गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर नए फुट ओवरब्रिज (एफओबी) के निर्माण कार्य में अब तेजी देखने को मिल रही है। प्लेटफार्मों पर तेजी से खड़े हो रहे कालम ने यात्रियों के लिए जल्द ही सुगम आवागमन की नई उम्मीद जगा दी है।
रेलवे स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों के तहत प्लेटफार्म संख्या एक, तीन-चार, पांच-छह और नौ पर कुल 27 कालम पूरी तरह तैयार हो चुके हैं। इसके साथ ही, प्लेटफार्म सात-आठ पर भी कालम लगाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। इस पूरी परियोजना के तहत कुल 29 कालम स्थापित किए जाने हैं। सभी कालमों का निर्माण कार्य पूरा होने के तुरंत बाद एफओबी की लांचिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा, जिससे परियोजना को अंतिम रूप देने में मदद मिलेगी।
तय समयसीमा चूकने के बाद बढ़ी सक्रियता
योजना के मुताबिक, इस नए फुट ओवरब्रिज का नवनिर्माण कार्य दिसंबर 2025 तक पूरा हो जाना चाहिए था। निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बाद जब यात्रियों और स्थानीय स्तर पर दबाव बढ़ा, तो निर्माण संगठन के उच्च अधिकारियों ने यह आश्वासन दिया था कि छठ पर्व तक हर हाल में निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा। हालांकि, छठ पर्व नजदीक आने के बावजूद कार्य पूरी तरह संपन्न नहीं हो सका है, जिससे यात्रियों की मुश्किलें बनी हुई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में निर्माण कार्य की धीमी गति और गति शक्ति की सुस्त रफ्तार को लगातार प्रमुखता से उठाया गया था, जिसके बाद अब कार्य में कुछ तेजी आई है।
रोजाना एक लाख यात्रियों का होता है आवागमन
विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होने की प्रक्रिया से गुजर रहे गोरखपुर जंक्शन से रोजाना 100 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है और हर रोज लगभग एक लाख यात्री यहां से सफर करते हैं। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही के लिए वर्तमान में केवल दो पतले फुट ओवरब्रिज ही विकल्प के रूप में बचे हैं। इन दोनों एफओबी के बीच की दूरी लगभग एक किलोमीटर है, जो यात्रियों के लिए खासी असुविधाजनक है।त्योहारों या व्यस्त समय में जब इन संकरे पुलों पर भारी भीड़ जमा होती है, तो आवागमन किसी चुनौती से कम नहीं रहता। स्थिति यह हो जाती है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुगम आवाजाही को लेकर स्टेशन प्रबंधन और सुरक्षा बलों की चिंताएं बढ़ जाती हैं, और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
तीन साल से बंद है मुख्य एफओबी
यात्रियों की परेशानी की मुख्य वजह यह है कि रेलवे स्टेशन का मुख्य फुट ओवरब्रिज 16 सितंबर 2023 से ही पूरी तरह बंद चल रहा है। मुख्य एफओबी के बंद हुए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन रेलवे प्रशासन अभी तक इसका कोई स्थायी विकल्प या नया पुल तैयार नहीं कर पाया है। मजबूरन हजारों यात्रियों को केवल दो संकरे फुट ओवरब्रिज के सहारे ही प्लेटफार्मों तक आना-जाना पड़ रहा है।
अन्य विकास कार्यों और तकनीकी खराबी ने बढ़ाई मुश्किल
स्टेशन पर बुनियादी ढांचे के विकास के बीच लिफ्ट और एस्केलेटर की आए दिन रहने वाली खराबी यात्रियों की समस्याओं को और बढ़ा देती है। इसके अलावा स्टेशन परिसर में की गई जगह-जगह बैरिकेडिंग, खोदे गए गड्ढे, तोड़फोड़ और धीमी गति से चल रहे अन्य भवन निर्माण कार्यों के कारण यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ताजा निर्माण तेजी को देखते हुए अब यह उम्मीद की जा रही है कि नए साल तक यात्रियों को इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकेगी।