रबी सीजन में खेती करने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर, विभागीय पोर्टल पर करना होगा ऑनलाइन आवेदन
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में रबी सीजन के दौरान आलू की खेती की तैयारी कर रहे किसानों को जिला उद्यान विभाग की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। विभाग ने आलू की उन्नत किस्मों के बीजों की खरीद पर किसानों को प्रति क्विंटल एक हजार रुपये का अनुदान देने का निर्णय लिया है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण बीज कम लागत में मिल सकें और पैदावार में सुधार हो सके।
कुफरी प्रजातियों के बीज होंगे उपलब्ध
जिला उद्यान अधिकारी विमल कांत ने इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को उद्यान विभाग के माध्यम से आलू की प्रमुख उन्नत प्रजातियां उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें मुख्य रूप से कुफरी बहार, कुफरी सिंदूरी, कुफरी बादशाह और कुफरी संगम जैसी उन्नत किस्में शामिल हैं। उद्यान अनुभाग लखनऊ द्वारा इन सभी प्रजातियों की बिक्री दर 2,980 रुपये से लेकर 3,630 रुपये प्रति क्विंटल के बीच निर्धारित की गई है। गुणवत्तापूर्ण बीजों के उपयोग से फसल की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और प्रति एकड़ उत्पादन में भी इजाफा होता है।
आवेदन प्रक्रिया और नियम
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को आधिकारिक पोर्टल www.potato.uphorticulture.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। आवेदन करते समय किसानों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे कम से कम दो अलग-अलग प्रजातियों का चयन करें। पोर्टल पर आवेदन स्वीकृत होने के बाद किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नकद भुगतान कर बीज क्रय करना होगा।
सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी अनुदान राशि
उद्यान विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसानों द्वारा बीज खरीदे जाने के बाद सत्यापन प्रक्रिया पूरी होगी। इसके पश्चात पात्र किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से एक हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से अनुदान की धनराशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस वित्तीय सहायता से किसानों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा और वे बड़े पैमाने पर उन्नत बीजों को अपनाकर अपनी आय को बढ़ा सकेंगे।