मध्य प्रदेश का धार्मिक शहर उज्जैन इस समय एक संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। शहर के बीचों-बीच स्थित शाही मस्जिद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था का दायरा लगातार पांचवें दिन भी पूरी तरह से कड़ा रखा गया है। आज जुमे की नमाज के मद्देनजर प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। हालात की नजाकत को भांपते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने मस्जिद से करीब 500 मीटर के दायरे को पूरी तरह से सील कर दिया है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
कड़े सुरक्षा इंतजाम और ड्रोन से निगरानी
शाही मस्जिद के आसपास के इलाकों में छावनी जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। प्रशासन द्वारा एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का भी भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। आसमान से ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे इलाके की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या भीड़भाड़ को तुरंत नियंत्रित किया जा सके। इसके अलावा, गलियों और चौराहों पर हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनका लाइव फीड पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंच रहा है।
सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि शहर की शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को भी तैनात किया गया है ताकि स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा का भाव बना रहे और असामाजिक तत्वों के मंसूबे नाकाम हो जाएं।
500 मीटर की बैरिकेडिंग और यातायात डायवर्जन
जुमे की नमाज को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने भी व्यापक स्तर पर रूट डायवर्जन प्लान लागू किया है। शाही मस्जिद की ओर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर लोहे के मजबूत बैरिकेड्स खड़े कर दिए गए हैं। मस्जिद से 500 मीटर पहले ही आम वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
- मस्जिद के 500 मीटर के दायरे में केवल पैदल श्रद्धालुओं को ही कड़ी चेकिंग के बाद प्रवेश दिया जा रहा है।
- मुख्य मार्गों से गुजरने वाले ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों की तरफ मोड़ दिया गया है, जिससे आम जनता को भी ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना न करना पड़े।
- स्थानीय निवासियों को भी अपने घरों में आने-जाने के लिए पहचान पत्र दिखाने की अनिवार्यता तय की गई है।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की सीधी नजर
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उज्जैन के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) समेत तमाम आला अधिकारी लगातार फील्ड में बने हुए हैं। वे खुद ड्रोन कैमरों के फुटेज और पुलिस चौकियों पर तैनात जवानों की गतिविधियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने शहरवासियों से लगातार यह अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली भ्रामक जानकारियों से पूरी तरह सावधान रहें।
खुफिया तंत्र (Intelligence Agency) को भी पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी साजिश या असामाजिक तत्वों की हरकतों का समय रहते पता लगाया जा सके। शांति समिति की बैठकों के जरिए शहर के दोनों पक्षों के प्रबुद्ध नागरिकों से भी लगातार संवाद स्थापित किया जा रहा है, ताकि आपसी भाईचारा और सौहार्द बना रहे।
उज्जैन की जनता से शांति बनाए रखने की अपील
धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण इस शहर में प्रशासन की यह सख्ती सुरक्षा कारणों से बेहद जरूरी मानी जा रही है। पिछले कुछ दिनों से शहर में जिस तरह का माहौल बना हुआ है, उसके बाद से पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरी तरह से मुस्तैद है। अधिकारियों का साफ कहना है कि कानून तोड़ने वालों या माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों से बेहद सख्ती से निपटा जाएगा।
जुमे की इस नमाज के बाद भी पुलिस बल कुछ दिनों तक इसी तरह तैनात रहेगा ताकि स्थिति पूरी तरह से सामान्य और नियंत्रण में बनी रहे। स्थानीय बाजार और आम जनजीवन हालांकि सुचारू रूप से चल रहा है, लेकिन लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर एक सतर्कता साफ तौर पर देखी जा सकती है।