्शाने वाले भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देंगी।
विरासत, स्वाभिमान और जन-विकास का संगम
मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस का यह आयोजन महज एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह उन अमर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के अप्रतिम त्याग को एक सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर इस क्षेत्र को स्वतंत्रता दिलाई थी। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में मील का पत्थर साबित होने वाले इन नायकों को सम्मानित करके आयोजकों ने नई पीढ़ी के सामने प्रेरणा का एक अनूठा उदाहरण पेश किया है।
राज्यपाल और उपमुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में हो रहा यह सांस्कृतिक और बौद्धिक समागम इस बात का प्रमाण है कि महाराष्ट्र सरकार अपनी ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक स्वाभिमान को सहेजने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ठाणे में होने जा रहा यह आयोजन आने वाले दिनों में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का एक मुख्य केंद्र बना रहेगा।