अमेठी के जामों विकासखंड में गरीबों का सरकारी राशन हड़पने वाले निलंबित कोटेदार पचईराम के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
अमेठी जिले के जामों विकासखंड के राजामऊ गांव में गरीबों के हिस्से का सरकारी राशन हड़पने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन की जांच में 57 क्विंटल से अधिक खाद्यान्न और चीनी गायब मिलने के बाद निलंबित कोटेदार के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अमेठी जिले के जामों विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत राजामऊ के निलंबित कोटेदार पचईराम के खिलाफ सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अनियमितता बरतने और खाद्यान्न गबन के आरोप में पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। यह पूरी कार्रवाई जिला प्रशासन के निर्देश पर पूर्ति विभाग की तकनीकी और भौतिक जांच के आधार पर सुनिश्चित की गई है।
ग्रामीणों की शिकायत से खुला था मामला
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत स्थानीय ग्रामीणों की शिकायतों से हुई थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि कोटेदार पचईराम ने सितंबर माह का राशन वितरित करने के नाम पर उपभोक्ताओं से ई-पॉश मशीन पर अंगूठा तो लगवा लिया, लेकिन उन्हें वास्तविक खाद्यान्न नहीं दिया गया। राशन से वंचित होने पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मामले की प्रशासनिक जांच के आदेश दिए थे। प्रारंभिक जांच में वितरण के दौरान गंभीर अनियमितताएं पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी के अनुमोदन से 14 अक्टूबर को आरोपी कोटेदार पचईराम की उचित दर दुकान को निलंबित कर दिया गया था। इसके साथ ही कार्डधारकों के सुचारू वितरण के लिए इस दुकान को नजदीki घाटमपुर के कोटेदार महेश कुमार से संबद्ध कर दिया गया था और अवशेष खाद्यान्न, ई-पॉश मशीन तथा अन्य उपकरण नए कोटेदार को सौंपने के निर्देश दिए गए थे।
भौतिक सत्यापन में सामने आया बड़ा अंतर
प्रक्रिया के दौरान घाटमपुर के कोटेदार महेश कुमार ने यह शिकायत की थी कि उन्हें दुकान से नियमानुसार अवशेष राशन प्राप्त नहीं हुआ है। इस शिकायत के बाद मामले की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए 27 अक्टूबर को पूर्ति निरीक्षक सत्येंद्र प्रसाद ने राजामऊ स्थित उचित दर दुकान का भौतिक सत्यापन किया।
अभिलेखीय आंकड़ों के अनुसार दुकान में 31.29 क्विंटल गेहूं और 46.95 क्विंटल चावल होना चाहिए था। हालांकि, जब मौके पर स्टॉक की जांच की गई तो केवल आठ क्विंटल गेहूं और 13 क्विंटल चावल ही मौजूद मिला। इस प्रकार कुल 23.29 क्विंटल गेहूं और 33.95 क्विंटल चावल यानी कुल 57.24 क्विंटल सरकारी खाद्यान्न कम पाया गया। इसके अलावा, आवंटन रिकॉर्ड में दर्ज 45 किलोग्राम चीनी का भी कोई अता-पता नहीं चला।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई
भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट सामने आने के बाद पूर्ति विभाग ने प्रशासनिक अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजा। जिलाधिकारी से 30 अक्टूबर को मुकदमा दर्ज कराने की औपचारिक अनुमति मिलने के बाद, पूर्ति निरीक्षक सत्येंद्र प्रसाद ने 31 अक्टूबर को थाना जामों में लिखित तहरीर दी।
थाना जामों के थानाध्यक्ष विनोद सिंह ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी कोटेदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।